Falgun Purnima 2026: फाल्गुन पूर्णिमा कब है 2026 में, क्या इस तिथि पर ही लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Jan 27, 2026, 12:31 PM IST
Falgun Purnima 2026 mein kab hai (Falgun Purnima 2026 Date): हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा को हिन्दू संवत आखिरी पूर्णिमा दिवस माना जाता। होली का पर्व इसी तिथि पर आता है। यहां जानें कि फाल्गुन पूर्णिमा की डेट 2026 में कब पड़ेगी। क्या 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा पर ही चंद्र ग्रहण लगेगा।
फाल्गुन पूर्णिमा 2026 डेट एंड टाइम
Falgun Purnima 2026 mein kab hai (Falgun Purnima 2026 Date): पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। इस दिन चंद्रमा पूर्ण रूप से चमकता है और भक्त पूजा व दान करते हैं। हिंदू कैलेंडर में फाल्गुन पूर्णिमा साल की अंतिम पूनम तिथि मानी जाती है। फाल्गुन पूर्णिमा को होली से पहले का शुभ दिन भी माना जाता है। इस दिन भक्त पूर्णिमा का व्रत रखकर चन्द्रमा को अर्घ्य भी देते हैं। यहां देखें कि 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा किस तारीख को पड़ेगी और क्या 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगेगा।
2026 में फाल्गुन पूर्णिमा कब है
यहां आप फाल्गुन पूर्णिमा 2026 की तारीख की जानकारी ले सकते हैं। फाल्गुन पूर्णिमा 2026 का व्रत 3 मार्च को मंगलवार के दिन रखा जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा होली से 1–2 दिन पहले आती है। बता दें कि होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की रात को ही होता है।
फाल्गुन पूर्णिमा 2026 डेट एंड टाइम
- फाल्गुन पूर्णिमा 2026 तिथि प्रारम्भ: 2 मार्च शाम लगभग 05:55 बजे से
- फाल्गुन पूर्णिमा 2026 तिथि समाप्त: 3 मार्च शाम लगभग 05:07 बजे
- फाल्गुन पूर्णिमा 2026 की सही तारीख: 3 मार्च 2026
- फाल्गुन पूर्णिमा 2026 कौन से दिन पड़ेगी: मंगलवार
क्या फाल्गुन पूर्णिमा 2026 पर चंद्र ग्रहण है
साल 2026 में पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा पर यानी 3 मार्च 2026 पर ही लगेगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण है और भारत में भी दिखाई देगा। फाल्गुन पूर्णिमा 2026 पर साल का पहला चंद्र ग्रहण शाम को लगभग 3:20 बजे से आरंभ होकर शाम 6:47 बजे तक जारी रहेगा। इस पृथ्वी-छाया चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा पूरी तरह नहीं ढका दिखाई देगा, बल्कि पृथ्वी की छाया का कुछ भाग उसके ऊपर दिखेगा। इसी वजह से इसे आंशिक ग्रहण कहा जा रहा है।
फाल्गुन पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
फाल्गुन पूर्णिमा फाल्गुन मास में आती है। इसे हिन्दू संवत का अंतिम पूर्णिमा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रदेव की पूजा, नदी या जलाशय में पवित्र स्नान व दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है। फाल्गुन पूर्णिमा पर ही होलिका दहन होता है। बता दें कि पूर्णिमा की रात को सूर्यास्त के बाद होलिका दहन किया जाता है। ये भी जानें कि होलिका दहन के समय भद्रा काल नहीं होना चाहिए।
फाल्गुन पूर्णिमा के बाद क्या होली आती है
हां, फाल्गुन पूर्णिमा के बाद आने वाली प्रतिपदा तिथि पर होली का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन रंग खेला जाता है। इसी दिन को धुलेंडी या रंगवाली होली कहते हैं।