Eye Twitch Meaning in Hindi: विज्ञान के दृष्टिकोण से देखें तो आंखों का फड़कना मांसपेशियों में होने वाली परेशानी का संकेत हो सकता है। या फिर जब दिमाग में टेंशन होती है या नींद न पूरी हो पाए तब भी आंखें फड़कने लगती हैं। वहीं दूसरी तरफ धार्मिक दृष्टि से देखें तो आंखों का फड़कना भविष्य में होने वाली किसी न किसी घटना का संकेत देता है। ये घटना शुभ भी हो सकती है और अशुभ भी। चलिए आपको बताते हैं पौराणिक काल से आंखों के फड़कने से जुड़ी क्या-क्या मान्यताएं हैं।
आंखों का फड़कना अशुभ?
आमतौर पर महिलाओं की दायीं तो पुरुषों की बायीं आंख फड़कना अशुभ माना जाता है। कहते हैं अचानक से आंखों का फड़कना भविष्य में होने वाली किसी बड़ी घटना का संकेत देता है। ऐसे में बड़े-बुजुर्ग विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। कहा जाता है कि जब आंख फड़कने लगे तो हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। चाहे तो आप भगवान शंकर की भी अराधना कर सकते हैं।
महिलाओं में आंख फड़कना
धार्मिक मान्यताओं अनुसार महिलाओं की बाईं आंख का फड़कना शुभ माना जाता है। जबकि इनकी दायीं आंख का फड़कना अशुभ होने का संकेत देता है। अगर किसी महिला की बाईं आंख फड़कती है तो इसका मतलब है कि उसके साथ कुछ अच्छा होने वाला है।
पुरुषों में आंख पड़कना
पुरुषों में दाहिनी आंख का फड़कना शुभ माना जाता है। कहते हैं इसका अर्थ है कि भविष्य में कुछ अच्छा होने वाला है। वहीं पुरुषों में बाईं आंख का फड़कना शुभ नहीं माना जाता। जिसका अर्थ होता है कि कुछ न कुछ बुरा होने वाला है।
दादी-नानी के ये नसीहत आ सकती हैं आपके काम
दानी-नानी या घर के अन्य बड़े बुजुर्ग आंख फड़कने पर कुछ विशेष उपाय करने की सलाह देते हैं। जैसे आप इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। महादेव की पूजा कर सकते हैं। या मन ही मन अपने ईष्ट देव की अराधना कर सकते हैं। इससे खराब समय टल जाएगा।
आंख फड़कने के वैज्ञानिक कारण
आंखों के फड़कने को मेडिकल भाषा में 'Myokymia' कहा जाता है। कहत हैं जब आंखों की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं तभी आंखों के फड़कने की समस्या आती है। इसके अलावा इसके कई आम कारण भी होते हैं। जैसे स्ट्रेस होना, आई स्ट्रेन, नींद की कमी या फिर एल्कोहल का अधिक सेवन होता है।
