अध्यात्म

Anant Chaturdashi Aarti: अनंत चतुर्दशी पर करें भगवान विष्णु की आरती, यहां देखें आरती के पूरे लिरिक्स

Anant Chaturdashi Aarti In Hindi: अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णू को समर्पित है। इस दिन भगवान को प्रसन्न करने के लिए विधिवत्त तरीके से पूजा-अर्चना और श्री हरि की उपासना की जाती है। पूजा के बाद आरती भी की जाती है। यहां से आप अनंत चतुर्दशी की आरती के लिरिक्स देख सकते हैं।

Image

अनंत चतुर्दशी आरती (AI Generated)

Anant Chaturdashi Aarti In Hindi: अनंत चतुर्दशी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (भादो महीने के शुक्ल पक्ष की 14वीं तिथि) को मनाया जाता है। यह विशेष दिन मुख्यतः भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा के लिए समर्पित होता है। इस दिन भक्तगण 14 गांठों वाला रेशमी धागा (अनंत सूत्र) बनाकर पूजा करते हैं और इसे दाहिने हाथ (पुरुष) या बाएं हाथ (महिलाएं) में बांधते हैं। साथ ही पूजा के बाद आरती भी करने का विधान है। यहां से आप अनंत चतुर्दशी की आरती के लिरिक्स देख सकते हैं।

अंनत चतुर्दशी आरती (Anant Chaturadashi Aarti, Vishnu Ji Ki Aarti)

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे।

भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

ॐ जय जगदीश हरे।

जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।

स्वामी दुःख विनसे मन का।

सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥

ॐ जय जगदीश हरे।

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।

स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।

तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥

ॐ जय जगदीश हरे।

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।

स्वामी तुम अन्तर्यामी।

पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥

ॐ जय जगदीश हरे।

तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।

स्वामी तुम पालन-कर्ता।

मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥

ॐ जय जगदीश हरे।

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।

स्वामी सबके प्राणपति।

किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥

ॐ जय जगदीश हरे।

दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

स्वामी तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठा‌ओ, द्वार पड़ा तेरे॥

ॐ जय जगदीश हरे।

विषय-विकार मिटा‌ओ, पाप हरो देवा।

स्वमी पाप हरो देवा।

श्रद्धा-भक्ति बढ़ा‌ओ, सन्तन की सेवा॥

ॐ जय जगदीश हरे।

श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।

स्वामी जो कोई नर गावे।

कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥

ॐ जय जगदीश हरे।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article