अध्यात्म

ज्येष्ठ महीना कब से लग रहा है, इस महीने में ये 3 कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए

Jyeshtha Mahina 2025 Date: ज्येष्ठ हिंदू कैलेंडर अनुसार साल का तीसरा महीना होता है जो मई और जून में पड़ता है। इसे जेठ माह भी कहते हैं जिसका अर्थ होता है बड़ा। इस महीने में निर्जला एकादशी, वट सावित्री व्रत और गंगा दशहरा जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस महीने में तीन कार्यों को करने की सख्त मनाही होती है।

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Jyeshtha Mahina 2025

Jyeshtha Mahina 2025 Date: सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीने का अत्याधिक महत्व होता है। इस महीने में गर्मी अपने चरम पर होती है जिस वजह से इस दौरान जल के बचाव पर अधिक ध्यान दिया जाता है। इस साल ये महीना 13 मई से शुरू हो रहा है और इसका समापन 11 जून को होगा। इस महीने में सूर्य देव को अर्घ्य देने से आरोग्य और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्येष्ठ महीने में तीन कार्यों को करने की सख्य मनाही होती है। जानिए ये कौन से कार्य हैं।

ज्येष्ठ में बड़े पुत्र या पुत्री का नहीं करते विवाह

आपने भी अपने घर के बड़े बुजुर्गों से कभी न कभी सुना होगा कि जेठ महीने में घर के बड़े लड़के या लड़की का विवाह नहीं करना चाहिए। दरअसल ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जेष्ठ मास में घर के जेष्ठ पुत्र या पुत्री का विवाह करने से अशुभ फल की प्राप्ति होती है। सदियों से ये मान्यता चली आ रही है जिसे सनातन धर्म के लोग आज भी निभाते हैं। लेकिन अगर वर-वधु में से कोई एक ही ज्येष्ठ है तो विवाह करने में दोष नहीं लगता है।

बैंगन नहीं खाया जाता

ज्येष्ठ महीने में बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। मान्यताओं अनुसार इस महीने में बैंगन का सेवन करने से संतान को नुकसान पहुंचता है। साथ ही, कुछ लोग इसे शरीर में वात रोग और गर्मी बढ़ाने वाला मानते हैं। इसलिए भी इस महीने में इस सब्जी का सेवन करने से मना किया जाता है।

दिन में नहीं सोया जाता

ऐसी मान्यता है कि ज्येष्ठ महीने में दिन के समय सोने से व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त हो सकता है। इसलिए इस पूरे महीने में दिन में सोने से मना किया जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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