अध्यात्म

सैकड़ों साल की परंपरा टूटी, बांके बिहारी को नहीं लगा भोग, जानिए क्या रहा कारण?

Banke Bihari Temple Bhog News: वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में सोमवार को सदियों से चली आ रही परंपरा टूट गई। इस दिन ठाकुर जी को बाल और रात्रि शयन भोज अर्पित नहीं किया गया। इस घटना के बाद से सेवायत और मंदिर के पुजारियों में नाराजगी है। इस घटना के पीछे बेहद अजीब सी वजह सामने आई है।

बांके बिहारी मंदिर वृंदावन

बांके बिहारी मंदिर वृंदावन

Banke Bihari Temple Bhog Miss News: वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में सोमवार को कई साल पुरानी परंपरा खंडित हो गई। दरअसल सोमवार को ठाकुर जी को भोग से वंचित रहना पड़ा। सोमवार को ठाकुर जी को सुबह का बाल भोग और रात का शयन भोग नहीं चढ़ाया गया।

बांके बिहारी मंदिर में रोजाना चार बार भोग लगाने की परंपरा है इसमें पहला बाल भोग, दूसरा राजभोग, तीसरा उत्थापन भोग और चौथा व आखिरी शयन भोग लगता है। लाखों भक्त दर्शन के साथ ठाकुर जी के प्रिय भोग का भी इंतजार करते हैं, लेकिन इस बार भक्तों के साथ स्वयं बांके बिहारी जी पूरे दिन अपने प्रिय भोग से वंचित रह गए। इस घटना से मंदिर के सेवायत और पुजारी नाराज हैं। इसके पीछे बेहद अजीब सी वजह सामने आई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, बांके बिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं को ठीक ढंग से चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक हाई पार्वर्ड कमेटी गठित की गई थी। इसी कमेटी ने ही मंदिर में प्रभु के भोग और प्रसाद के लिए हलवाई की नियुक्ति की थी। हलवाई को इसके लिए 80 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन दिया जाता है। आरोप है कि पिछले कुछ महीनों से हलवाई को वेतन का भुगतान नहीं किया गया था, जिससे नाराज होकर उसने ठाकुर जी का भोग नहीं बनाया।

वेतन को लेकर अधिकारियों को किया गया था सूचित

सूत्रों की मानें तो हलवाई ने कई बार संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन से वेतन के संबंध में बात की थी, लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। वेतन न मिलने से नाराज हलवाई ने ठाकुर जी का बाल भोग और शयन भोग तैयार नहीं किया।

संबंधित से की गई है पूछताछ

कमेटी के अनुसार ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में प्रभु के भोग प्रबंधन का जिम्मा मयंक गुप्ता को दिया है। हलवाई के माध्यम से मयंक ही सुबह, दोपहर, शाम और रात के भोग की व्यवस्था करते हैं। वहीं, सोमवार को सेवायतों को भगवान को अर्पित करने के लिए भोग नहीं मिला। इस पर कमेटी के सदस्यों ने मयंक गुप्ता से पूछताछ की तो उन्होंने वेतन भुगतान न होने की बात कही। वहीं, मंयक को भुगतान का आदेश दिया गया है।

मंदिर प्रबंधन का क्या है कहना?

मंदिर की हाई पावर्ड कमेटी को सोमवार को इसकी जानकारी मिली। कमेटी ने तुरंत भुगतान का आदेश दिया है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही बकाया राशि दे दी जाएगी। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए निर्देश जारी किए जाएंगे। सेवायतों का कहना है कि भोग ठाकुर जी का अधिकार है और इसे किसी भी कारण से रोका नहीं जाना चाहिए।

निराश हुए भक्त

बांके बिहारी मंदिर में रोज लाखों भक्त आते हैं। ठाकुर जी के दर्शन के साथ भोग का प्रसाद लेना भक्तों की श्रद्धा का हिस्सा है। सोमवार को भोग न लगने से भक्तों में निराशा हुई। कई भक्तों ने कहा कि ठाकुर जी को भोग न चढ़ना अपशकुन जैसा है। मंदिर में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और पहली बार टूटने से हलचल मच गई है।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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