Sawan Shivratri 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat: सावन शिवरात्रि आज, यहां देखें शिव जी की पूजा के लिए विधि, मुहूर्त, आरती, कथा, मंत्र व उपाय
Sawan Shivratri 2022 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Samagri, Mantra: सावन मास में पड़ने वाली शिवरात्रि तिथि बेहद विशेष मानी गई है। लेकिन इस वर्ष शिवरात्रि तिथि पर बेहद खास संयोग बनने वाला है जिसकी वजह से इसका महत्व और बढ़ गया है। यहां जानें 2022 में सावन शिवरात्रि कब है और इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त कब है। साथ ही जानिए शिवरात्रि के उपाय
Sawan Shivratri 2022 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List: शिव शंभू का प्रिय महीना सावन इस वर्ष 14 जुलाई से प्रारंभ हुआ था। इस माह में पड़ने वाले हर एक पर्व और त्योहार बेहद विशेष माने गए हैं। लेकिन सावन माह की शिवरात्रि का खास महत्व है। सावन माह में पड़ने की वजह से इसे सावन शिवरात्रि कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त सावन शिवरात्रि पर शिव जी तथा मां पार्वती की पूजा करता है उसे विशेष फल की प्राप्ति होती है।
Sawan Shivratri 2022 Date, Puja Timings
सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करना शिव साधकों के लिए अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। इस दिन शिव मंदिर के दर्शन व जलाभिषेक से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। कहा जाता है कि सावन शिवरात्रि पर भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
Sawan Shivratri 2022 Date, Puja Vidhi
इस वर्ष सावन शिवरात्रि पर कई वर्षों के बाद बेहद शुभ संयोग बन रहा है। कहा जा रहा है कि इस दिन शिव-पार्वती योग बन रहा है। अगर आप भी शिव जी की आराधना के लिए इस दिन वर्त रख रहे हैं तो यहां जानें सावन शिवरात्रि की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा मुहूर्त, पूजा विधि, आरती, मंत्र, कथा और उपाय समेत सभी आवश्यक जानकारी।
Sawan Shivratri 2022 Wishes And Quotes
पी के भांग जमा लो रंग
जिन्दगी बीते खुशियों के संग
लेकर नाम शिव भोले का
दिल में भर लो शिवरात्रि की उमंग
शिवरात्रि की हार्दिक बधाई
Sawan Shivratri 2022 Puja Muhurat: आज किस मुहूर्त में करें पूजा?
आज पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 07:24 से रात 09:28 तक रहने वाला है। इस मुहूर्त में शिव जी की पूजा करने के साथ उनका अभिषेक अवश्य करें। इस मुहूर्त में आप मंगला गौरी के व्रत की पूजा भी कर सकते हैं।
Sawan Shivratri 2022: आज रखा जा रहा है मंगला गौरी का व्रत
आज पूरे भारत में सावन शिवरात्रि की धूम है। सावन शिवरात्रि के व्रत के साथ आज लोग मंगला गौरी का व्रत भी रख रहे हैं। सावन शिवरात्रि और मंगला गौरी का व्रत एक ही पड़ने की वजह से आज बेहद शुभ संयोग बन रहा है।
Sawan Shivratri 2022 Wishes: शिव की शक्ति
शिव की शक्ति,
शिव की भक्ति,
खुशी की बहार मिले,
सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर,
जिंदगी में आपको नई शुरुआत मिले
शिवजी को अर्पित करें ये 5 तरह के अनाज
सावन में भगवान शिव की विशेष कृपा चाहते हैं तो उनके प्रिय फल-फूल के साथ ही यह 5 तरह के अनाज अर्पित करें। शिवजी को इन 5 तरह के अनाज चढ़ाने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होगी और कष्टों से मुक्ति मिलेगी। जानते हैं कौन से हैं ये पांच अनाज-
अक्षत
काला तिल
अरहर दाल
गेंहू
मूंग
रोजगार के लिए और मनचाही नौकरी के लिए करें ये उपाय
सावन शिवरात्रि के दिन जलधार से भगवान शिव का अभिषेक करें।
