अध्यात्म

Belpatra Plant Vastu: बेलपत्र का पौधा किस दिशा में लगाना चाहिए? जानें, बेलपत्र का पेड़ लगाने की सही जगह और नियम

Belpatra Plant Vastu Tips (किस दिशा में बेलपत्र का पेड़ लगाना चाहिए): भोलेनाथ को बेलपत्र अति प्रिय है। सावन के महीने में घर में इसका पौधा भी लगाया जाता है। इसे शुभ माना जाता है। यहां से आप जान सकते हैं कि घर की किस दिशा में इसका पौधा लगाना चाहिए।

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किस दिशा में लगाना चाहिए बेलपत्र का पेड़? (Photo Source: Times Now Navbharat)

Belpatra Plant Vastu Tips (किस दिशा में बेलपत्र का पेड़ लगाना चाहिए): सावन का पावन महीना चल रहा है। इस महीने में भोलेनाथ के भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए कई सारे उपाय करते हैं। कोई शिवलिंग पर रोज जल अर्पित करता है तो कोई कांवड़ यात्रा करता है, वहीं कुछ भक्त पूरे सावन महीनेभर व्रत भी रखते हैं। बेलपत्र का पेड़ लगाना भी इसी कोशिश का हिस्सा है। शिव जी को बेलपत्र तो चढ़ता है ही लेकिन सावन के महीने में इस पेड़ को लगाना शुभ माना जाता है। इसके पेड़ को आप घर में आसानी से लगा सकते हैं। यहां से आप जानें कि घर की किस दिशा में बेलपत्र का पेड़ लगाना चाहिए।

किस दिशा में लगाना चाहिए बेलपत्र का पेड़?

वास्तु शास्त्र के मुताबिक बेल का पौधा घर के आंगन में की उत्तर या पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए। यदि घर के उत्तर पूर्व में मन्दिर बना है तो मन्दिर के सन्निकट उसी दिशा में पेड़ लगाएं। ध्यान दें कि घर के साउथ किसी कीमत पर यह पेड़ न हो।

बेलपत्र के पेड़ का लाभ-

हिंदू ही नहीं जैन धर्म में भी बेलपत्र के पेड़ का महत्व है। बेलपत्र का पेड़ लगाना शुभ होता है। इससे गृह क्लेश और समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है, मानसिक शांति मिलती है। साथ ही आपका परिवार तांत्रिक बांधाओं से भी दूर रहता है।

बेलपत्र तोड़ने से जुड़े नियम-

सोमवार के दिन बेलपत्र के पेड़ से बेलपत्र को नहीं तोड़ना चाहिए। साथ ही हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या तिथि पर किसी को भी बेलपत्र तोड़ने से बचना चाहिए।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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