मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा, रोली, कुमुकम, अक्षत (चावल), मेवे, खील, बताशे, जनेऊ, श्वेस वस्त्र, इत्र, चौकी, कलश, कमल गट्टे की माला, पान, सुपारी, नारियल, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, अगरबत्तियां, मिट्टी, दीपक, रूई, कलावा, शहद, दही, गंगाजल, गुड़, धनिया, फल, फूल, जौ, गेहूं, दूर्वा, चंदन, सिंदूर, पंचामृत, दूध, , शंख, आसन, थाली. चांदी का सिक्का, चंदन, बैठने के लिए आसन, हवन कुंड, हवन सामग्री, आम के पत्ते प्रसाद।
Diwali 2021 Puja Vidhi, Muhurat, Samagri: दिवाली लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त, यहां पढ़िए मां लक्ष्मी जी की आरती
Diwali (Deepavali) 2021 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Samagri, Mantra: दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाई जाती है। दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का खास महत्व है। जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और तारीख...
Diwali 2021 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List: देशभर में दीपोत्सव यानी दिवाली का त्योहार इस साल चार नवंबर यानी गुरुवार को मनाया जा रहा है। दो नवंबर को धनतेरस के साथ इस त्योहार की शुरुआत हो गई है। दीपावली हर साल कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाई जाती है।
दिवाली की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। दूसरे दिन नरक चतुर्दशी, तीसरे दिन दिवाली, चौथे दिन गोवर्धन पूजा और पांचवे दिन भाईदूज का पर्व होता है। दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का सबसे अधिक महत्व होता है। लक्ष्मी पूजन करने से परिवार में सुख और समृद्धि आती है।
दिवाली का शुभ मुहूर्त (Diwali Puja muhurat 2021)
दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त हर जगह अलग-अलग है। दिल्ली एनसीआर में पूजा का शाम 6 बजकर 10 मिनट से 8 बजकर 06 मिनट तक है। लक्ष्मी जी के साथ-साथ भगवान गणेश की भी पूजा की जाती है। माता लक्ष्मी को धन और संपत्ति की देवी माना जाता है। वहीं भगवान गणेश बुद्धि और कार्य को सफल करने वाले देवता माने जाते हैं।
दिवाली पूजन के समय करें भगवान गणेश के मंत्रों का जाप
आगच्छ भगवन्देव स्थाने चात्र स्थिरो भव।
यावत्पूजा करिष्यामि तावत्वं सन्निधौ भव।।
गजाननं भूतगणादिसेवितम कपित्थजम्बू फल चारू भक्षणं।
उमासुतम शोक विनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वर पादपंकज्।।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
भगवान गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti)
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे,
मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फूल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे,
संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत,
निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
मां लक्ष्मी जी की आरती
ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥
किस शहर में कब है दिवाली लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त?
- जयपुर:शाम 6:17 बजे से रात 8:14 बजे तक
- हैदराबाद: शाम 6:22 बजे से रात 8:14 बजे तक
- गुड़गांव: शाम 6:10 बजे से रात 8:05 बजे तक
- कोलकाता: शाम 5:34 मिनट से 7:31 मिनट तक
- अहमदाबाद: शाम 6:37 मिनट से 8:33 मिनट तक
- पुणे: शाम 6:39 बजे से रात 8:32 बजे तक
- चेन्नई: शाम 6:21 से रात 8:10 बजे तक
- भोपाल: 6:17 मिनट से 8:14 मिनट तक
- लखनऊ: शाम 5:57 मिनट से 7:53 मिनट तक
