Chandra Gochar 2026 : वैदिक ज्योतिष के अनुसार 23 मई 2026 की सुबह 2 बजकर 7 मिनट पर चंद्रमा ने सिंह राशि में प्रवेश कर लिया है। सिंह राशि में पहले से ही केतु मौजूद हैं, ऐसे में चंद्रमा और केतु की युति से पिशाच योग का निर्माण हो गया है। ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है, जबकि केतु भ्रम, अलगाव, अचानक घटनाओं और मानसिक अस्थिरता से जुड़ा ग्रह माना जाता है।
यह युति दो दिनों तक मौजूद रहेगी। जब चंद्रमा और केतु एक साथ आते हैं, तो व्यक्ति के मन में बेचैनी, भ्रम, डर, ओवरथिंकिंग और निर्णय लेने में दिक्कत बढ़ सकती है। यह योग कुछ राशियों के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों को इस गोचर के दौरान सावधान रहने की जरूरत है।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए चंद्रमा और केतु की यह युति प्रेम संबंधों और मानसिक शांति को प्रभावित कर सकती है। अचानक किसी बात को लेकर गुस्सा या तनाव बढ़ सकता है। स्टूडेंट्स का पढ़ाई में मन कम लगेगा और फोकस कमजोर हो सकता है। परिवार में भी छोटी-छोटी बातों को लेकर बहस की स्थिति बन सकती है। इस दौरान जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। पिशाच योग के नकारात्मक असर को कम करने के लिए रोज शाम को हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंगलवार को गुड़ व चने का दान करें।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों को इस दौरान धन और परिवार से जुड़े मामलों में सतर्क रहना होगा। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं और किसी करीबी की बात मन को दुखी कर सकती है। मानसिक तनाव के कारण नींद भी प्रभावित हो सकती है। किसी पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना नुकसान दे सकता है। इस समय भावुक होकर फैसले लेने से बचना बेहतर रहेगा। अशुभ प्रभाव कम करने के लिए शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें।
सिंह राशि
चंद्रमा और केतु की युति आपकी ही राशि में बन रही है, इसलिए इसका असर सबसे ज्यादा सिंह राशि वालों पर देखने को मिल सकता है। मन में असमंजस, अकेलापन और आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को बिना वजह डर या चिंता परेशान कर सकती है। कामकाज में मन कम लगेगा और रिश्तों में दूरी बढ़ सकती है। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें। इस दौरान ध्यान और मेडिटेशन करना आपके लिए लाभकारी रहेगा। इसके साथ ही रोज सुबह सूर्य को जल चढ़ाएं और जरूरतमंदों को पीले फल का दान करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह योग करियर और कार्यक्षेत्र में तनाव बढ़ा सकता है। ऑफिस में किसी के साथ गलतफहमी हो सकती है या आपके काम की आलोचना हो सकती है। मन में नकारात्मक विचार ज्यादा आ सकते हैं। इस समय गुस्से और अहंकार पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। वाहन चलाते समय भी सावधानी रखें। इस गोचर के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए सरसों के तेल का दान करें और भगवान भैरव की पूजा करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए यह युति वैवाहिक जीवन और पार्टनरशिप के मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकती है। रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं और मन बेचैन रह सकता है। बिजनेस पार्टनर के साथ विवाद की स्थिति बन सकती है। किसी भी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें। मानसिक शांति बनाए रखना इस समय सबसे जरूरी रहेगा। राहत पाने के लिए रोज रात को चंद्रमा को देखकर 'ॐ सोम सोमाय नमः' मंत्र का जप करें और सफेद वस्तुओं का दान करें।
पिशाच योग में क्या सावधानी रखें
चंद्रमा और केतु की युति के दौरान नकारात्मक सोच, भ्रम और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में ज्यादा अकेले रहने से बचें, सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताएं और ध्यान-पूजा जरूर करें। इस समय किसी भी तरह के विवाद, झूठ या गलत संगति से दूरी बनाकर रखना बेहतर माना जाता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