जलाभिषेक करते समय नमः शिवाय का जाप करते रहे।
भोलेनाथ से रोजगार प्राप्ति की प्रार्थना करें।
भोलेनाथ के प्रतिमा के सामने 11 घी का दीपक जलाएं।
सावन शिवरात्रि की पूजा सामग्री
सावन शिवरात्रि के दिन शिव पूजा के तुलसीदल, दीपक, शुद्ध देसी घी, भांग, जौ, बर्तन, पंचमेवा, फूल, पवित्र जल, रोली, जनेऊ, सोना, चांदी, शहद, पांच प्रकार की मिठाई, मौली, आम्र मंजरी, पांच प्रकार के फल, धतूरा, पंचमेवा, गाय का दूध, चंदन, पंचरस, धूप, बिल्वपत्र, कपूर, बेर, पवित्र जल, गंध, इत्र, दक्षिणा, रुई, मां पार्वती की श्रृंगार सामग्री आदि चीजें तैयार कर लें।
शिव की महिमा होती है अपरंपार
शिव की महिमा होती है अपरंपार,
जो सभी भक्तों का करती है बेड़ा पार,
चले आओ जुड़ें बैठे शिव के चरणों में,
मिलकर बांट लें हम भोले का यह प्यार।
सावन शिवरात्रि की शुभकामनाएं
शिव सत्य है, शिव अनंत है
शिव सत्य है, शिव अनंत है,
शिव अनादि है, शिव भगवंत है,
शिव ओंकार है, शिव ब्रह्म है,
शिव शक्ति है, शिव भक्ति है,
आओ भगवान शिव का नमन करें,
उनका आशीर्वाद हम सब पर बना रहे।
अपनों को भेजें बधाई
शीघ्र विवाह के लिए
विवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है या किसी कारण विवाह में देरी हो रही है तो सावन माह में कुंवारी कन्या द्वारा घर के उत्तर दिशा में तुलसी का पौधा लगवाएं। ऐसा करने से जल्द विवाह के योग बनते हैं।
वास्तु दोष के निवारण के लिए
घर पर कैसा भी वास्तु दोष क्यों ना हो। सावन के महीने में यदि आप पारद का शिवलिंग घर लाते हैं और इसकी नियमित पूजा करते हैं तो इससे वास्तु दोष का निवारण होता है।
कलह-क्लेश से बचाव के लिए
वास्तु दोष होने से घर पर अशांति का माहौल बना रहता है। ऐसे में गृहक्लेश से मुक्ति के लिए और कलह-क्लेश के बचाव के लिए सावन महीने में घर के ईशान कोण में सोमवार के दिन रुद्राभिषेक करें।
खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए उपाय
सावन शिवरात्रि पर पति-पत्नि को एकसाथ जलधारा अर्पित करना चाहिए। शिवलिंग पर जलधारा अर्पित समय शिव-शिव का जाप अवश्य करें। इस दिन दंपत्ति को गुलाब की पंखुड़ियां भी चढ़ानी चाहिए।
धन प्राप्ति के लिए उपाय
इस दिन भगवान शिव को शहद, दूध, घी, शक्कर आदि से अभिषेक करें। इसके साथ ॐ पार्वतीपतये नमः मंत्र का जाप करते हुए उनसे प्रार्थना करें।
आरोग्य जीवन के लिए उपाय
सावन शिवरात्रि पर शिवजी को इत्र अर्पित करते हुए हर हर महादेव कहते रहें। इसके साथ जल भी अर्पित करें और नम: शिवाय का जाप करें।
शिक्षा और एकाग्रता के लिए उपाय
सावन के महीने में ज्ञान प्राप्ति के लिए सावन शिवरात्रि पर जल में दूध मिला कर शिवलिंग का अभिषेक करें। इस दौरान शिव-शिव का उच्चारण करें। इसके साथ पंचमुखी रुद्राक्ष शिवलिंग से स्पर्श करवा कर पहनें।
नौकरी के लिए उपाय
सावन के महीने में कई तरह के उपाय करना शुभ माना गया है। नौकरी के लिए भगवान शिव का जलाभिषेक करें तथा 11 घी का दीपक जलाकर प्रार्थना करें।
सावन में पहनें हरा रंग
हरा रंग सौभाग्य का रंग होता है। सावन आते ही चारों तरफ हरियाली आ जाती है। सावन के महीने में सुहागन महिलाएं हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां पहनती है। हरा रंग प्रेम प्रसन्न और खुशी का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से महिलाएं सावन के महीने में हरे रंग के सिंगार करके भगवान और प्राकृतिक को धन्यवाद देती हैं। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि हरा रंग भगवान शिव को भी अति प्रिय है। इसलिए सावन के महीने में हरा रंग पहनना शुभ माना जाता है।
सावन में भगवान शिव की पूजा करते वक्त करें ये तीन आरती
