अध्यात्म

Jitiya Vrat Geet: ए अरियार का बरियार.. जितिया व्रत में जरूर गाया जाता है ये गीत, देखें अरियार और बरियार गीत लिरिक्स भोजपुरी में

Ae Ariyar Ka Bariyar Geet (ऐ अरियार का बरियार गीत): जितिया व्रत में आपने कभी न कभी अपनी मम्मी, दादी या नानी को अरियार-बरियार की कहानी कहते तो सुना ही होगा। इस व्रत में अरियार-बरियार के गीत गाने की भी परंपरा है। यहां से आप अरियार बरियार गीत के पूरे लिरिक्स देख सकते हैं।

Image

जिउतिया गीत ए अरियार का बरियार के लिरिक्स (AI Generated)

Ae Ariyar Ka Bariyar Geet (ऐ अरियार का बरियार गीत): आज जितिया व्रत है। जितिया या जिउतिया में 'अरियार बरियार' गीत गाने की परंपरा रही है। ये भोजपुरी गीत गहरी सांस्कृतिक और भावनात्मक जड़ों से जुड़ी होती है। ये गीत मां के त्याग, ममता और बेटे की लंबी उम्र के लिए की गई तपस्या को दर्शाते हैं। 'अरियार बरियार' एक करुण पुकार है, जिसमें एक मां अपने ईश्वर से बात करती है और उन्हें बताती है कि आज उसने जितिया का व्रत रखा है। यहां से आप अरियार-बरियार गीत के बोल देख सकते हैं। यहां इस गाने का संपूर्ण लिरिक्स मौजूद है।

Jitiya Bhojpuri Geet Lyrics-

ये अरियार, का बरियार

जा के राम जी से कहिअ

राजू के माई जिउतिया भूखल बाड़ी जितिया

हाथ जोड़ी तोहसे करीलें करजोरियां

सीता जी से कही दीह भरी के अकवरिया

अमर रखिहे बबुआ हमार, लिहे संकट से उबार

भुखल बानी हम खर जिउतिया

राम जी के तु दे दिह खबरियां

खबरियां राम जी के तु दे दिह खबरियां

ये अरियार, का बरियार

जा के राम जी से कह दिह

वैभव के माई भुखल बाड़ी जिउतिया

जितिया वैभव के माई

भुखल बाड़ी जितिया

हाथ जोड़ी तोहसे करीलें करजोरियां

सीता जी से कही दीह भरी के अकवरिया

अमर रखिहे बबुनी हमार, लिहे संकट से उबार

भुखल बानी हम खर जिउतिया

राम जी के तु दे दिह खबरियां

खबरियां राम जी के तु दे दिह खबरियां

तोहार महिमा किरन लिखि गावें

सिंया राम जी के

जय जयकारा लगावें

भुखल बाड़ी खर जितिया

रऊरा किरन बिटिया

सदा फुलाईल राखब मोर फुलवरिया

रितिक के मम्मी भुखल बाड़ी जितिया

वैभव के माई भुखल बाड़ी जिउतिया

वर्मा जी के धनिया भुखल बाड़ी जितिया

वर्मा जी के रनिया भुखल बाड़ी जितिया

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article