अध्यात्म

Maha Shivratri 2023 Bhajan: जया किशोरी के शिव भजन इस महाशिवरात्रि खूब हो रहे हैं वायरल, देखें VIDEO

  • Edited by: लवीना शर्मा
  • Updated Feb 18, 2023, 05:24 PM IST

Jaya Kishori Maha Shivratri Bhajan: आज महादेव की अराधना का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि है। इस दिन शिव जी के गीतों की काफी धूम रहती है। इस शिवरात्रि जया किशोरी के शिव भजन खूब वायरल हो रहे हैं।

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महाशिवरात्रि पर सुनें जया किशोरी के ये शिव भजन

Maha Shivratri Bhajan, Shiv Song, Jaya Kishori Bhajan: आज देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। ये दिन भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे खास माना जाता है। इस त्योहार पर भगवान शिव के भजनों की काफी धूम रहती है। क्योंकि महाशिवरात्रि पर कई लोग रात्रि भर जागरण करते हैं जिसमें शिव के भजनों को जमकर सुना जाता है। इस महाशिवरात्रि जया किशोरी के महादेव पर गाए गए गीत काफी वायरल हो रहे हैं। देखें ये वायरल भजन।

जया किशोरी अपनी कथाओं के साथ ही अपने भजनों के लिए भी काफी जानी जाती हैं। इनका असली नाम जया शर्मा है लेकिन लोग इन्हें जया किशोरी के नाम से जानते हैं। इंटरनेट पर मिली जानकारी के अनुसार इनका जन्म 13 जुलाई साल 1996 में हुआ माना जाता है। गूगल पर इनके भजनों समेत इनकी उम्र, मैरिड लाइफ, हसबैंड इत्यादि के बारे में खूब सर्च किया जाता है।

जया किशोरी ने 9 साल की उम्र में ही संस्कृत में लिंगाष्टकम्, शिव-तांडव स्तोत्रम्, रामाष्टकम् आदि कई स्तोत्रों को गाना शुरू कर दिया था। फिर 10 साल की उम्र में इन्होंने अकेले ही सुंदरकांड गाया। जिससे ये धीरे-धीरे लोकप्रिय होती चली गईं। इन्होंने कई भक्ति एल्बम में अपनी आवाज दी है। जया किशोरी ‘नानी बाई का मायरा, नरसी का भात’ कार्यक्रम करती हैं।

जया किशोरी कथावाचिका के साथ-साथ अब मोटिवेशनल स्पीकर भी बन चुकी हैं। ये आए दिन अपने सोशल मीडिया से कुछ न कुछ प्रेरक वीडियो साझा करती रहती हैं। साध्वी जया किशोरी राजस्थान की रहने वाली हैं। ये बीकॉम में ग्रेजुएट हैं। जया किशोरीगौण ब्राह्मण परिवार में जन्मी हैं।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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