- कानपुर: शाम 6:00 मिनट से 7:57 मिनट तक
- शिमला: शाम 6:04 मिनट से 7:59 मिनट तक
- गुवहाटी: शाम 5:15 मिनट से 7:12 मिनट तक
- जम्मू: शाम 6:10 मिनट से 08:04 मिनट तक
- श्रीनगर: शाम 6:08 मिनट से 08:01 मिनट तक
दिवाली पूजन 2021 के लिए मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल मुहूर्त - 06:09 PM से 08:04 PM
लक्ष्मी पूजा निशिता काल मुहूर्त - 11:39 PM से 12:31 AM, नवम्बर 05
अमावस्या तिथि आरंभ - नवम्बर 04, 2021 को 06:03 AM बजे
अमावस्या तिथि समापन - नवम्बर 05, 2021 को 02:44 AM बजे
दिवाली पूजा के शुभ मंत्र (Diwali Puja 2021 Shubh Mantra)
मां लक्ष्मी जी के मंत्र- ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
कुबेर मंत्र - ऊं यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं में देहि दापय।
सौभाग्य प्राप्ति के लिए मंत्र- ऊं श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
दिवाली 2021 के लिए संपूर्ण पूजा सामग्री
लकड़ी की चौकी और चौकी को ढकने के लिए ताजा लाल या पीले कपड़े का टुकड़ा, देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां या चित्र, कुमकुम, चंदन, हल्दी, रोली, अक्षत, पान का पत्ता और अखरोट, भूसी के साथ साबुत नारियल, अगरबत्ती, दीपक के लिए घी, एक पीतल या मिट्टी का दीपक, कॉटन विक्स, पंचामृत, गंगाजल, पुष्प, फल, कलश, पानी, आम के पत्ते, कपूर, कलाव, साबुत अनाज, दूर्वा घास, जनेऊ, धूप, एक लघु झाड़ू, दक्षिणा (मुद्रा नोट और सिक्का), एक धातु की घंटी, एक आरती थाली।
देसी घी का दीया
गाय के घी को सबसे शुद्ध माना जाता है। गाय के घी से दीपक जलाने से आसपास के वातावरण में सभी सकारात्मक उत्पन्न होती है। माना जाता है कि दिवाली पर देसी घी का दीया जलाने से दरिद्रता भी समाप्त होगी और घर में धन व स्वास्थ्य सुख बना रहेगा। साथ ही मां लक्ष्मी की कृपा भी परिवार पर होगी।
मां लक्ष्मी का हुआ था जन्म (Diwali 2021 Vrat Katha)
धार्मिक ग्रंथो की मानें तो समुद्र मंथन के दौरान दिवाली के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन गणेश और लक्ष्मी जी की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा अर्चना करने से सुख-समृद्धि, यश वैभव की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पांडवों ने भी किया था वनवास पूरा (Diwali 2021 Katha in Hindi)
दीपावली मनाने की परंपरा रामायण के अलावा महाभारत काल से भी जुड़ी है। हिंदू महाग्रंथ महाभारत के अनुसार इसी कार्तिक मास की अमावस्या को पांडव तेरह वर्ष का वनवास पूर्ण कर वापस लौटे थे।
झाड़ू का दान करें (Diwali 2021 Laal Kitaab Upaay)
दिवाली की शाम किसी भी मंदिर में जा कर झाड़ू का दान करें ये उपाय आपके घर की दरिद्रता को दूर कर देगा। दिवाली के दिन महालक्ष्मी का मंदिर गुलाब की सुगंध वाली अगरबत्ती का दान करें। ये उपाय आप पर देवी लक्ष्मी की कृपा की बरसात कर देगा।
दिवाली पर अपनाएं लाल किताब के उपाय (Diwali 2021 Laal Kitaab Upaay)
दिवाली पर देवी लक्ष्मी की पूजा के बाद घर के कोने-कोने और मुख्यद्वार के बाहर शंख और घंटी जरूर बजाएं। दिवाली पर एक दीपक जलाएं जिसमें सरसों का तेल डालें और एक लौंग पर एक दीपक जलाएं साथ ही उसमें लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें। फिर किसी हनुमान मंदिर में जाकर उस दीपक को रख आएं।
दीपावली पूजा का महत्व ( Diwali 2021 Laxmi Pujan Significance)
मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए दीपावली का दिन बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से उनकी कृपा व्यक्ति पर सदैव बनी रहती है। व्यक्ति को धन का कभी अभाव नहीं होता है। शास्त्रों के अनुसार इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करने आती है।
