Chaitra Navratri 2026: साल 2026 की चैत्र नवरात्रि इस बार खास ज्योतिषीय स्थितियों में शुरू हो रही है। इस दौरान एक तरफ जहां सूर्य मीन राशि में रहेंगे, जिससे खरमास का प्रभाव रहेगा, वहीं दूसरी ओर नवरात्रि के शुरुआती दिनों में पंचक भी लग रहा है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या इस समय सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं या कुछ कामों पर रोक रहेगी।
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो रही है और समापन 26 मार्च 2026 को होगा। वहीं 15 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास रहेगा। इसके अलावा 16 मार्च से 20 मार्च तक पंचक का प्रभाव रहेगा। यानी नवरात्रि के शुरुआती दिन पंचक में रहेंगे और पूरी नवरात्रि खरमास के दौरान पड़ेगी।
नवरात्रि में पंचक का प्रभाव कैसा रहेगा (Navratri mein Panchak ka prabhav kaisa rahega)
पंचक को ज्योतिष में ऐसा समय माना जाता है, जिसमें कुछ खास कामों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। यह स्थिति तब बनती है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि के कुछ नक्षत्रों में रहता है। इस बार पंचक नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही प्रभावी रहेगा, इसलिए शुरुआती दिनों में थोड़ी सावधानी रखना जरूरी माना जाता है। हालांकि हर पंचक का प्रभाव एक जैसा नहीं होता, फिर भी बड़े और महत्वपूर्ण कामों को टालना बेहतर माना जाता है। इस बार पंचक 16 मार्च सोमवार से शुरू हुआ है, जो राज पंचक कहलाता है। इस कारण यह ज्यादा अशुभ प्रभाव वाला नहीं माना जाता है।
खरमास का नवरात्रि पर क्या असर रहेगा (Kharmas ka Navratri par kya asar rahega)
खरमास उस समय को कहा जाता है जब सूर्य गुरु की राशियों यानी धनु या मीन में रहते हैं। इस दौरान सूर्य की ऊर्जा कमजोर मानी जाती है, इसलिए इसे मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल समय नहीं माना जाता है। साल 2026 में पूरी चैत्र नवरात्रि खरमास के दौरान ही पड़ रही है। ऐसे में विवाह, गृह प्रवेश, सगाई या नया व्यवसाय शुरू करने जैसे कार्य इस समय करने से बचना चाहिए। हालांकि पूजा-पाठ, व्रत और साधना के लिए यह समय बहुत अच्छा माना गया है।
क्या नवरात्रि की पूजा और घटस्थापना करना सही है (Navratri ki puja aur ghatasthapana sahi hai ya nahi)
ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल है कि पंचक और खरमास के दौरान नवरात्रि की पूजा करना सही है या नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि देवी उपासना का विशेष पर्व है। इसलिए इस दौरान घटस्थापना, व्रत और मां दुर्गा की पूजा पूरी तरह शुभ मानी जाती है। पंचक और खरमास का असर इस पर नहीं माना जाता है। यानी भक्त बिना किसी चिंता के पूरे श्रद्धा भाव से पूजा कर सकते हैं।
किन शुभ कार्यों पर रहेगी पाबंदी (Kaun se shubh kaam par rahegi pabandi)
पंचक और खरमास के कारण इस समय कुछ मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए। इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नया घर बनवाने की शुरुआत, मुंडन संस्कार या नया व्यापार शुरू करना शुभ नहीं माना जाता है। इसके अलावा बड़े निवेश या नई योजनाओं की शुरुआत भी टालना चाहिए। पंचक के दौरान विशेष रूप से लकड़ी से जुड़े कार्य या छत बनवाने जैसे कामों से भी बचना बेहतर माना जाता है।
नवरात्रि में क्या करना रहेगा शुभ (Navratri mein kya karna shubh rahega)
जहां एक ओर कुछ कार्यों पर रोक रहेगी, वहीं नवरात्रि का समय धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। इन दिनों मां दुर्गा की पूजा, व्रत, मंत्र जाप, पाठ, हवन और दान करना बहुत फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही घर में साफ-सफाई रखना, सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है।इस समय को आध्यात्मिक रूप से खुद को मजबूत करने और ईश्वर की भक्ति में समय देने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
