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Basant Panchami 2025 Vrat Vidhi in Hindi: कैसे रखा जाता है बसंत पंचमी का व्रत, जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि

Basant Panchami Vrat Vidhi in Hindi (बसंत पंचमी व्रत विधि हिंदी में): धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को ज्ञान और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन व्रत रखने का भी विशेष महत्व माना जाता है। यहां हम आपको बसंत पंचमी व्रत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देंगे।

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Basant Panchami 2025 Vrat Vidhi in Hindi

Basant Panchami Vrat Vidhi in Hindi (बसंत पंचमी व्रत विधि हिंदी में): हर साल ये पर्व माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर पड़ता है। भारत में इस पर्व की खास रौनक देखने को मिलती है। इस दिन कई भक्त व्रत भी रखते हैं। इस व्रत में फलाहारी भोजन कर सकते हैं। कहते हैं इस दिन मां सरस्वती की विधि विधान पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। चलिए आपको बताते हैं बसंत पंचमी का व्रत कैसे रखा जाता है।

Basant Panchami Vrat Vidhi in Hindi (बसंत पंचमी व्रत विधि हिंदी में)

स्नान एवं संकल्प – सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ पीले वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें।

मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें – पूजा स्थल पर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र लकड़ी की चौकी पर स्थापित करें और सफेद या पीले फूलों से सजाएं।

पूजा सामग्री तैयार करें – माता सरस्वती की पूजा के लिए पीले या सफेद फूल, हल्दी, चंदन, अक्षत (चावल), दूध, दही, घी, मधु, पंचामृत, भोग के लिए खीर, बूंदी या हलवा, हवन सामग्री और दीपक एकत्रित करें।

मां सरस्वती के मंत्रों का जाप - "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" मंत्र का जाप करें और मां सरस्वती की विधिपूर्वक आराधना करें।

हवन एवं आरती करें - बसंत पंचमी के दिन यदि संभव हो तो हवन करें और माता सरस्वती की आरती उतारें।

दान एवं प्रसाद वितरण- अनुष्ठान के बाद घर के सदस्यों में प्रसाद बांटे और ब्राह्मणों व जरूरतमंदों को पीले वस्त्र, अन्न, और पुस्तकें दान करें।

व्रत पारण- इस व्रत का पारण उसी दिन माता की पूजा के बाद किया जा सकता है। तो वहीं कई लोग अगले दिन सूर्योदय के बाद इसका व्रत खोलते हैं।

Basant Panchami Vrat ka Mahatva (बसंत पंचमी व्रत का महत्व)

बसंत पंचमी का व्रत करने का प्राचीन महत्व है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि, कला, और संगीत का आशीर्वाद वरदान स्वरूप में मिलता है। इस दिन व्रत करने से माता भगवती, माता लक्ष्मी और माता काली भी प्रसन्न होती हैं। इस दिन पीले रंग की विशेष महत्ता है क्योंकि पीला रंग सकारात्मकता का प्रतीक होता है। इस दिन सरस्वती स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत ही शुभ माना जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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