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Guru Purnima 2024 Puja Vidhi: गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, महत्व सबकुछ यहां जानें

Guru Purnima 2024 Date, Time And Puja Vidhi In Hindi: पंचांग अनुसार गुरु पूर्णिमा तिथि 20 जुलाई की शाम 6 बजे से शुरू हो जाएगी और अगले दिन यानी 21 जुलाई की दोपहर 3 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। जानिए 20 या 21 जुलाई किस दिन मनाई जाएगी पूर्णिमा और क्या है इसकी पूजा विधि।

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Guru Purnima 2024 Date, Muhurat And Puja Vidhi

Guru Purnima 2024 Date, Time And Puja Vidhi In Hindi: गुरु पूर्णिमा का पावन त्योहार इस साल 21 जुलाई, रविवार को मनाया जाएगा। ये दिन गुरु पूजन के लिए निर्धारित है। इस शुभ अवसर पर शिष्य अपने गुरुओं की पूजा-अर्चना करते हैं। कहते हैं इस दिन संसार को चारों वेदों का ज्ञान देने वाले गुरु व्यास जी का जन्म हुआ था। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में इस दिन वेदव्यास जी की भी पूजा होती है। चलिए जानते हैं गुरु पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।

गुरु पूर्णिमा 2024 मुहूर्त (Guru Purnima 2024 Muhurat)

गुरु पूर्णिमा पूजा का शुभ मुहूर्त 21 जुलाई की सुबह से लेकर दोपहर 3 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।

गुरु पूर्णिमा पूजा विधि (Guru Purnima Puja Vidhi)

गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं और घर की साफ-सफाई करने के बाद नहा लें। इसके बाद पूजा का संकल्प लें। फिर साफ जगह पर सफेद कपड़ा बिछाकर व्यास पीठ का निर्माण करें और इस पर वेदव्यास जी की प्रतिमा स्थापित कर लें। इसके बाद व्यास जी को तिलक लगाएं। फूल, फल और प्रसाद चढ़ाएं। इस तरह पूजा करने के बाद अपने गुरु के घर जाकर उनका पैरा छूकर आशीर्वाद प्राप्त करें।

गुरु पूर्णिमा के दिन क्या करें (Guru Purnima Ke Din Kya Kare)

गुरु पूर्णिमा के दिन अपने मस्तक पर केसर और पिसी हुई हल्दी का तिलक लगाएं। इस दिन अपने पिता, गुरु, बड़े भाई और दादा का आशीर्वाद लें। पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं। इसके अलावा इस दिन दान भी जरूर करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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