अध्यात्म

जनवरी 2026 में सकट चौथ कब है? इस साल है 46 मिनट का भद्रा, जानें कब कर सकेंगे पूजा

January 2026 Mein Sakat Chauth Kab Hai: सकट चौथ व्रत संतान के जीवन में खुशहाली तो लाता ही है साथ ही बुध ग्रह के अशुभ प्रभावों से भी मुक्ति दिलाता है। लेकिन साल 2026 का पहला सकट चौथ किस दिन है और पूजा का समय क्या है, ये आप यहां से जान सकते हैं।

Image

जनवरी 2026 में सकट चौथ कब है (pic credit: canva)

January 2026 Mein Sakat Chauth Kab Hai: सकट चौथ का त्योहार माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख- समृद्धि के लिए करती हैं। इसे हर साल माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। सकट चौथ का त्योहार भगवान गणेश को समर्पित है। इसमें महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम में चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं। तो इस साल जनवरी के महीने में सकट चौथ कब है, इसकी डेट को लेकर काफी कंफ्यूजन है। यहां से आप सकट चौथ की तारीख के साथ पूजा मुहूर्त और भद्रा के समय के बारे में विस्तार में जानें।

सकट चौथ 2026 डेट-

माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि 06 जनवरी 2026 को 08:01 AM बजे प्रारम्भ हो रही है और अगले दिन यानी 07 जनवरी 2026 को 06:52 AM बजे समाप्त हो जाएगी। वैसे तो 6 जनवरी और 7 जनवरी दोनों ही दिन उदयातिथि नहीं मिल रही है लेकिन इस व्रत में चतुर्थी तिथि में चंद्रमा की पूजा की मान्यता है। चंद्रोदय के अनुसार, 6 जनवरी 2026 मंगलवार को सकट चौथ मनाया जाएगा।

सकट चौथ पूजा मुहूर्त 2026-

  • पूजा का समय- 9:51 AM से 1:45 PM
  • सर्वार्थ सिद्धि योग- 07:15 AM से 12:17 PM
  • प्रीति योग- प्रात:काल से 08:21 PM
  • अश्लेषा नक्षत्र- प्रात:काल से 12:17 PM
  • ब्रह्म मुहूर्त- 05:26 AM से 06:21 AM
  • अभिजीत मुहूर्त- 12:06 PM से 12:48 PM
  • राहुकाल- 03:03 PM से 04:21 PM

सकट चौथ भद्रा समय-

सकट चौथ के दिन भद्रा का साया है। उस दिन भद्रा 46 मिनट के लिए है। भद्रा का प्रारंभ सुबह में 07:15 AM पर होगा और इसका समापन सुबह में ही 08:01 AM पर होगा। इस भद्रा का वास धरती है, इस वजह से इस भद्राकाल में कोई भी शुभ कार्य न करें। सकट चौथ की पूजा भद्रा रहित मुहूर्त में करें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article