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Guru Gobind Singh Ji Photo: गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती के शुभ अवसर पर देखें उनकी कुछ खास फोटोज

Guru Gobind Singh Ji Photo: इस बार गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती साल में दो बार मनाई जाएगी। एक बार 6 जनवरी को तो दूसरी बार 27 दिसंबर को ये पर्व पड़ेगा। यहां आप देखेंगे गुरु गोबिंद सिंह जी की तस्वीरें।

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Guru Gobind Singh Ji Photos (Photo Credit - Pinterest.com)

Guru Gobind Singh Ji Photo: सिख धर्म के लोगों के लिए गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती बेहद खास होती है जिसे हर साल पौष शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन देश भर के गुरुद्वारों में गोबिंद सिंह जी की कविताओं को सुना और सुनाया जाता है। साथ ही उन्होंने जो उपलब्धियां प्राप्त की थी उसके बारे में भी लोगों तक पहुंचाया जाता है। इस दिन जगह-जगह पर लंगरों का भी आयोजन किया जाता है। चलिए गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती के अवसर पर देखते हैं उनकी खास फोटोज।

Guru Gobind Singh Ji Photo

श्री गुरु गोविन्द सिंह का जन्म नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी और माता गुजरी के घर हुआ था।

guru gobind singh ji real photo

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गुरु गोविन्द सिंह के चार पुत्र थे जिनका नाम अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह एवं फतेह सिंह थे।

guru gobind singh ji ke 4 sahibzade

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सिख धर्म के आखिरी गुरु श्री गोबिंद सिंह जी सिख धर्म में कई सकारात्मक परिवर्तन करने के लिए जाने जाते हैं।

guru gobind singh ji image

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वैशाखी के दिन 29 मार्च 1676 को श्री गोविन्द सिंह जी ने सिखों के दसवें गुरु की उपाधि ग्रहण की थी।

guru gobind singh ji pic

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उन्होंने सन् 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी।

guru gobind singh ji

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गोबिंद सिंह जी ने जब खालसा पंथ की स्थापना की थी तब उन्होंने सिख धर्म को पांच ककारों के महत्व को समझाया था। यह पांच ककार थे- केश, कड़ा, कंघा, कृपाण, कच्चेरा।

guru gobind singh ji jayanti photo

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पांच ककार सिख समुदाय के लोगों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण बताये गए हैं।

guru gobind singh ji birthday photo

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सिख धर्म के लोग गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पर उनकी शिक्षाओं के द्वारा अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करते हैं। ये पर्व सिख लोग बेहद ही धूमधाम से मनाते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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