Gupt Navratri 2026 : गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन आज, मां त्रिपुरसुंदरी की कैसे करें पूजा, जानिए पूजा विधि और मुहूर्त व पूजन के लाभ
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Jan 21, 2026, 07:57 AM IST
Gupt Navratri 2026 : आज 21 जनवरी 2026 दिन बुधवार को गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन है। आज के दिन 10 महाविद्याओं में तीसरी महाविद्या मां त्रिपुरसुंदरी का पूजन किया जाता है। माता का यह स्वरूप तीनों लोकों में सबसे सुंदर और मनमोहक है। मां के इस स्वरूप के पूजन से भ्रम, अशांति का नाश होता है। आइए जानते हैं कि आज के दिन माता के इस स्वरूप का पूजन कैसे और कब करें?
मां त्रिपुरसुंदरी का पूजन कैसे करें
Gupt Navratri 2026 : आज 21 जनवरी 2026 को माघ माह की गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन है। गुप्त नवरात्रि का यह दिन मां त्रिपुर सुंदरी को समर्पित माना गया है। शास्त्रों के अनुसार गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा करने से साधक के जीवन में सौंदर्य, प्रेम, मानसिक संतुलन और आत्मिक उन्नति आती है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ माना गया है जो मन की अशांति, भ्रम या रिश्तों में तनाव से गुजर रहे हों।
मां त्रिपुर सुंदरी का स्वरूप और विशेषताएं
मां त्रिपुर सुंदरी को दस महाविद्याओं में तीसरी महाविद्या माना गया है। उन्हें षोडशी, ललिता और राजराजेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है। उनका स्वरूप अत्यंत सौम्य, शांत और आकर्षण से भरा हुआ माना गया है। मां त्रिपुर सुंदरी चार भुजाओं वाली होती हैं, जिनमें वे पाश, अंकुश, धनुष और बाण धारण करती हैं। उनका स्वरूप यह दर्शाता है कि वे प्रेम और नियंत्रण दोनों की देवी हैं। मान्यता है कि उनकी कृपा से व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है और जीवन में संतुलन बना रहता है।
मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा विधि
पूजा से पहले प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ करें और लाल कपड़ा बिछाकर मां त्रिपुर सुंदरी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। दीपक जलाएं और मां को लाल फूल, अक्षत, कुमकुम, मिश्री और सुगंध अर्पित करें। इसके बाद मां का ध्यान करते हुए मंत्र जाप करें। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और किसी भी प्रकार का दिखावा न करें, क्योंकि गुप्त नवरात्रि में साधना को गोपनीय रखना श्रेष्ठ माना गया है। अंत में मां से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।
मां त्रिपुर सुंदरी के प्रमुख मंत्र
मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा में कुछ विशेष रूप से प्रभावी माने जाते हैं। आप मां के इस 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौः ललितायै नमः' मंंत्र का जाप कर सकते हैं।
मुख्य बीज मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरसुंदर्यै नमः
षोडशी मंत्र विस्तृत
क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौः ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नमः
श्रीविद्या साधना मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं मातृकायै नमः
इन मंत्रों का 108 बार जाप करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। जाप के समय मन को एकाग्र और शांत रखना आवश्यक माना गया है। इसके साथ ही जाप कमलगट्टे की माला से करें तो बेहतर रहेगा। जाप के लिए गुरु की आज्ञा आवश्यक है।
मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा का शुभ मुहूर्त
21 जनवरी 2026 को मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा के लिए प्रातः 5:30 बजे से 9:30 बजे तक का समय श्रेष्ठ माना गया है। इसके अलावा दोपहर 12:00 बजे से 12:45 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा की जा सकती है। गुप्त नवरात्रि में ब्रह्म मुहूर्त और प्रातःकाल की पूजा को विशेष फलदायी बताया गया है।
मां त्रिपुर सुंदरी की उत्पत्ति कैसे हुई?
पुराणों और तांत्रिक ग्रंथों के अनुसार मां त्रिपुर सुंदरी श्रीविद्या परंपरा की अधिष्ठात्री देवी हैं। कहा जाता है कि जब देवी शक्ति ने सृष्टि के संचालन के लिए सौंदर्य, चेतना और प्रेम का स्वरूप धारण किया, तब मां त्रिपुर सुंदरी प्रकट हुईं। श्रीचक्र के मध्य बिंदु में उनका वास माना गया है। देवी भागवत और ललिता सहस्रनाम में उन्हें संपूर्ण ब्रह्मांड की चेतना का केंद्र बताया गया है।
मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा से मिलते हैं ये लाभ
मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा से मानसिक तनाव, नकारात्मक विचार और अस्थिरता कम होती है। यह पूजा प्रेम संबंधों, वैवाहिक जीवन और पारिवारिक तालमेल को मजबूत करती है। साधकों के लिए यह पूजा ध्यान और साधना में स्थिरता लाती है। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है और निर्णय क्षमता मजबूत होती है। जिन लोगों की कुंडली में बुध या शुक्र से जुड़ी परेशानियां होती हैं, उन्हें भी इस पूजा से लाभ माना गया है।
गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन का आध्यात्मिक महत्व
गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन आत्मिक जागरण और आंतरिक संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा से साधक के विचार सुंदर होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ माना गया है जो साधना, ध्यान और आत्मिक उन्नति की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है। गुप्त नवरात्रि में पूजन से पहले किसी योग्य जानकार गुरु से सलाह ले लें।