देवघर : विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेले का बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ आधिकारिक शुभारंभ हो गया। झारखंड-बिहार सीमा स्थित दुम्मा कांवरिया पथ पर राज्य के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस माहव्यापी मेले में इस बार श्रद्धालुओं के लिए अभूतपूर्व व्यवस्थाएं की गई हैं।
वीआईपी संस्कृति पर पूर्ण प्रतिबंध
इस वर्ष मेले का सबसे बड़ा आकर्षण 'समानता' है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले के दौरान वीआईपी (VIP), वीवीआईपी (VVIP) और आउट-ऑफ-टर्न दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। सामान्य श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि विशिष्ट व्यक्तियों को भी सामान्य कतार के माध्यम से ही बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण करना होगा।
AI और आधुनिक तकनीक का सुरक्षा कवच
झारखंड सरकार ने इस मेले को 'हाईटेक और श्रद्धालु-केंद्रित' बनाने का दावा किया है। उद्घाटन के अवसर पर देवघर डीसी सौरभ कुमार भुवानिया ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरे, फेस रिकग्निशन और ANPR सिस्टम लगाए गए हैं। श्रद्धालु क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रशासन का लक्ष्य 15 मिनट के भीतर समस्याओं का समाधान करना है। श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए शिवलोक परिसर में भव्य प्रदर्शनी, सांस्कृतिक मंच और विशेष ड्रोन शो का आयोजन किया गया है।
पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि कांवरिया पथ पर मखमली बालू और बेहतर सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के साथ निरंतर बैठकों के बाद एक ऐसी व्यवस्था तैयार की गई है जिससे देवघर आने वाले हर कांवड़िये को एक सुखद अनुभूति हो। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बाबा की नगरी पूरी तरह सज-धज कर तैयार है और सेवादार व प्रशासन मिलकर कांवरियों की सेवा में तत्पर हैं।
उद्घाटन के दौरान स्टेट पुरोहित श्रीनाथ महाराज ने बताया कि सावन माह के शुभारंभ के साथ ही बाबा बैद्यनाथ मंदिर में 'स्पर्श पूजा' अब बंद कर दी जाएगी। उद्घाटन समारोह में विधायक सुरेश पासवान, उदय शंकर सिंह, देवेन्द्र कुंवर, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, नगर आयुक्त सुलोचना मीना सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
