अध्यात्म

Jaya Ekadashi Vrat Me Kya Khaye: जया एकादशी व्रत में क्या खा सकते हैं? जानिए किन चीजों से करना चाहिए परहेज

Jaya Ekadashi me kya khana chahiye (जया एकादशी क्या खाना चाहिए): धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया एकादशी का व्रत अत्यंत ही पावन माना जाता है। भगवान विष्णु के इस व्रत में भक्त विधि-विधान से पूजा, अर्चना और व्रत कर सुख और शांति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ऐसे में इस व्रत के दौरान किन चीजों का सेवन करना चाहिए। चलिए इस बारे में जानते हैं।

Image

Jaya Ekadashi Vrat Me Kya Khana Chahiye

Jaya Ekadashi me kya khana chahiye (जया एकादशी क्या खाना चाहिए): हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए लोग एकादशी का पवित्र व्रत रखते हैं। मान्यता है इस व्रत को करने से जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। 8 फरवरी को जया एकादशी व्रत रखा जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से मनुष्य के सभी पाप-दोष नष्ट हो जाते हैं और उसे धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस व्रत के दौरान भोजन ग्रहण करने से जुड़े कई नियम है जिनका पालन करना शुभ माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है तो इस पावन व्रत का पूजन-व्रत सफल नहीं माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं क‍ि जया एकादशी क्या खाना चाहिए और क्‍या नहीं।

Jaya Ekadashi Vrat Mein Kya Kha Sakte Hain (जया एकादशी व्रत में क्या खा सकते हैं)

  • फल
  • दूध और दही
  • शकरकंद
  • कुट्टू के आटे से बनी चीजें
  • सेंधा नमक
  • साबूदाना
  • नारियल पानी
  • ड्राई फ्रूट्स

Jaya Ekadashi me kya Nahi Khana Chahiye (जया एकादशी व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए)

  • अनाज
  • सामान्य नमक
  • लहसुन और प्याज
  • लॉकी, टमाटर, खीरा और कद्दू को छोड़कर अन्य सब्जियां

Jaya Ekadashi Significance (जया एकादशी का महत्व)

इस व्रत की महिमा का वर्णन शास्त्रों में वर्णित है। कहते हैं जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति अपने पापों से मुक्त हो जाता है। साथ ही इस द‍िन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन-अर्चना करने से मनुष्य को वैकुण्ठ की प्राप्ति होती है। इस व्रत से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बढ़ती है। इस दिन दान-पुण्‍य की भी विशेष मान्यता होती है। इस द‍िन भगवान विष्णु के मंदिरों में जाना शुभ माना जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article