सावन के महीने में जलाभिषेक का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करने पर हर मनोकामना की पूर्ति होती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा करते वक्त उनकी तीन आरती जरूर करें। माना जाता है कि इससे भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है। यहां पढ़ें पूरी खबर।
पहली आरती- ओम जय शिव ओंकारा
दूसरी आरती- ॐ जय गंगाधर
तीसरी आरती- हर हर महादेव की
सावन शिवरात्रि पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
सावन शिवरात्रि 26 जुलाई को है। इस दिन शाम 7:24 से रात 9:28 तक पूजा के लिए बेहद शुभ मुहूर्त बन रहा है। इस मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा करना भक्तों के लिए लाभदायक रहेगा। पूजा के दौरान भगवान शिव का जलाभिषेक अवश्य करें। वैसे 26 और 27 जुलाई दोनों ही दिन आप भगवान शिव का अभिषेक कर सकते हैं।
सावन शिवरात्रि की पूजा विधि
सावन शिवरात्रि का व्रत सनातन धर्म में बेहद विशेष माना गया है। इस दिन शिव जी के सभी भक्तों को सुबह नित्य क्रियाओं से निवृत होने के बाद स्नान अवश्य करना चाहिए। स्नान करने के बाद पीले या सफेद वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती के सामने व्रत करने का संकल्प लें। व्रत का संकल्प लेने के बाद भगवान शिव और पूरे शिव परिवार की पूजा आराधना करें। इस दिन भगवान शिव का अभिषेक करना बेहद लाभदायक माना गया है। पूजा के दौरान भगवान शिव को शहद, दूध, दही, चीनी आदि अर्पित करें। इस दिन भगवान शिव को धतूरा, माला, बेलपत्र आदि अर्पित किया जाता है। इसके बाद शिव चालीसा या शिव तांडव स्त्रोत आदि का पाठ करें और कथा पढ़ें। अंत में शिवजी की आरती जरूर करें।
सावन में खरीदें ये चीजें
सावन में इन चीजों की खरीदारी से धन-वैभव की देवी मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। जानते हैं सावन माह किन चीजों को खरीदना होता है शुभ।
शिवलिंग
डमरू
चांदी की डिब्बी
चांदी का कड़ा
रुद्राक्ष
दूसरे प्रहर की पूजा
जब हिरनी ने देखा कि भील उस मारना चाहता है तब उसने कहा कि वह अपने बच्चों को अपनी बहन के पास छोड़ कर वापस आ जाएगी। ऐसे में भील ने उस हिरनी को छोड़ दिया। इसके बाद हिरनी की बहन वहां आ गई। उसे देखने के बाद एक बार फिर भील ने अपना धनुष चढ़ा लिया। जिसकी वजह से एक बार फिर उसके हिलने से बिल्वपत्र शिवलिंग पर गिर गया और दूसरे प्रहर की पूजा भी हो गई। जब हिरनी की बहन ने देखा कि भील उसे मारने वाला उसने कहा कि वह अपने बच्चों को किसी सुरक्षित जगह पर छोड़ कर वापस आ जाएगी। भील ने इस हिरनी को भी जाने दिया।
अपनी हिरनी को ढूंढते-ढूंढते वहां एक हिरन आ गया। हिरन को मारने के चक्कर में एक बार भील की वजह से बिल्वपत्र शिवलिंग पर गिर गया और तीसरे प्रहर की पूजा हो गई। जब हिरन ने देखा कि भील उसे मारने वाला है तब उसने भी भील को वापस आने का वादा किया। कुछ देर बाद हिरनी, हिरनी की बहन और हिरन वहां आ गए, जिन्हें देखकर भील बहुत खुश हुआ। सबको मारने के लिए जब भील तैयार होने लगा तब एक बार फिर बिल्वपत्र गिर गया। और ऐसे करते-करते उसने चारों प्रहर की पूजा कर ली।
शिवरात्रि के प्रथम प्रहर की पूजा कथा
गुरुद्रुह नाम का एक भील वाराणसी के जंगल में रहा करता था। शिकार करके वह अपने परिवार की देखरेख करता था। शिवरात्रि के दिन भील को एक भी शिकार नहीं मिला जिसके लिए वह शिकार ढूंढते-ढूंढते जंगल में चला गया। जंगल में एक झील था जिसके पास बिल्ववृक्ष लगा हुआ था। वृक्ष के नीचे एक शिवलिंग था। भील वृक्ष पर बैठ गया और इंतजार करने लगा। इतने में एक हिरनी वहां आई। हिरनी को देखते ही वह उसे तीर मारने की तैयारी करने लगा जिसकी वजह से बिल्वपत्र शिवलिंग पर गिर गया। ऐसे में भील ने अनजाने में शिवरात्रि की प्रथम प्रहर की पूजा कर ली।