दीपावली की आरती (Diwali 2021 Aarti Lyrics)
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं,
नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि ।
हरि प्रिये नमस्तुभ्यं,
नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥
पद्मालये नमस्तुभ्यं,
नमस्तुभ्यं च सर्वदे ।
सर्वभूत हितार्थाय,
वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥
इंद्र प्रार्थना मंत्र (Diwali 2021 Indra Prathna Mantra)
ऐरावतसमारूढो वज्रहस्तो महाबल:।
शतयज्ञाधिपो देवस्तस्मा इन्द्राय ते नम:।।
लक्ष्मी बीज मन्त्र (Diwali 2021 Lakshmi Beej Mantra)
ॐ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:।।
श्री लक्ष्मी महामंत्र (Diwali 2021 Laxmi Mahamantra)
ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
कुबेर प्रार्थना मंत्र (Diwali 2021 Kuber Mantra )
धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च।
भवन्त त्वत्प्रसादान्मे धनधान्यादि सम्पद:।।
दीपावली पूजा मंत्र (Diwali 2021 Puja Mantra)
नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया।
या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्।।'
लक्ष्मी पूजा का मंत्र (Diwali 2021 Laxmi Pujan Mantra)
ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
ऊं श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
दिवाली पर उपयोग होने वाली पूजन सामग्री
दरिद्रता दूर करने के लिए दिवाली उपाय
दिवाली के दिन घर से दरिद्रता को दूर करने के लिए पूजा की थाल में गोमती चक्र रखकर उसकी पूजा करनी चाहिए। मां लक्ष्मी की पूजा के पश्चात गोमती चक्र की पूजा करना शुभ माना जाता है। गोमती चक्र को लक्ष्मी का कारक माना जाता है। मान्यता के अनुसार इसके पूजन से धन वृद्धि होती है।
दिवाली पर धनिया का बीज खरीदने से जुड़ी मान्यता
दिवाली 2021 के दिन साबुत धनिया खरीदकर उसे लक्ष्मी जी के पास रात भर के लिए छोड़ देना चाहिए। सुबह उस धनिया को मिटटी में बो दें और धनिया अगर हरा भरा निकलता है तो इसके पीछे मान्यता है कि घर में धन संपत्ति की कभी कमी नहीं होती है।
दिवाली लक्ष्मी पूजा 2021 के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
प्रातः मुहूर्त (शुभ) - 06:35 AM से 07:58 AM
प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 10:42 AM से 02:49 PM
अपराह्न / दोपहर मुहूर्त (शुभ) - 04:11 PM से 05:34 PM
सायाह्न मुहूर्त (अमृत, चर) - 05:34 PM से 08:49 PM
रात्रि मुहूर्त (लाभ) - 12:05 AM से 01:43 AM, नवम्बर 05
दिवाली के पर्व का महत्व
दीपावली के त्योहार का हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है और यह खुशी के साथ समृद्धि का भी अवसर है। पूरे देश में बहुत उत्साह और खुशी के साथ यह पर्व मनाया जाता है और यही कारण है कि यह सभी समुदायों के बीच बहुत लोकप्रिय है। इस दिन लक्ष्मी पूजा अत्यधिक वित्तीय समृद्धि लाएगी और इसलिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
लक्ष्मी पूजा का प्रदोष काल और वृषभ काल
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 4 नवंबर 2021, गुरुवार शाम 6:10 बजे से 8:06 बजे तक अवधि: 1 घंटा 55 मिनट
प्रदोष काल: शाम 5:34 से रात 8:10 बजे तक
वृषभ काल: शाम 6:10 बजे से रात 8:06 बजे तक
पंचांग अनुसार प्रमुख शहरों में लक्ष्मी पूजा के लिए समय
शाम 6:39 बजे से रात 8:32 बजे तक - पुणे
शाम 6:09 बजे से रात 8:04 बजे तक - नई दिल्ली
शाम 6:21 से रात 8:10 बजे तक - चेन्नई
शाम 6:17 बजे से रात 8:14 बजे तक - जयपुर
