Kartik Purnima Upay 2023: दिनांक 27 नवम्बर को कार्तिक पूर्णिमा है। इस दिन पूजा व व्रत का विशेष महत्व है।कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा व गुरु के बीज मंत्र का जप करें मन की एकाग्रता के लिए पूर्णिमा की रात्रि विशेष ध्यान पूजा का भी विधान है। गुरु की शुभता में वृद्धि के लिए श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ भी आवश्यक है। आइए अब जानते हैं प्रत्येक राशि के अनुसार पूर्णिमा को दैहिक,दैविक तथा भौतिक संतापों को दूर करने के सरल उपाय। यहां देखें राशि के अनुसार उपाय के बारे में।
मेष-हनुमान जी की पूजा करें। 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।गुड़ का दान करें। अपने वजन के बराबर गेहूं का दान कष्टों से मुक्ति दिलाएगा।
वृष-श्री सूक्त का पाठ करें। चावल तथा चीनी का दान करें।गोशाला में गाय को गुड़ व पालक खिलाएं।विहंगों को दाना पानी दें।
मिथुन-श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें।मूंग की दाल का दान करें गरीबों में कम्बल का दान करना लाभकारी है। ऊनी वस्त्र दान करें।
कर्क-शिव उपासना करें। दुर्गासप्तशती का पाठ करें। अपने वजन के बराबर चावल का दान करें।
सिंह-श्री आदित्यहृदय स्तोत्र का तीन बार पाठ करें। गेहूं व गुड़ का दान करें।
कन्या-श्री रामरक्षास्तोत्र का पाठ करें। कम्बल दान करें। बुध के बीज मंत्र का जप करें।
तुला-श्री गणेश व लक्ष्मी पूजा करें। गरीबों में ऊनी वस्त्रों का दान करें। तिल व उड़द का दान भी आवश्यक है।
वृश्चिक- सूर्योपासना करें। सुन्दरकाण्ड का भी पाठ करें। अन्न का दान करें। गो माता को गुड़ व रोटी खिलाएं।
धनु-श्री रामचरितमानस के अरण्यकाण्ड का पाठ करें। धार्मिक पुस्तकों का दान करें।
मकर-शनि के बीज मंत्र का जप करें। सुन्दरकाण्ड का भी पाठ करें। कम्बल का दान करें।
कुंभ-हनुमानबाहुक का पाठ करें। तिल का दान करें। गरीबों में ऊनी वस्त्रों का दान करें।
मीन-विष्णु उपासना करें। गुरु व मङ्गल के बीज मंत्र के साथ साथ चंद्रमा के भी बीज मंत्र का जप करें। पीपल की 07 परिक्रमा करें। ऊनी वस्त्रों का दान करें।
