Sai Baba Aarti: जीवन के कष्ट हो जाएंगे दूर, जब गुरुवार को करेंगे साईं की आरती

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 7, 2020, 08:00 AM IST

Sai Kripa Part 6, Sai Ki Aarti : गुरुवार के दिन साईं की पूजा का विशेष दिन होता है। इस दिन उनकी विशेष कृपा पाने के लिए उनकी आरती कर लेना ही जीवन के कई संकटों से मुक्त कर देता है।

Sai Baba Aarti: जीवन के कष्ट हो जाएंगे दूर, जब गुरुवार को करेंगे साईं की आरती

साईं की कृपा पाने के लिए गुरुवार के दिन विशेष पूजा करनी चाहिए। हालांकि साईं जिस तरह से सादगी से रहते थे वैसी ही सादगी वह अपनी पूजा में भी चाहते हैं। निर्मल मन और शुद्ध विचार रखने वाले से साई हमेशा प्रसन्न रहते हैं। उनकी पूजा में प्रसाद भी उनका प्रिय भोजन खिचड़ी होता है। साईं कृपा पाने के लिए यदि भक्त उनके आगे शीष भी झुका लें तो वह प्रसन्न हो जाते हैं। साईं की आरती गुरुवार के दिन जरूर गानी चाहिए। इससे उनकी विशेष कृपा मिलती है।

साईं ऐसे लोगों की मदद को हमेशा तैयार रहते हैं जो दूसरों हकी मदद करते हैं और उनके मन में बैर भाव नहीं होता। दूसरों के प्रति मन में वैर भाव रखने से कभी भी साईं की कृपा नहीं हो सकती। साईं का व्रत कोई भी रख सकता है। स्त्री-पुरुष यहां तक कि बच्चे भी साईं की पूजा और व्रत रख सकते हैं। यदि आप किसी विशेष मनोकामना के साथ साईं का व्रत रखना चाह रहे तो आपको व्रत का क्रम 5, 7, 11 अथवा 21 गुरुवार की मन्नत रखनी चाहिए। साथस ही एक बात जरूर याद रखें की साईं का व्रत रखते समय भूखे बिलकुल न रहें। साईं के व्रत में फलहार करना जरूरी है। साईं की गुरुवार की पूजा करने के बाद इस आरती को जरूर करें। इससे आपकी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी।

साईं बाबा की आरती

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।

भक्तजनों के कारण, उनके कष्ट निवारण॥

शिरडी में अवतरे, ॐ जय साईं हरे॥ ॐ जय...॥

दुखियन के सब कष्टन काजे, शिरडी में प्रभु आप विराजे।

फूलों की गल माला राजे, कफनी, शैला सुन्दर साजे॥

कारज सब के करें, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय...॥

काकड़ आरत भक्तन गावें, गुरु शयन को चावड़ी जावें।

सब रोगों को उदी भगावे, गुरु फकीरा हमको भावे॥

भक्तन भक्ति करें, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय...॥

हिन्दु मुस्लिम सिक्ख इसाईं, बौद्ध जैन सब भाई भाई।

रक्षा करते बाबा साईं, शरण गहे जब द्वारिकामाई॥

अविरल धूनि जरे, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय...॥

भक्तों में प्रिय शामा भावे, हेमडजी से चरित लिखावे।

गुरुवार की संध्या आवे, शिव, साईं के दोहे गावे॥

अंखियन प्रेम झरे, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय...॥

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।

शिरडी साईं हरे, बाबा ॐ जय साईं हरे॥

श्री सद्गुरु साईंनाथ महाराज की जय॥

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