Dasha Mata Ke Geet (दशा माता के गीत): सनातन धर्म में दशा माता के व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। जिन घरों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती उन्हें लगातार तीन साल तक ये व्रत रखना चाहिए। कहते हैं इस व्रत के प्रभाव से घर की दशा सुधरने लगती है। जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती चली जाती है। इसके अलावा इस दिन पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है। ये व्रत आप अपनी इच्छानुसार कितने साल भी रख सकते हैं। चलिए अब आपको बताते हैं दशा माता के लोकप्रिय गीतों के बारे में।
दशा माता के गीत (Dasha Mata Ke Geet)
हो रही तेरी आरती मीनावाड़ा की दशा माँ
हो रही तेरी आरती, मिनावाड़ा की दशा माँ,
है जग जननी माँ कल्याणी, करे आरती भक्त तुम्हारी,
द्वार तुम्हारे उतारे आरती,
मिलकर के नर ओर नारी, नर और नारी,
हो रही तेरी आरती....
ढोल नगाड़ा शंख बजे है, गूंज रही शहनाई,
रुमझुम रुमझुम होबे आरती,
जग मग जग ज्योत जगाई, माँ ज्योत जगाई,
हो रही तेरी आरती....
शीश मुकुट, गल मोतियन माला ,
ओढे लाल चुनरियाँ,
सज धजकर माँ बैठी ऊंट पर,
दर्शन कर रही दुनियाँ, ये दुनियाँ सारी,
हो रही तेरी आरती....
व्रत उपवास करके जो तेरा, दस दिन पूजा पड़ावे,
करके कृपा माँ उन भक्तो का,
दुख दरिद्र दूर भगावे, माँ बिगड़ी बनावे,
हो रही तेरी आरती....
कुमकुम पगले आप पधारो, खेल रही महारानी,
दिलबर नागेश द्वार खड़े माँ,
भक्त उतारे माँ तेरी आरती, माँ सबको तारती,
हो रही तेरी आरती....
आज म्हारे आँगनिये दशा माँ पधारिया (Dasha Mata Ki Gane)
आज म्हारे आँगनिये दशा माँ पधारिया
तर्ज- मालिया माँ ना आशीर्वाद ...
हो...माँ..हो....मेरी माँ.. दशा माँ....
है..आज म्हारे आंगणिये दशा माँ पधारियां
दशा माँ पधारियां , म्हारा भाग्य है सँवारियां
है... मीनावाड़ा वाली , म्हारा कारज संवारिया
है..आज म्हारे आंगणिये दशा....
दशा माता दशा उनकी सुधारे
व्रत पूजन कर माँ को जो पुकारे
है..जिस घर मे आये मैया ,भरे सुखों से झोलिया
है..आज म्हारे आंगणिये दशा....
राजा नल को माँ ने पर्चा दिखाया
गलती पे अपनी वो बड़ा पछताया
है...नल दमयंती की , ये सच्ची कहानियां
है..आज म्हारे आंगणिये दशा....
दशा माता व्रत की महिमा महान है,
ग्रन्थ भी जिसका करते बखान है
है...पतिव्रता नारी व्रत , दस दिन का धारिया
है..आज म्हारे आंगणिये दशा....
दुखो का नाश कर सुख बरसाना
दिलबर की है माँ बस यही भावना
है... नागेश की मैया , तू ही करती रखवालीयां
है..आज म्हारे आंगणिये दशा....