शाम 6:22 बजे से रात 8:14 बजे तक - हैदराबाद
शाम 6:10 बजे से रात 8:05 बजे तक - गुड़गांव
लक्ष्मी पूजा 2021 मुहूर्त और तिथि
द्रिक पंचांग के अनुसार लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:09 बजे से रात 8:04 बजे तक है। अमावस्या तिथि 4 नवंबर को शाम 6:03 बजे से शुरू होकर 5 नवंबर को सुबह 2:44 बजे समाप्त होगी।
निशिता काल मुहूर्त -11:39 अपराह्न से 12:31 बजे तक।
महानिशिता काल मुहूर्त - रात 11:39 से 12:31 बजे तक।
सिंह काल मुहूर्त - दोपहर 12:39 से 2:56 बजे तक।
प्रदोष काल और निशिता काल (Diwali Puja Timings)
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल का मुहूर्त – शाम 5 बजकर 35 मिनट से रात 8 बजकर 10 मिनट तक
लक्ष्मी पूजा का निशिता काल मुहूर्त – रात 11बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तक
शिवलिंग पर चावल चढ़ाएं (Diwali Puja Vidhi)
भगवान शिव मंदिर में दिवाली की शाम जा कर शिवलिंग पर चावल चढ़ाएं और ये चावल की संख्या कम 21 से कम न हो और ध्यान रखें कि चावल टूटे नहीं होने चाहिए। दिवाली की रात जब देवी लक्ष्मी की पूजा करें तो उनकी पूजा में पीली कौड़ियां भी रख लें और पूजा के बाद इसे आप अपने तिजोरी में लाल कपड़े में बांध कर रख लें।
दिवाली लक्ष्मी पूजा सामग्री (Diwali puja samagri list)
दिवाली पर देवी लक्ष्मी की पूजा के बाद घर के कोने-कोने और मुख्यद्वार के बाहर शंख और घंटी जरूर बजाएं। दिवाली पर एक दीपक जलाएं जिसमें सरसों का तेल डालें और एक लौंग पर एक दीपक जलाएं साथ ही उसमें लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें। फिर किसी हनुमान मंदिर में जाकर उस दीपक को रख आएं।
रखें सोने के सिक्के (Diwali 2021 Laxmi Puja Samagri)
मां लक्ष्मी की पूजा में स्वर्ण आभूषण या सोने के सिक्के जरूर रखें। मां लक्ष्मी को रत्नों से विशेष प्रेम है, इसलिए कोशिश करें कि कोई रत्न भी पूजा में रखें। गन्ना, कमल गट्टा, खड़ी हल्दी, बिल्वपत्र, पंचामृत, गंगाजल, सिंदूर, भोजपत्र भी मां लक्ष्मी की पूजा का अभिन्न अंग है। इसे बिलुकल भी न भूलें।
मां लक्ष्मी को चढ़ाएं सफेद भोग (Diwali 2021 Puja Samagri)
मां लक्ष्मी को सफेद भोग पसदं है। इसलिए केसरयुक्त मिठाई या खीर मां को जरूर भोग लगाएं। मां के समक्ष जब भी दीप जलाएं वह गाय के घी का होना चाहिए। यदि संभव न हो तो मूंगफली या तिल का तेल भी प्रयोग कर सकते हैं।
लक्ष्मीजी की आरती (Diwali 2021 Laxmiji Ki Arti)
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत, मैया जी को निशदिन * सेवत हरि विष्णु विधाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत,
मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
जरूर होने चाहिए फल (Diwali 2021 Puja Muhurat)
मां लक्ष्मी की पूजा में पांच फल जरूर होने चाहिए। ये फल हैं श्रीफल, सीताफल, बेर, अनार व सिंघाड़े। इनके बिना पूजा अधूरी होगी। मां लक्ष्मी को सुंगध बहुत प्रिय है। इसलिए उनकी पूजा में केवड़ा, गुलाब, चंदन के इत्र का प्रयोग करें। पूजा के समय चावल का होना भी आवश्यक होता है।
माता लक्ष्मी को प्रिय हैं ये चीजें (Diwali puja samagri list)
देवी लक्ष्मी की पूजा में कमल और गुलाब का फूल जरूर होना चाहिए। ये दो फूल उन्हें बहुत प्रिय हैं।माता को जब भी वस्त्र चढ़ाएं उनका रंग लाल, गुलाबी या पीला ही होना चाहिए। साथ ही ये वस्त्र रेशमी होने चाहिए।
मीठे का लगाए भोग (Diwali 2021 Puja Samagri)
लक्ष्मी पूजा में खीर, मिठाई, हलवा व मोदक जैसे मीठा का भोग लगाया जाता है। पूजास्थल में चावल या गेहूं की एक छोटी ढेरी बनाया जाए। इसके बाद उस पर देसी घी का एक दिया जलाएं।

