Dream Interpretation: रात की मीठी गहरी नींद, विशेषकर सर्दियों में रजाई की गर्माहट की नींद, सच कहें तो हर किसी को नींद से एक खास लगाव होता है। आखिर हो भी क्यों न, नींद में जहां हम हर तरह के तनाव और थकान से मुक्त होते हैं, वहीं सपनों की रंगीन दुनिया में खो भी जाते हैं। सपनों की वाे दुनिया जहां हम बहुत सी उन चीजों को भी पा लेते हैं जिन्हें जागते हुए पाना दूर की कौड़ी होता है लेकिन सपनों की ये ही दुनिया रातों की नींद भी उड़ा देती है।
अक्सर रात में चाैंक कर उठ जाना या खुद को मरता हुआ देखना, किसी अपने के साथ अनहोनी होते देखना, भयानक जगह, डरावने चेहरे और भी न जाने क्या−क्या हम बहुत बार सपने में देख लेते हैं। कुछ लोगों के साथ सपने में इस तरह के दृश्यों को देखना राेज की ही बात हो जाती है। लोग सपने के नाम से भी डरते हैं। इन सब में आखिर दोष किसका है? सपनों का या सपने देखने वाले का? आइये इस सवाल की तह पर जाकर ढूंढते हैं सही हल।
सचेत करते हैं सपने
स्वप्न विज्ञान के अनुसार ज्योतिष और स्वप्न व्यक्ति के भावी जीवन की सटिक भविष्यवाणी करते हैं। कुंडली का ज्ञान प्रत्येक पल के परिवर्तन को प्रमाणिक रूप से प्रस्तुत कर देता है लेकिन स्वप्न का दर्शन मानव जीवन अकल्पनीय घटनाओं से सचेत रहने का अदृश्य महत्वपूर्ण विज्ञान है। जिसे केवल अटकलों से नहीं जाना जा सकता है। हर सपना किसी न किसी घटना को इंगित करता है।
सोने की दिशा तय करती है सपनों की मनोदशा
स्वप्न में दिशा या स्थान का बहुत महत्व होता है। यानी हम किस दिशा में अपने पैर और सिर करके सोते हैं। कहां सोते हैं। ये सारी बातें स्वप्न दर्शन का एक तरह से महत्वपूर्ण आधार होती हैं।
पूर्व दिशा का महत्व
पूर्व दिशा में पैर करके सोने से जो स्वप्न आते हैं वह घर में अशांति का संदेश देते हैं। यदि पूर्व दिशा में कोई कांच, तस्वीर या मूर्ति हो तो वह स्वप्न स्वयं ही अपने महत्व को खाेकर शून्य हो जाते हैं। लेकिन यदि पूर्व दिशा में दरवाजा, खिड़की और हवादान हो तो जो सपना आएगा वह किसी भी प्रकार के शुभ या अशुभ समाचार हो सकते हैं।
दक्षिण दिशा का असर
यदि पैर दक्षिण दिशा में हो और दीवार खाली हो या पानी हो तो स्वप्न में आनंद के दृश्य दिखते हैं। सभी कल्पनाओं का आकार बनता है। इसका संकेत है कि शरीर में विसर्जन की आवश्यकता है।
पश्चिम दिशा का रखें ध्यान
पश्चिम दिशा में पैर करके सो रहे हैं और स्वप्न आ रहा है तो समझो जीवन में कल्याण और चमत्कार हाेने वाला है। लेकिन अग्नि या लकड़ी या फिर घास है तो निश्चय ही हानि की संभावनाएं बन जाती हैं।
उत्तर दिशा
यदि उत्तर दिशा में पैर करके सोये हैं तो समझ लें कि वह स्वप्न डरावना है और किसी भी समय मृत्यु का कारण बन सकता है। यदि उत्तर दिशा में कपड़े, सामान, बर्तन, धन, रखा हो ताे स्वप्न फिर लेन देन संबंधित होता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