शिवजी की उपासना के नियम
यदि आप सावन माह में घर पर शिवलिंग की पूजा करते हैं तो जान लें कि किस दिशा में शिवलिंग स्थापित करना चाहिए और पूजा के समय किस ओर होना चाहिए भगवान का मुख।
- शिवजी के लिए उत्तर दिशा सही मानी गयी है। इसलिए शिवलिंग का मुख हमेशा उत्तर की दिशा की ओर ही रखना चाहिए।
- सावन में शिवजी की पूजा यदि आप सुबह के समय करते हैं तो इस दौरान पूर्व की ओर मुख करके पूजा करनी चाहिए।
- यदि आप संध्या के समय शिवजी की अराधना करते हैं तो अपना मुख पश्चिम दिशा की ओर रखें।
- यदि आप रात्रि में शिवजी की उपासना करते हैं तो अपना मुख उत्तर दिशा की ओर रखें।
- यदि आप जाप करते हैं तो पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके ही जाप करना चाहिए।
शिवलिंग स्थापना को लेकर इन बातों का रखें ध्यान
सावन के पूरे माह शिवभक्त भोलेनाथ की पूजा-अराधना करते हैं और व्रत रखते हैं। कहा जाता है कि सावन माह में शिवजी के शिवलिंग रूप की पूजा करना सबसे अधिक फलदायी होता है। शिवलिंग स्थापना को लेकर इन बातों का रखें ध्यान
- घर में शिवलिंग की स्थापना करते समय इस बात का ध्यान रखें कि वहां अंधेरा न हो।
- खुली व प्रकाशमय जगह पर ही शिवलिंग स्थापित करनी चाहिए।
- शिवलिंग के उत्तर दिशा की ओर नहीं बैठना चाहिए। क्योंकि इस दिशा में भगवान शिव का बांया अंग होता है, जोकि शक्ति स्वरूपा मां उमा की होती है।
आओ भगवान शिव का नमन करें
शिव सत्य है, शिव अनंत है,
शिव अनादि है, शिव भगवंत है,
शिव ओंकार है, शिव ब्रह्म है,
शिव शक्ति है, शिव भक्ति है,
आओ भगवान शिव का नमन करें,
उनका आशीर्वाद हम सब पर बना रहे।
Sawan Shivratri 2022: सावन के तीसरे और चौथे सोमवार के उपाय
सावन के तीसरे सोमवार को एक मुट्ठी हरे मूंग चढ़ाएं। इससे आपके जीवन में रुका विकास दूर होगा और जीवन मे सफला के मार्ग खुलेंगे। वहीं, सावन के चौथे सोमवार को एक मुट्ठी जौ चढ़ाना चाहिए। ये घर-परिवार के विकास और समृद्धि के लिए बहुत उपयोगी उपाय है।
Sawan Shivratri 2022: माता-पिता के कष्ट होंगे दूर
श्रद्धाभाव से शिव चतुर्दशी का व्रत करते हैं उनके माता- पिता के भी कष्ट दूर हो जाते हैं। शिव चतुर्दशी के दिन शिवजी की पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। शिव जी के साथ उनके पूरे परिवार व नंदी का पूजन भी करें।
Sawan Shivratri 2022: मध्यरात्रि करें इस मंत्र का जाप
शिव चतुर्दशी यानी सावन शिवरात्रि के दिन मध्य रात्रि में एक मंत्र पढ़ने भर से आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं।
मनोकामना पूरी करने के लिए मध्य रात्रि में करें इन मंत्रों का जाप।
“शंकराय नमसेतुभ्यं नमस्ते करवीरक
त्र्यम्बकाय नमस्तुभ्यं महेश्र्वरमत: परमनमस्तेअस्तु
महादेवस्थाणवे च ततछ परमू
नमः पशुपते नाथ नमस्ते शम्भवे नमः
नमस्ते परमानन्द नणः सोमार्धधारिणे
नमो भीमाय चोग्राय त्वामहं शरणं गतः”
Sawan Shivratri 2022: केवल एक समय करना चाहिए भोजन
शिव चतुर्दशी का व्रत करने वाले को केवल एक समय भोजन करना चाहिए। सुबह व्रत का संकल्प लेकर धूप, दीप पुष्प आदि से शिव जी की विधिवत पूजा करें और उसके बाद शिवजी का अभिषेक कर चढ़वा चढ़ाएं। खास कर भांग, धतूरा और बेलपत्र जरूर चढ़ाएं।
Sawan Shivratri 2022: शिवलिंग के सामने रखें रुद्राक्ष
रुद्राक्ष को गले में धारण करने से पहले शिवलिंग के सामने रखकर शिव मंत्रों का जाप करें। इसके बाद इसे गले में धारण करना चाहिए। इन नियमों को अपनाते हुए यदि आप सावन के महीने में गले में रुद्राक्ष धारण करें, तो भोलेनाथ की कृपा दृष्टि आप पर सदैव बनी रहेगी।
