Miracle Mantra For Good Health: हिंदू धर्म में मंत्रों का विशेष महत्व होता है। हिंदू धर्म के मुताबिक मंत्र का अर्थ है- मन को एक तंत्र में बांधना। मात्र एक मंत्र से हमारा पूरा शरीर शुभ हो जाता है। हिंदू धर्म में हर देवी देवताओं के लिए अलग-अलग मंत्रों का महत्व है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि देवी देवताओं के मंत्र का जाप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है व हर दुख कट जाते हैं। मंत्रों से देवी देवता जल्दी प्रसन्न होते हैं। मंत्रों का जाप करते समय पवित्रता का ध्यान देना जरूरी होता है। इसके साथ ही जगह, दिशा का हमेशा ध्यान रखना चाहिए और मंत्रों का उच्चारण स्पष्ट होना चाहिए। हिंदू धर्म में मान्यता है कि सुबह उठते ही देवी देवताओं के मंत्रों का जाप करने से ना केवल शुभ फल मिलता है, बल्कि जीवन की सभी समस्याओं का अंत हो जाता है। जीवन में बुरा समय दूर हो जाता है। इसके साथ ही इन मंत्रों का जाप से हमारे ग्रहों में भी प्रभाव पड़ता है। ग्रह दोष भी इन मंत्रों से दूर होता है। आइए जानते हैं शास्त्रों में किन मंत्रों के बारे में बताया गया है...
भगवान विष्णु का मंत्र
” नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे.
सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नम:.. ''
यह भगवान विष्णु का मंत्र है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस मंत्र को मात्र सुनने से ही कई जन्म सुधर जाते हैं। यह बेहद शक्तिशाली मंत्र। इस मंत्र से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और मनोवांछित फल देते हैं। इस मंत्र से जीवन में आने वाली किसी भी तरह कि बाधाओं से छुटकारा मिल जाता है।
लक्ष्मी व सरस्वती का मंत्र
कराग्रे वसति लक्ष्मी: कर मध्ये सरस्वती।
कर मूले तू गोविंदा, प्रभाते कर दर्शनम।।
यह मंत्र भगवान लक्ष्मी व मां सरस्वती के लिए हैं । इस मंत्र का सुबह उठकर प्रतिदिन जाप करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है व दुख दरिद्र दूर होता है। इसके साथ ही विद्या आती है। वह किसी भी शुभ काम करने के लिए आप सही डिसीजन ले सकने की क्षमता होती है।
भगवान श्रीकृष्णा का मंत्र
क्लेशनाशक मंत्र : ॐ श्रीकृष्णाय शरणं मम। या कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:॥
यह मंत्र सबसे प्रभावशाली मंत्र है। इस मंत्र का रोज सुबह उठते ही जाप करने से घर में कलह और क्लेश खत्म होता है। परिवार में खुशियां आती हैं। इस मंत्र का जाप करने के लिए सिर्फ श्री श्रीकृष्ण का ही ध्यान करना चाहिए।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

