Sawan 2020 : सावन के पहले शनिवार पर हनुमान जी के ये 5 उपाय, शनिदेव के कष्ट को कर देंगे दूर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 11, 2020, 09:56 AM IST

Sawan Shani Puja : सावन के पहले शनिवार को शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हनुमत पूजा का विशेष महत्व है। सावन माह में हर शनिवार को किए गए कुछ उपाय आपको मानसिक और शारीरिक कष्ट से मुक्त कर सकता है।

Sawan 2020 : सावन के पहले शनिवार पर हनुमान जी के ये 5 उपाय, शनिदेव के कष्ट को कर देंगे दूर

यदि आप किसी समस्या से घिरे हैं अथवा आप पर शनिदेव की कुदृष्टी है तो आपको सावन के हर शनिवार को कुछ खास उपाय जरूर आजमाना चाहिए। सावन माह में हनुमान जी की पूजा से शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं। जिन पर शनि की ढैय्या हो या साढेसाती चल रही हो उन्हें सावन माह में शनिवार के दिन हनुमान पूजा की पूजा जरूर करनी चाहिए।

झूठे मुकदमे, षड्यंत्र या किसी विवाद में आप फंस गए हैं और आपकी शारीरिक और मानसिक स्थिति दिनो दिन बिगड़ रही है तो आपको सावन के हर शनिवार को या पहले और आखिरी शनिवार को कुछ खास उपाय जरूर कर लेने चाहिए। इससे आपकी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी।

sawan ke shanivar par hanuman ji ke upay : मानसिक और शारीरिक कष्ट से मुक्ति के लिए शनिवार को करें ये उपाय

  1. शनिवार की शाम को हनुमान जी को लाल फूल और लाल पेड़ा अर्पित कर उनसे अपनी समस्याओं के निराकरण की प्रार्थना करें। पूजा के पश्चात वहीं बैठकर हनुमान चालिसा और बजरंगबाण का पाठ करें।
  2. सावन के पहले शनिवार के दिन शिव पूजा के बाद हनुमानजी की पूजा करें। शनिवार के दिन कम से कम 11 या 51 पीपल के पत्ते लें और उसपर श्रीराम का नाम लिखें वऔर तिल के तेल में मिला सिंदूर लगा कर उन्हें चढ़ा दें। इससे आपके ऊपर चल रहे झूठे मुकदमे, विवाद और षड्यंत्र खत्म हो जाएंगे।
  3. मानसिक और शारीरिक कष्ट से मुक्ति के लिए सावन माह में हनुमान मंदिर के पास या जहां जगह मिल सके वहां एक बरगद का पेड़ लगाएं।
  4. शनि की साढ़े साती या ढैय्या के कारण मिल रहे कष्ट को दूर करने के लिए तिल के तेल में काले तिल डाल कर दान कर दें। इससे शनिदेव से मिल रहे कष्ट दूर होंगे।
  5. बार-बार हो रही दुर्घटना या संकट से बचने के लिए शनिवार की शाम को पहले हनुमान मंदिर जाएं और उसके बाद शनिदेव के मंदिर। दोनों ही जगह तिल के तेल का दीया जलाकर अपने कष्ट से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें। तत्पश्चात पीपल के पेड़ में जल दे कर वहां दीपदान करें।

सावन माह में किसी एक उपाय को शुरू करें और कम से कम इसे 16 शनिवार तक करते रहें। आपकी समस्याएं निश्चय रूप से दूर हो जाएंगी।

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