Hartalika Teej 2026 Paran Time: हरतालिका तीज का निर्जला व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार को रखा गया है। अब इसके बाद व्रती महिलाएं 15 सितंबर, मंगलवार की सुबह शिव-पार्वती की पूजा करने के बाद व्रत का पारण करेंगी। व्रत का पारण सूर्योदय के बाद किया जा सकता है। 15 सितंबर को सुबह करीब 6 बजकर 10 मिनट पर सूर्य देव के दर्शन होंगे। ऐसे में सुबह 6:10 बजे के बाद पूजा और दान पूरा करके पारण किया जा सकता है। हां इस बात का ध्यान रखें कि अलग-अलग शहरों में सूर्योदय का समय बदलने के कारण पारण के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
हरतालिका तीज का पारण कब होगा 2026
हरतालिका तीज का व्रत रखने वाली महिलाएं 15 सितंबर 2026, मंगलवार को सूर्योदय के बाद पारण कर सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर के अनुसार पारण सुबह करीब 6 बजकर 10 मिनट के बाद किया जाएगा।
पारण से पहले सुबह स्नान करके भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा करें। पूजा में जल, फूल, बेलपत्र और प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद आरती और क्षमा प्रार्थना करके व्रत खोलें।
| व्रत का संकल्प | पारण का समय |
|---|---|
| मध्याह्न पूजा तक व्रत | 14 सितंबर को पूजा और आरती के बाद |
| पूरे दिन का व्रत | 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे के बाद |
| हरतालिका और गणेश चतुर्थी दोनों व्रत | 15 सितंबर को पूजा एवं पारिवारिक परंपरा के अनुसार |
| स्वास्थ्य कारणों से फलाहार व्रत | पूजा के बाद गणेश जी का प्रसाद लेकर |
उदया तिथि के आधार पर हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा गया। यही वजह है कि इस व्रत का पारण अगले दिन यानी 15 सितंबर को किया जाएगा। शहर के अनुसार सूर्योदय में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा को प्राथमिकता देना ठीक रहेगा।
हरतालिका तीज व्रत खोलने की सही विधि
सुबह उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल पर दीपक जलाएं। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और बेलपत्र अर्पित करें। माता पार्वती को फूल, सिंदूर और सुहाग की सामग्री चढ़ाएं। इसके बाद शिव-पार्वती की आरती करें।
पूजा के बाद व्रत के दौरान हुई किसी भूल के लिए क्षमा मांगें। सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद को फल, भोजन, वस्त्र या दक्षिणा दें। इसके बाद जल या चरणामृत लेकर पारण करें।
पारण के समय इन बातों का ध्यान रखा जा सकता है-
- सबसे पहले थोड़ा जल, नारियल पानी या चरणामृत लें।
- तुरंत बहुत अधिक या तला-भुना भोजन न करें।
- फल, केला, खीर, हलवा या हल्का सात्विक भोजन लिया जा सकता है।
- निर्जला व्रत के बाद धीरे-धीरे पानी पिएं।
- घर में जो पारंपरिक पारण भोजन बनता है, उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
तीज व्रत के पारण में क्या खाएं
लंबे निर्जला व्रत के बाद पेट को अचानक भारी भोजन देना ठीक नहीं माना जाता। पारण जल से शुरू करें। इसके बाद केला, पपीता, नारियल पानी, खीर या हल्का मीठा प्रसाद लिया जा सकता है। कुछ देर बाद सादा भोजन करें।
कुट्टू की पूरी, बहुत अधिक घी वाला हलवा या मसालेदार भोजन एक साथ खाने से बचें। खासकर एसिडिटी, डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की समस्या हो तो पारण हल्के भोजन से करना बेहतर रहेगा।
क्या तृतीया समाप्त होते ही व्रत खोल सकते हैं
तृतीया तिथि 14 सितंबर की सुबह 7:06 बजे समाप्त हो गई थी, लेकिन केवल तिथि समाप्त होते ही हरतालिका तीज का व्रत नहीं खोला जाता। परंपरागत रूप से व्रती पूरे दिन उपवास रखती हैं, रात्रि में पूजा और जागरण करती हैं तथा अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करती हैं।
हालांकि अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में व्रत के नियम थोड़े अलग हो सकते हैं। कुछ स्थानों पर रात्रि पूजा के बाद फलाहार की परंपरा भी मिलती है।
हरतालिका तीज पारण का महत्व
मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। हरतालिका तीज का व्रत उसी दृढ़ संकल्प, प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इसीलिए व्रत के साथ उसके सही पारण को भी विशेष महत्व दिया जाता है।
