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Karwa Chauth 2022 Chand Puja Vidhi, Time: करवा चौथ पर कैसे करें चांद की पूजा और क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त, जानें

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  • Updated Oct 13, 2022, 04:28 PM IST

Karwa Chauth 2022 Chand Puja Vidhi, Time, Mantra, Aarti in Hindi: करवा चौथ व्रत चांद की पूजा करके ही खोला जाता है। इसलिए इस दौरान हर महिला को चांद निकलने का बेसब्री से इंतजार रहता है।

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Karwa Chauth 2022 Chand Puja Vidhi, Time: करवा चौथ पर चांद पूजा का महत्व और विधि

KEY HIGHLIGHTS
  • करवा चौथ पर चांद पूजा सबसे जरूरी मानी जाती है। महिलाएं चांद देखकर ही अपना उपवास खोलती हैं।
  • महिलाएं इस दिन चांद को छलनी से देखती हैं फिर इसके बाद उसी छलनी से अपने पति को देखती हैं।
  • चांद पूजा की कहानी गणेश जी से जुड़ी है।

Karwa Chauth 2022 Chand Puja Vidhi, Time, Mantra, Aarti in Hindi: कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला त्योहार करवा चौथ सुहागिन महिलाओं के लिए काफी खास होता है। इस दिन चांद की पूजा का विशेष महत्व होता है। करवा चौथ पर महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। शाम के समय भगवान की विधि विधान पूजा करती हैं और करवा चौथ व्रत की कथा सुनती हैं। इसके बाद चांद निकलने का इंतजार करती हैं। चांद निकलने के बाद उसे अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलती हैं। जानिए चांद पूजा की पूरी विधि और मंत्र यहां।

करवा चौथ 2022 चंद्रोदय समय (Karwa Chauth 2022 Moonrise Time)

पंचांग अनुसार करवा चौथ पर चांद रात 8 बजकर 9 मिनट पर उदय होगा। महिलाओं को सुझाव है कि वो अपनी पूजा इससे पहले ही संपन्न कर लें। फिर चांद की पूजा कर अपना व्रत खोलें।

करवा चौथ पर कैसे करें चांद की पूजा Karwa Chauth 2022 Chand Puja Vidhi

  • करवा चौथ पर शाम में पूजा करने के बाद रात में चांद की पूजा की जाती है।
  • शाम के समय चंद्रोदय से पहले पूरे शिव-परिवार यानि शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी और कार्तिकेय जी की पूजा होती है।
  • इस दिन सभी सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चाँद को अर्घ्य देकर पानी पीती हैं।
  • करवा चौथ की पूजा में सुहागिन महिलाएं छलनी में जलते हुए दीपक को रखती हैं।
  • फिर इस छलनी से दीपक की रोशनी में सबसे पहले चांद को देखती हैं और उसे अर्घ्य देती हैं।
  • उसके बाद उसी छलनी से अपने पति को देखती हैं।
  • फिर पति अपनी पत्नी को पानी और मिठाई खिलाकर इस व्रत को पूरा करवाते हैं।
Karwa Chauth 2022 Arti & Puja Mantra

इस दिन क्यों करते हैं चांद की पूजा? पौराणिक कथा अनुसार जिस दिन भगवान शिव ने गणेश जी का सिर धड़ से अलग किया था, उस दौरान उनका सिर सीधे चंद्रलोक में चला गया था। मान्यता है कि आज भी उनका सिर चंद्रलोक में मौजूद है। जैसा कि गणपति जी को ये वरदान मिला था कि किसी भी पूजा से पहले उनकी पूजा की जाएगी इसलिए करवाचौथ वाले दिन भी भगवान गणेश की सबसे पहले पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार गणेश का सिर चंद्रलोक में होने के कारण करवा चौथ वाले दिन चंद्रमा की खास पूजा की जाती है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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