सोमवार के दिन ही पहने रुद्राक्ष
रुद्राक्ष को सावन के महीने में हमेशा सोमवार के दिन ही पहनना चाहिए। सोमवार के दिन गले में रुद्राक्ष धारण करने से भगवान शिव शंकर की कृपा दृष्टि हमेशा बनी रहती है।
Sawan Shivratri 2022: लाल धागे में करना चाहिए रुद्राक्ष धारण
रुद्राक्ष धारण करने के लिए सावन का महीना सबसे बेहतर महीना होता हैं। ज्योतिषों के अनुसार सावन के महीने में गले में रुद्राक्ष धारण हमेशा लाल धागे में करना चाहिए। ऐसा करना बेहद लाभकारी होता है।
Sawan Shivratri 2022: खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए पति-पत्नी करें ये उपाय
खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए सावन की शिवरात्रि पर पति-पत्नि को एक साथ जलधारा अर्पित करना चाहिए। शिवलिंग पर जलधारा अर्पित समय शिव-शिव का जाप अवश्य करें। इस दिन दंपत्ति को गुलाब की पंखुड़ियां भी चढ़ानी चाहिए।
Sawan Shivratri 2022: धन प्राप्ति के लिए उपाय
धन प्राप्ति के लिए सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को शहद, दूध, घी, शक्कर आदि से अभिषेक करें। इसके साथ ॐ पार्वतीपतये नमः मंत्र का जाप करते हुए उनसे प्रार्थना करें।
नौकरी के लिए करें ये उपाय
नौकरी के लिए भगवान शिव का जलाभिषेक करें तथा 11 घी का दीपक जलाकर प्रार्थना करें।
Sawan Shivratri 2022: ज्ञान प्राप्ति के लिए उपाय
ज्ञान प्राप्ति के लिए सावन शिवरात्रि पर जल में दूध मिला कर शिवलिंग का अभिषेक करें। इस दौरान शिव-शिव का उच्चारण करें। इसके साथ पंचमुखी रुद्राक्ष शिवलिंग से स्पर्श करवा कर पहनें।
Sawan Shivratri 2022: सावन शिवरात्रि में जरूर करें श्री रुद्राष्टकम स्तुति का पाठ
नमामीशमीशान निर्वाण रूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदः स्वरूपम् ।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाशवासं भजेऽहम् ॥
निराकार मोंकार मूलं तुरीयं, गिराज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम् ।
करालं महाकाल कालं कृपालुं, गुणागार संसार पारं नतोऽहम् ॥
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं, मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम् ।
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारू गंगा, लसद्भाल बालेन्दु कण्ठे भुजंगा॥
चलत्कुण्डलं शुभ्र नेत्रं विशालं, प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम् ।
मृगाधीश चर्माम्बरं मुण्डमालं, प्रिय शंकरं सर्वनाथं भजामि ॥
प्रचण्डं प्रकष्टं प्रगल्भं परेशं, अखण्डं अजं भानु कोटि प्रकाशम् ।
त्रयशूल निर्मूलनं शूल पाणिं, भजेऽहं भवानीपतिं भाव गम्यम् ॥
कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी, सदा सच्चिनान्द दाता पुरारी।
चिदानन्द सन्दोह मोहापहारी, प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी ॥
न यावद् उमानाथ पादारविन्दं, भजन्तीह लोके परे वा नराणाम् ।
न तावद् सुखं शांति सन्ताप नाशं, प्रसीद प्रभो सर्वं भूताधि वासं ॥
न जानामि योगं जपं नैव पूजा, न तोऽहम् सदा सर्वदा शम्भू तुभ्यम् ।
जरा जन्म दुःखौघ तातप्यमानं, प्रभोपाहि आपन्नामामीश शम्भो ॥
रूद्राष्टकं इदं प्रोक्तं विप्रेण हर्षोतये
ये पठन्ति नरा भक्तयां तेषां शंभो प्रसीदति।।
॥ इति श्रीगोस्वामितुलसीदासकृतं श्रीरुद्राष्टकं सम्पूर्णम् ॥
Sawan Shivratri 2022: सावन शिवरात्रि पर करें इस मंत्र का पाठ
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
सावन शिवरात्रि की तिथि एवं पूजा मुहूर्त
सावन शिवरात्रि तिथि: 26 जुलाई 2022
