Bina Pandit Ke Havan Kaise Karen (घर पर हवन कैसे करें): प्रकृति और आत्मा की शुद्धि के लिए हवन किया जाता है। इसे करने से नकारात्मक विचारों और भावनाओं का नाश होता है। हवन देवताओं को प्रसन्न करने का माध्यम भी है। हर तीज-त्योहार जैसे गणेश चतुर्थी, नवरात्र, दीवाली में हवन जरूर किया जाता है। लेकिन परेशानी तब आती है जब हवन कराने के लिए पंडित जी यानी पुरोहित घर नहीं आ पाते हैं। ऐसे में आप अपनी पूजा को रोकें नहीं बल्कि खुद ही घर पर हवन करें। यहां से आप हवन सामग्री नोट करें और साथ ही जानें कि घर पर स्वयं हवन कैसे किया जाता है।
हवन सामग्री लिस्ट इन हिंदी (Havan Samagri List In Hindi)-
- हवन कुंड (तांबे, पीतल या मिट्टी का)
- आम की लकड़ी
- कपूर
- गुग्गुल
- लोबान
- पंचमेवा
- जौ
- तिल
- गाय का घी
- जल से भरा कलश
- फूल
- रक्षासूत्र\ मौली
- अक्षत
- घंटी
- अगरबत्ती
- कुशा
घर पर हवन करने की संपूर्ण विधि (Havan Vidhi At Home)-
सबसे पहले सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करे और हवन स्थान को साफ करें। अब पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें और आसन (कुशा) बिछाएं। हाथ में जल, चावल और फूल लेकर ईश्वर का ध्यान करें और संकल्प लें- 'ॐ श्री गणेशाय नमः, आज मैं अमुक कार्य हेतु यह हवन कर रहा हूँ, कृपया स्वीकार करें।' अब दीपक जलाएं और ॐ गणेशाय नमः मंत्र बोलकर गणेशजी का ध्यान करें। फिर तीन बार आचमन करें- ॐ केशवाय नमः, ॐ नारायणाय नमः, ॐ माधवाय नमः। अब हाथ में जल लेकर स्थान की शुद्धि करें और बोलें ॐ अपवित्रः पवित्रो वा..। हवन कुंड में आम की लकड़ियाँ और कपूर से अग्नि जलाएं और गाय का घी थोड़ा डालें ताकि अग्नि स्थिर हो। फिर अग्नि में हर आहुति से पहले बोलें- ॐ अग्ने स्वाहा। आप ॐ नमः शिवाय स्वाहा भी बोल सकते हैं। कुल 11, 21, या 108 आहुतियाँ दें। अंत में विशेष सामग्री जैसे गुड़, तिल, नारियल आदि से पूर्ण आहुति दें और बोलें- ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते... स्वाहा। हवन के बाद आरती करें और हाथ जोड़कर प्रार्थना करें कि हवन से शुभता, शांति और आरोग्यता प्राप्त हो। अंत में वन की राख को टीका रूप में लगाएं या गमले में डाल दें।
