चैत्र नवरात्रि 2025 में क्या करें (Chaitra Navratri 2025 Dos)
- दिन की शुरुआत स्नान से करें - प्रातः स्नान करके पूजा स्थल की सफाई करें, फिर मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें, आरती करें और सात्विक भोग अर्पित करें।
- मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करें - नवरात्रि के प्रत्येक दिन मां दुर्गा के एक भव्य स्वरूप की पूजा करें।
- विशेष रंगों के वस्त्र पहनें - नवरात्रि का हर दिन एक शुभ रंग से जुड़ा होता है। उस दिन के अनुसार नए और स्वच्छ वस्त्र पहनें, जो सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं।
- घटस्थापना करें - नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना करें। ये माता रानी की पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे प्रातिपदा तिथि पर करना चाहिए।
- स्वच्छता बनाए रखें - पूरे नौ दिनों तक घर की सफाई का विशेष ध्यान रखें और पवित्रता बनाए रखें।
- सात्विक भोजन का सेवन करें - व्रत के दौरान फल, दूध, पनीर, मखाना, सेंधा नमक, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा और साबुदाना खाना उचित माना जाता है।
- कन्या पूजन करें - अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करें। कन्याओं को आमंत्रित करके उनके पैर धोएं और उन्हें भोजन कराएं।
चैत्र नवरात्रि 2025 में क्या न करें (Chaitra Navratri 2025 Don'ts )
- तामसिक भोजन से बचें - नवरात्रि के दौरान प्याज, लहसुन, मांसाहारी भोजन और मदिरा का सेवन न करें।
- कलश को न हटाएं - घटस्थापना के बाद कलश को अंतिम दिन तक न हटाएं और उसकी पूजा नियमित रूप से करें।
- वाणी पर ध्यान दें - विवाद, झूठ और कठोर शब्दों से बचें। सकारात्मक व्यवहार बनाए रखें।
- काले रंग के वस्त्र न पहनें - नवरात्रि के दौरान काले रंग के कपड़ों से परहेज करें, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है।
- नाखून, बाल और दाढ़ी न काटें - इन नौ दिनों में नाखून काटना, बाल कटवाना या दाढ़ी बनवाना वर्जित होता है।
- सरसों के तेल और तिल का उपयोग न करें - खाने में सरसों के तेल और तिल के उपयोग से बचें।
- दिन में न सोएं - नवरात्रि के धार्मिक अनुष्ठान के दौरान दिन के समय सोने से बचें।
- चमड़े से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें - चमड़े से बनी चीजों का प्रयोग न करें, क्योंकि इन्हें अशुद्ध माना जाता है।
क्या नवरात्रि में चाय या कॉफी पी सकते हैं
नवरात्रि के व्रत के दौरान चाय या कॉफी पीने की कोई सख्त मनाही नहीं है, लेकिन रात में कैफीन युक्त पेय पदार्थों से बचना चाहिए क्योंकि इससे गैस की समस्या हो सकती है। कैफीन युक्त पेय पदार्थों का अधिक सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। यदि आप व्रत के दौरान चाय या कॉफी पीते हैं तो इसका सेवन सीमित मात्रा में करें। साथ ही अगर आप व्रत के दौरान चाय या कॉफी नहीं पीना चाहते हैं तो आप फलों का जूस, लस्सी या छाछ जैसे स्वस्थ पेय पदार्थों का सेवन भी कर सकते हैं।
