Cheti Chand/Jhulelal Jayanti 2025 Puja Vidhi (चेटी चंड/झूलेलाल जयंती 2025 पूजा विधि): चेटी चंड सिंधी समुदाय का एक प्रमुख और पावन त्योहार है, जिसे भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ये त्योहार हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है और सिंधी समाज के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण होता है। मान्यताओं के अनुसार चेटी चंड वो दिन होता है, जब अमावस्या के पश्चात् प्रथम चन्द्र दर्शन होता है। चैत्र माह में चंद्रमा के प्रथम दर्शन के कारण, इस दिन को चेटी चंड या झूलेलाल जयंती के रूप में जाना जाता है। भगवान झूलेलाल को वरुण देव का अवतार माना जाता है और वे सिंधी समाज के प्रमुख देवता हैं। ये दिन उनके द्वारा दिए गए सत्य, अहिंसा, भाईचारे और प्रेम के संदेश को फैलाने का भी होता है। इस दिन से सिंधी नव वर्ष की शुरुआत भी होती है। ये पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ सिंध प्रांतों में मनाया जाता है। इस दिन लोग भगवान झूलेलाल की विधिवत पूजा करते हैं और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए विशेष अनुष्ठान आयोजित करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि चेटी चंड के दिन भगवान झूलेलाल की पूजा कैसे होती है?
चेटी चंड/झूलेलाल जयंती 2025 पूजा विधि (Cheti Chand/Jhulelal Jayanti 2025 Puja Vidhi)
चेटी चंड यानी कि झूलेलाल जयंती की पूजा विधि इस प्रकार से है -
- स्नान और शुद्धि - सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर स्नान करें। इसके बाद साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल को साफ करें।
- पूजा की तैयारी - एक पवित्र स्थान चुनें और वहां भगवान झूलेलाल की प्रतिमा या चित्र रखें।
- भगवान झूलेलाल की पूजा - भगवान झूलेलाल का स्मरण करें और फूल, नारियल और मिठाई के साथ धूप और दीप अर्पित करें।
- आरती और भजन - झूलेलाल की आरती करें और उनके भजन गाएं।
- ध्यान और श्रद्धा - पूजा के दौरान ध्यान केंद्रित कर श्रद्धा भाव से भगवान झूलेलाल का आशीर्वाद प्राप्त करें।
चेटी चंड/झूलेलाल जयंती 2025 डेट (Cheti Chand/Jhulelal Jayanti 2025 Date)
चेटी चण्ड का पर्व 30 मार्च को रविवार के दिन मनाया जाएगा। ये त्योहार चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मनाया जाता है। ऐसे में प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को 04:27 पी.एम से प्रारंभ होगी और 30 मार्च को 12:49 पी.एम पर समाप्त होगी। इस दिन का शुभ मुहूर्त 06:38 पी.एम से 07:45 पी.एम तक रहेगा, जिसकी अवधि 1 घंटे 7 मिनट की है।
