Jyeshtha Purnima 2024 Upay: ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन गंगा स्नान और दान करने के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन उत्तर भारत गुजरात और महाराष्ट्र में वट पूर्णिमा का भी व्रत रखा जाता है। वट पूर्णिमा का व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु के लिए किया जाता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत हर साल ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि के अगले दिन मनाया जाता है। इस साल ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत 22 जून 2024 को रखा जाएगा। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर कुछ आसान उपायों को करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन किन खास उपायों को करना लाभकारी होता है।
Jyeshtha Purnima 2024 Upay (ज्येष्ठ पूर्णिमा उपाय)
चंद्र दोष से मुक्ति के लिए
यदि आपकी कुंडली में चंद्र दोष है तो आप ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन गंगाजल में दूध मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके साथ ही आप इस दिन शाम के समय चंद्रमा का पूजा करें और अर्घ्य चढ़ाएं। ऐसा करने से चंद्र दोष से छुटकारा मिलेगा।
मनोकामना पूर्ति के लिए
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनोकामना की पूर्ति के लिए दूध में शहद और चंदन मिलाकर चंद्र देव को अर्पित करें। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से आपकी सारी मनोकामना की पूर्ति होगी।
पीपल की पूजा
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन पीपल की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन पीपल में जल अर्पित करना चाहिए और घी का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और आपके सारे कष्ट भी दूर होते हैं।
खीर का भोग
पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी और चंद्र देवता को चावल और दूध से बने खीर का भोग लगाएं। ये भोग माता लक्ष्मी को बहुत ही प्रिय है। इसका भोग लगाने से आपके सारे रूके हुए काम पूरे हो जाएंगे और आपको सफलता प्राप्त होगी।
धन की वृद्धि के लिए
यदि आप अपने घर में अन्न धन का भंडार चाहते हैं तो ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन चना दाल लेकर भगवान विष्णु को अर्पित करें। उसके बाद अर्पित किये हुए दालों को किसी जरूरतमंद ब्राह्मण को दान कर दें।
