Mantra While Offering Milk To Shivling (जलाभिषेक मंत्र): शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भोलेनाथ का आशीर्वाद मिलता है। अब चूंकि सावन का महीना चल रहा है तो इस दौरान भक्त हर रोज शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। जल चढ़ाने के दौरान कुछ विशेष मंत्र पढ़े जाते हैं। सिर्फ जल चढ़ाते हुए ही नहीं, जल चढ़ाने के बाद भी शिवलिंग के आगे नतमस्तक होते हुए मंत्र पढ़ा जाता है। यहां से आप उन मंत्रों के बारे में जान सकते हैं। यहां जलाभिषेक के मंत्र के साथ-साथ जलाभिषेक के बाद पढ़े जाने वाले मंत्र के लिरिक्स भी संस्कृत में मौजूद हैं। इन मंत्रों का शुद्ध उच्चारण करना शुभ और लाभकारी साबित होता है।
जलाभिषेक मंत्र (Jalabhishek Mantra In Sanskrit)-
- ॐ नमः शिवाय।
- ॐ शर्वाय नम:।
- ॐ विरूपाक्षाय नम:।
- ॐ विश्वरूपिणे नम:।
- ॐ त्र्यम्बकाय नम:।
- ॐ कपर्दिने नम:।
- ॐ भैरवाय नम:।
- ॐ शूलपाणये नम:।
- ॐ ईशानाय नम:।
- ॐ महेश्वराय नम:।
- ॐ नमो नीलकण्ठाय।
- ॐ पार्वतीपतये नमः।
- ॐ पशुपतये नम:।
- ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
- ॐ इं क्षं मं औं अं।
- ॐ प्रौं ह्रीं ठः।
जलाभिषेक के बाद बोले जाने वाले मंत्र-
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे "म" काराय नमः शिवायः॥
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम:शिवाय॥
शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै "शि" काराय नमः शिवायः॥
वषिष्ठ कुभोदव गौतमाय मुनींद्र देवार्चित शेखराय।
चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय तस्मै"व" काराय नमः शिवायः॥
यज्ञस्वरूपाय जटाधराय पिनाकस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगंबराय तस्मै "य" काराय नमः शिवायः॥
पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेत शिव सन्निधौ।
शिवलोकं वाप्नोति शिवेन सह मोदते॥
