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Ganesh Chaturthi 2023 Muhurat: गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त 10:59 AM से 01:25 PM तक

Ganesh Chaturthi 2023 Puja Timings (गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त 2023): गणेश चतुर्थी का पर्व 2023 में 19 दिन सितंबर मंगलवार को मनाया जा रहा है। गणेश चतुर्थी पूजा के लिए दोपहर का समय शुभ माना जाता है। यहां जानिए मुंबई, नोएडा, दिल्ली, लखनऊ, मेरठ समेत अन्य शहरों में गणेश चतुर्थी का मुहूर्त क्या रहेगा।

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Ganesh Chaturthi 2023 Puja Time City Wise

Ganesh Chaturthi 2023 Puja Timings in Delhi, Mumbai, Ghaziabad, Uttar Pradesh, Bihar, Noida, Haryana (गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त 2023): धार्मिक मान्यताओं अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है। जिसे गणेश चतुर्थी उत्सव (Ganesh Chaturthi Utsav 2023) के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन गणपति बप्पा के भक्त अपने घर में उनकी प्रतिमा की स्थापना करते हैं और विधिवत पूजा करते हैं। ये पर्व हर कोई मिल-जुलकर धूमधाम से मनाता है। ऐसा माना जाता है कि गणेश भगवान का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था इसलिए ये समय ही गणेश पूजा के लिये ज्यादा उपयुक्त माना जाता है। यहां जानिए शहर अनुसार गणपति पूजा का शुभ मुहूर्त (Ganesh Puja Muhurat 2023)।

Ganesh Chaturthi 2023 Date And Time In Hindi

गणेश चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 18 सितंबर 2023 को 02:09 PM

गणेश चतुर्थी तिथि समाप्त - 19 सितंबर 2023 को 03:13 PM

मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त - 10:59 AM से 01:25 PM

वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - 09:25 AM से 08:53 PM

Ganesh Chaturthi 2023: Shubh Muhurat Time City Wise

शहरगणेश चतुर्थी मुहूर्त
पुणे11:15 ए एम से 01:41 पी एम
नई दिल्ली11:01 ए एम से 01:28 पी एम
चेन्नई10:50 ए एम से 01:16 पी एम
जयपुर11:07 ए एम से 01:34 पी एम
हैदराबाद10:57 ए एम से 01:23 पी एम
गुरुग्राम11:02 ए एम से 01:29 पी एम
चण्डीगढ़11:03 ए एम से 01:30 पी एम
कोलकाता10:17 ए एम से 12:44 पी एम
मुम्बई11:19 ए एम से 01:43 पी एम
बेंगलूरु11:01 ए एम से 01:26 पी एम
अहमदाबाद11:20 ए एम से 01:43 पी एम
नोएडा11:01 ए एम से 01:28 पी एम

Ganesh Chaturthi Puja Vidhi 2023

इस दिन प्रातः स्नान करने के बाद सोने, तांबे, मिट्टी की गणेश प्रतिमा लें। इसके बाद कलश में जल भरकर उसके मुंह पर कोरा वस्त्र बांधकर उसके ऊपर गणपति बप्पा की प्रतिमा को विराजमान करें। फिर गणेश जी को सिंदूर व दूर्वा चढ़ाएं और लड्डू का भोग लगाएं। फिर शाम के समय गणेश जी का फिर से पूजन करें। अंत में गणेश जी की आरती करके पूजा संपन्न करें।

TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

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