Ganesh Ji Ki Katha In Hindi: हिंदू धार्मिक मान्यताओं अनुसार गणेश जी की कथा पढ़ने से व्यक्ति के सारे दुख दूर हो जाते हैं। साथ ही किसी भी व्रत-पूजन का पूर्ण फल प्राप्त हो जाता है। आज शीतला सप्तमी है ऐसे में आज के दिन शीतला माता की कथा के बाद गणेश जी की कथा जरूर पढ़ें। ये कथा किसी भी व्रत में पढ़ी जा सकती है। यहां देखें गणेश जी की संपूर्ण कहानी।
Ganesh Ji Ki Kahani In Hindi (गणेश जी की कथा)
एक गांव में मां-बेटी रहती थीं। एक दिन बेटी अपनी मां से कहने लगी कि गांव के सब लोग गणेश मेला देखने जा रहे हैं, इसलिए मैं भी मेला देखने जाऊंगी। मां ने कहा कि मेले में बहुत भीड़ होगी। अगर तुम कहीं गिर गईं तो बहुत चोट आएगी। लड़की ने अपनी मां की बात नहीं सुनी और मेला देखने चल पड़ी। मां ने मेले में जाने से पहले बेटी को दो लड्डू दिए और एक साथ में पानी भी दिया। मां ने कहा कि एक लड्डू गणेश जी को खिला देना और थोड़ा पानी भी पिला देना। दूसरा लड्डू तुम खाकर पानी पी लेना। लड़की लड्डू और पानी साथ लेकर मेले में चली गई। मेला खत्म होने पर सभी गांव वाले वापिस आ गए लेकिन लड़की नहीं आई।
लड़की मेले में गणेश जी के पास बैठ गई और भगवान से कहने लगी कि एक लड्डू और पानी गणेश जी आपके लिए और एक लड्डू और बाकी बचा पानी मेरे लिए। इस तरह कहते-कहते सारी रात बीत गई। गणेश जी सोचने लगे कि अगर मैंने ये लड्डू और पानी नहीं पीया तो यह घर नहीं जाएगी। यह सोचकर गणेश जी एक लड़के के वेश में आए और उसका एक लड्डू लेकर खा लिया और साथ ही थोड़ा पानी भी पी लिया। फिर वह कहने लगे कि मांगो तुम क्या मांगती हो?
लड़की सोचने लगी कि अन्न मांगू या धन मांगू या फिर अपने लिए अच्छा वर मांगू या खेत मांगू या महल मांगू! वह मन में ऐसा सोच ही रही थी तो गणेश जी उसके मन की बात जान ली। गणेश जी लड़की से बोले कि तुम अपने घर जाओ और तुमने जो भीसोचा है वह सब तुम्हें मिलेगा। लड़की घर पहुंची तो मां ने उससे इतनी देरी से आने का कारण पूछा? बेटी ने कहा कि आपने जैसा कहा था मैंने वैसा ही किया है और देखते ही देखते लड़की ने जो भी अपने मन में सोचा था सबकुछ पूरा होने लगा।
हे विनायक जी जैसे लड़की की सारी मनोकामनाएं पूर्ण करी वैसे ही सबकी भी करना।