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 26 जुलाई 2022 शाम 6:45
चतुर्दशी तिथि समापन: 27 जुलाई 2022 रात 9:10
Sawan Shivratri 2022 Maa Parvati Ji Ki Aarti
जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।।
बेलपत्री तोड़ने के नियम
बेलपत्र चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या के साथ ही संक्रान्ति और सोमवार को नहीं तोड़ना चाहिए। इसे एक दिन पहले तोड़ कर रख लें और इन तिथियों पर शिवजी को चढ़ा दें।
Sawam Shivratri 2022 Shiv Ji Ki Aarti:
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा
।।ॐ जय शिव..॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे
।।ॐ जय शिव..॥
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे
॥ ॐ जय शिव..॥
अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी
॥ ॐ जय शिव..॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे
॥ ॐ जय शिव..॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता
॥ ॐ जय शिव..॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका
॥ ॐ जय शिव..॥
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी
॥ ॐ जय शिव..॥
त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे
॥ ॐ जय शिव..॥
Sawan Shivratri 2022 Paran Time
वर्ष 2022 में सावन शिवरात्रि तिथि 26 जुलाई को पड़ रही है। इस दिन देशभर में सावन शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा और शिव जी की पूजा की जाएगी। सावन शिवरात्रि व्रत का पारण 27 जुलाई को सुबह 05 बजकर 40 मिनट से दोपहर 03 बजकर 51 मिनट तक किया जा सकता है।
Sawan Shivratri 2022: कब करें जलाभिषेक?
इस वर्ष सावन शिवरात्रि 26 जुलाई को है। सावन शिवरात्रि की तिथि 26 जुलाई को शाम 06:45 से 27 जुलाई को रात 09:10 तक रहेगी। ऐसे में आप 26 और 27 जुलाई दोनों दिन जलाभिषेक कर सकते हैं।
Sawan Shivratri 2022 Shubh Muhurat: बन रहा है शिव-पार्वती का विशेष संयोग
सावन शिवरात्रि पर इस वर्ष कई साल बाद विशेष संयोग बन रहा है। सावन शिवरात्रि इस वर्ष 26 जुलाई को है और इस दिन मंगलवार है। और सावन माह के हर मंगलवार को मंगला गौरी का व्रत रखा जाता है और पूजा की जाती है। सावन शिवरात्रि और मंगला गौरी का व्रत एक ही पड़ने की वजह से इस दिन शिव-पार्वती का संयोग बन रहा है।
Sawan Shivratri 2022: सावन शिवरात्रि पर कैसे करें पूजा?
सावन शिवरात्रि पर सुबह स्नान करने के बाद पीले या सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। अपने घर के मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान कार्तिकेय, गणेश जी और नंदी जी की प्रतिमा को स्थापित करें। इसके बाद शिव परिवार को पंचामृत से स्नान कराएं और उन्हें बेलपत्र, फूल, दीप, नैवेद्य, इत्र और फल अर्पित करें। पूजा के दौरान शिव पुराण या शिवाष्टक का पाठ करें फिर कथा का पाठ करने के बाद भगवान शिव की आरती करें।
सावन शिवरात्रि पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त कब है?
इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 07:24 से रात 09:28 तक रहने वाला है। इस मुहूर्त में शिव जी की पूजा करने के साथ उनका अभिषेक अवश्य करें।
कब है शुरू हो रही है शिवरात्रि तिथि?
इस वर्ष 26 जुलाई को सावन शिवरात्रि तिथि शाम 06:45 से प्रारंभ हो रही है और यह तिथि 27 जुलाई को रात 09:10 तक रहेगी।
कब है सावन शिवरात्रि?
सावन माह में पड़ने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व है। वर्ष 2022 में सावन शिवरात्रि 26 जुलाई को पड़ रही है। इस दिन शिव जी की आराधना करने से भक्तों को लाभ प्राप्त होता है।


