Christmas 2022 Tree: क्रिसमस के त्योहार में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ईसा मसीह यानी यीशु के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 25 दिसंबर को मनाये जाने वाले क्रिसमस डे को भारत में भी धूमधाम से मनाया जाता है। क्रिसमस के दिन लोग अपने घरों को दिवाली की तरह खूब सजाते हैं। साथ ही घर पर क्रिसमस ट्री भी स्थापित करते हैं। क्रिसमस पर सबसे अधिक महत्व क्रिसमस ट्री का ही होता है। यह क्रिसमस ट्री सिर्फ सजावट तक ही सीमित नहीं होता है, बल्कि इसके साथ घर की पॉजिटिविटी भी जुड़ी होती है। इसलिए घर में क्रिसमस ट्री लगाते समय दिशा व स्थान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र में क्रिसमस ट्री लगाने से जुड़े नियमों के बारे में बताया गया है। आइये जानते हैं क्रिसमस ट्री को घर में कैसे लगाएं।
- वास्तु शास्त्र के मुताबिक क्रिसमस ट्री को घर के उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है। लेकिन किसी वजह से अगर इस दिशा में आप क्रिसमस ट्री नहीं रख पाते हैं, तो उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में भी इसे लगा सकते हैं।
- क्रिसमस ट्री लगाने से घर से नेगेटिव एनर्जी दूर होती है। साथ ही पॉजिटिव एनर्जी घर में प्रवेश करती है।
- क्रिसमस ट्री को घर के मेनगेट के सामने, गंदी जगह, खंभे आदि के पास नहीं लगाना चाहिए।
- क्रिसमस ट्री को कई लोग लाइट्स लगाकर भी सजाते हैं। वहीं वास्तु के मुताबिक अगर आप क्रिसमस ट्री पर लाइट लगा रहे हैं तो रेड और येलो कलर की लाइट्स का यूज कर सकते हैं।
जानें, क्रिसमस डे वाले दिन क्रिसमस ट्री लगाना क्यों आवश्यक
मान्यता है कि क्रिसमस डे पर क्रिसमस ट्री लगाने की शुरुआत उत्तरी यूरोप से की गई है। उसके बाद 16वीं शताब्दी के आते ही जर्मनी में क्रिसमस ट्री लगाना शुरू हुआ। लेकिन उस समय देवदार वृक्ष को क्रिसमस पर सजावट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। जिसके बाद से ही क्रिसमस डे पर क्रिसमस ट्री सजाने की प्रथा शुरू हो गई। क्रिसमस वाले दिन कुछ लोग चैरी के पौधे को भी क्रिसमस ट्री के रूप में लगाते हैं। इससे क्रिसमस ट्री स्पेशल होने के साथ काफी शुभ भी माना जाता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
