कल कौन सा व्रत है 15 फरवरी 2026, कल महा शिवरात्रि है क्या, शिवरात्रि 2026 का व्रत कब से शुरू होगा
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Feb 14, 2026, 07:15 PM IST
Kal kya hai 15 February 2026 (कल कौन सा व्रत है), Is it Maha Shivratri Tomorrow (शिवरात्रि 2026 का व्रत कब से शुरू होगा): पंचांग के अनुसार कल 15 फरवरी 2026 को रविवार के दिन फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और फिर इसके बाद चतुर्दशी तिथि लगेगी। अगर आप ये जानना चाहते हैं कि कल मासिक शिवरात्रि है या महाशिवरात्रि- तो इसका जवाब आप यहां इस लेख में विस्तार से जान सकते हैं।
कल कौन सा व्रत है 15 फरवरी 2026 (AI Image TNN)
Kal kya hai 15 February 2026 (कल कौन सा व्रत है), Is it Maha Shivratri Tomorrow (शिवरात्रि 2026 का व्रत कब से शुरू होगा): फरवरी का महीना आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। ऐसे में कई श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि 15 फरवरी 2026 को कौन सा व्रत है, क्या उस दिन महाशिवरात्रि मनाई जाएगी और व्रत कब से शुरू होगा। अगर आपके मन में भी यही सवाल है कि कल 15 फरवरी को क्या है कौन सा व्रत है, क्या कल ही शिवरात्रि है — तो आइए विस्तार से समझते हैं।
कल 15 फरवरी 2026 को कौन सा व्रत है?
पंचांग के अनुसार 15 फरवरी 2026, रविवार का दिन फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से आरंभ होगा। इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत होगा। लेकिन इसी दिन दोपहर से चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। इस तरह यह शिवरात्रि ही महाशिवरात्रि होगी जो कि पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है।
महाशिवरात्रि 2026 कब है
साल 2026 में Maha Shivaratri का पर्व 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि में आती है, जो 15 फरवरी 2026 (रविवार) की शाम 05:04 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी 2026 (सोमवार) की शाम 05:34 बजे तक रहेगी। माना जाता है कि शिवरात्रि का मुख्य उत्सव रात के समय किया जाता है इसलिए इसका व्रत और पूजा रात 15 फरवरी की रात को मनाई जाएगी।
महाशिवरात्रि 2026 के चारों प्रहर की पूजा का समय
- रात्रि प्रथम प्रहर पूजा- 06:11 PM से 09:23 PM तक
- रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा- 09:23 PM से 12:35 AM तक
- रात्रि तृतीय प्रहर पूजा- 12:35 AM से 03:47 PM तक
- रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा- 03:47 AM से 06:59 AM तक
- निशिता काल पूजा समय- 12:09 PM बजे से 01:01 PM बजे तक, 16 फरवरी
कल 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि पर कैसे करें शिव उपासना
चूंकि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि है तो इस दिन शिव भक्ति का विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालु प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प ले सकते हैं। शाम के समय भगवान शिव के मंदिर में जाकर जलाभिषेक, दूध, दही, शहद, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करना शुभ माना जाता है। ॐ नमः शिवाय - मंत्र का जाप विशेष फलदायी रहेगा।
महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व
महाशिवरात्रि को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इस रात जागरण, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। भक्त पूरी रात जागकर शिवलिंग पर अभिषेक करते हैं और भजन-कीर्तन के माध्यम से भोलेनाथ को प्रसन्न करते हैं।
