शहर

नोएडा की चमक के पीछे 'मौत के गड्ढे', खुले नाले में गिरकर बुजुर्ग की मौत; कब रुकेंगे हादसे?

नोएडा में खुले नाले में गिरने के बाद एक बुजुर्ग की डूबकर मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह घटना थाना फेस 3 क्षेत्र के ममूरा के आसपास हुई।

Image

(सांकेकित फोटो-Istock)

नोएडा : यूपी के सबसे आधुनिक और 'प्लांड' शहर कहे जाने वाले नोएडा में बारिश ने पोल खोल कर रख दी है। वहीं, खुले मेनहोल और नाले लोगों की जान ले रहे हैं। एक बार फिर सामने आई है। थाना फेस-3 क्षेत्र के ममूरा इलाके में बारिश के दौरान एक बुजुर्ग का पैर फिसलने से वह खुले नाले में जा गिरे, जहाँ डूबने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

यह कोई पहली घटना नहीं है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो, एक्सप्रेसवे और इंडस्ट्री हब जैसे हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, लेकिन इन आधुनिक दावों के बीच सड़कों के किनारे खुले गड्ढे, अधूरे नाले और बिना बैरिकेडिंग वाली निर्माण साइटें हर दिन आम लोगों के लिए 'मौत का जाल' बिछा रही हैं। सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी के कारण पहले भी युवराज मेहता जैसे कई होनहारों की जान जा चुकी है, और अब इस बुजुर्ग की मौत ने फिर सिस्टम की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इससे पहले भी हुईं घटनाएं

मीडिया खबरों के मुताबिक, इससे पूर्व कार समेत नहर में डूबने से पति-पत्नी की मौत हो गई। वहीं, जनवरी 2026 में सेक्टर-150 में 27 साल के साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में समा गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।

बारिश में क्या हों व्यवस्थाएं

सभी निर्माण स्थलों और खुले नालों के चारों ओर सुरक्षा घेरा अनिवार्य हो। अंधेरे और बारिश के समय सुरक्षा के लिए रिफ्लेक्टर्स और लाइटों की पुख्ता व्यवस्था हो। जिस विभाग या ठेकेदार की लापरवाही से हादसा हो, उस पर सख्त कार्रवाई हो। जब तक संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय नहीं होगी और 'नौकरी जाने का डर' नहीं होगा, तब तक फाइलों में ऐसे और भी नाम जुड़ते रहेंगे।

हैदराबाद में नाले में बह गया बुजुर्ग

इसी प्रकार हैदराबाद में भारी बारिश के बाद फिसलकर मैनहोल में गिरने से एक 65 साल का बुजुर्ग बह गया। उसे तलाशने के लिए कई एजेंसियों की मदद से खोज अभियान शुरू किया गया है। परिवार के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि मैनहोल खुला छोड़ दिया गया था। उन्होंने कहा कि नाले की मरम्मत का काम गर्मी के मौसम में किया जाना चाहिए था। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बताया कि नगर निकाय के अधिकारियों ने घटनास्थल के पास चेतावनी बोर्ड लगाए थे और मरम्मत कार्य के चलते सड़क को बंद कर दिया गया था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article