अध्यात्म

आषाढ़ 2025 व्रत-त्योहार कैलेंडर: इस महीने कब है कौन-सा पर्व, यहां देखें पूरी जानकारी

Ashad Mahina 2025 Festival List In Hindi: आषाढ़ महीने में गुरु पूर्णिमा, योगिनी एकादशी, देवशयनी एकादशी, मिथुन संक्रांति समेत कई व्रत-त्योहार पड़ेंगे। इसके अलावा जगन्नाथ रथ यात्रा भी इसी महीने होगी।

Image

आषाढ़ 2025 व्रत-त्योहार कैलेंडर

Ashad Mahina 2025 Festival List In Hindi (आषाढ़ 2025 व्रत-त्योहार कैलेंडर): आषाढ़ महीना 12 जून से शुरू हो गया है जो 10 जुलाई तक चलेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास वर्ष का चौथा महीना होता है, जो आमतौर पर जून-जुलाई के बीच आता है। यह महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसमें कई बड़े व्रत और त्योहार आते हैं जो आध्यात्मिक जागरूकता और भक्ति भावना को प्रगाढ़ करते हैं। इस माह में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। चलिए आपको बताते हैं आषाढ़ महीने के व्रत-त्योहारों की तारीख के बारे में।

Ashad Mahina 2025 Festival List In Hindi (आषाढ़ 2025 व्रत-त्योहार कैलेंडर)

11 जून 2025, बुधवार- ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत

14 जून 2025, शनिवार- संकष्टी चतुर्थी

15 जून 2025, रविवार- मिथुन संक्रांति

21 जून 2025, शनिवार- योगिनी एकादशी

23 जून 2025, सोमवार- मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत (कृष्ण)

25 जून 2025, बुधवार- आषाढ़ अमावस्या

27 जून 2025, शुक्रवार- जगन्नाथ रथ यात्रा

6 जुलाई 2025, रविवार- देवशयनी एकादशी, आषाढ़ी एकादशी

8 जुलाई 2025, मंगलवार- प्रदोष व्रत (शुक्ल)

10 जुलाई 2025, गुरुवार- गुरु-पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत

आषाढ़ महीने का महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास वर्ष का चौथा महीना होता है, जो आमतौर पर जून से जुलाई के मध्य आता है। यह महीना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी समय से चातुर्मास की शुरुआत होती है। चातुर्मास वह अवधि है जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और भाद्रपद मास की शुक्ल एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) को जागते हैं। इसलिए इस अवधि में व्रत, तप, दान और भक्ति का विशेष महत्व होता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article