Ganesh Visarjan Niyam 2025: देशभर में गणपति बप्पा की मूर्तियों का विसर्जन करने की तैयारियां हो चुकी हैं। आजकल कई लोग अपने घर पर ही गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं और फिर 10 दिनों के बाद उसे विसर्जित भी करते हैं। अगर आपके घर भी बप्पा हैं और आपको गणपति विसर्जन करना है तो आपको यहां दिए नियमों के बारे में तो जरूर पता होना चाहिए।
गणेश विसर्जन के 10 खास नियम-
1. बप्पा की विदाई के वक्त उनकी पूजा अर्चना और आरती की जाती है, इसलिए पूजा से जुड़ी समाग्री फल, फूल, सुपारी, चावल, हल्दी, 21 दूर्वा, कुमकुम और मिठाई से बप्पा को विदा करें।
2. गणपति जी को विसर्जन के लिए ले जाते समय उनका मुख घर की ओर रखें, ताकि जाने से पहले बप्पा घर को आशीर्वाद दे सकें।
3. एक नारियल या सुपारी को हल्दी, चावल के साथ लाल कपड़े में लपेटकर ऋद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ के लिए अपनी तिजोरी में एक जगह सुरक्षित रख दें।
4. गणपति विसर्जन के समय भूलकर भी काले कपड़े न पहनें। इसी के साथ आपको इस दौरान किसी से झगड़ा भी नहीं करना है।
5. बप्पा को विदाई देने से पहले उनके चरणों में झुककर पूरे परिवार की सेहत, धन और समृद्धि का आशीर्वाद मांगे।
6. गणेश विसर्जन के दौरान बप्पा को 5 मोदक चढ़ाएं और इसे सभी भक्तों में बांटें।
7. घर में ही साफ बर्तन या बाल्टी में पानी भरकर पर्यावरण के अनुकूल ही विसर्जन करें। बाद में इस पानी को किसी पेड़ के नीचे या पौधों में डाल दें।
8. विसर्जन से पहले 3 बार घड़ी की दिशा में परिक्रमा लगाएं. इस के बाद बप्पा का विसर्जन भक्ति और आनंद के साथ गणपति बप्पा मोरया, पूधच्या वर्षी लवकर या" या "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" जैसे जयकारे लगाएं।
9. समृद्धि के लिए मूर्ति पर अक्षत चढ़ाएं और उनके हाथों पर थोड़ा दही मलें।
10. गणपति जी का विसर्जन हमेशा अपने हाथों से पानी में जाकर करें। न कि किसी पूल से नीचे गिराकर।
गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त-
गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो 6 सितंबर के दिन गणपति विसर्जन सुबह 7:36 मिनट से लेकर 9:10 मिनट तक, फिर दोपहर में 12:19 मिनट से लेकर शाम 5:02 मिनट तक और शाम में 6:37 मिनट से लेकर रात 8:02 मिनट तक होगा।
