Saawan Maas Ke Niyam in Hindi: हिंदू धर्म में सावन का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है, कि इस महीने में भोलेनाथ की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। आपको बता दें सावन का महीना भोलेनाथ को बहुत प्रिय है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल सावन का महीना 14 जुलाई से प्रारंभ होने वाला है। भोलेनाथ के भक्त इस महीना में श्रद्धा पूर्वक त्रिलोकीनाथ की आराधना करते है।
कुछ लोग इस महीने में सावन सोमवार का व्रत भी रखते है। पंजित के अनुसार सावन का महीना कुंवारी कन्याओं के लिए बहुत ही खास होता है। ऐसा कहा जाता है कि यदि कुंवारी कन्या इस महीने में श्रद्धा पूर्वक भोलेनाथ की पूजा करें, तो उन्हें मनचाहा वर प्राप्त हो सकता है। यदि आप भी इस महीने में भोलेनाथ को प्रसन्न करने की सोच रहे हैं, तो उससे पहले सावन के महीने में कौन-कौन सी चीजें नहीं करनी चाहिए इसे जरूर जान लें।
सावन के महीने में क्या ना करें
1.सावन के महीने में भूलकर भी शराब नहीं पीना चाहिए। सेवन ऐसा करने से भोलेनाथ नाराज हो सकते है।
2. संभव हो तो सावन के महीने में दाढ़ी ना बनवाएं।
3. सावन के महीने में कभी भी घर में वाद विवाद ना करें। झगड़े से हमेशा दूर रहें।
4. सावन के महीने में सोमवार का व्रत भूलकर भी बीच में न तोड़े। ऐसा करने से भोलेनाथ बहुत जल्द नाराज हो सकते है। अगर आप पूरे दिन व्रत नहीं रख पा रहे है, तो आप एक समय फलाहार करके रहे।
5. सावन के महीने में भूलकर भी मांसाहारी चीजों का सेवन ना करें।
6. हिंदू शास्त्र के अनुसार सावन के महीने में लहसुन, प्याज, मूली, बैगन और अदरक खाना वर्जित होता है। ऐसा माना जाता है कि ये सारी चीजें अशुद्ध होती हैं।
सावन के महीने में करें ये काम
1. सावन के महीने में सोमवार का व्रत जरूर रखना चाहिए। ऐसा करने से भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होते है।
2. सावन महीने में भोलेनाथ की पूजा करनी चाहिए।
3. सोमवार का व्रत करने वाले लोगों को महामृत्युंजय मंत्र का जाप कम से कम 108 बार जरूर करना चाहिए।
4. भगवान शिव के ऊपर जलाभिषेक करते वक्त ओम नमः शिवाय का मंत्र जाप जरूर करें।
5. शिवलिंग पर बेलपत्र, दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल का पंचामृत बनाकर अभिषेक करें।
6. हिंदू धर्म में रुद्राक्ष बेहद पवित्र माना जाता है। इस महीने में रुद्राक्ष धारण करना बहुत ही अच्छा माना जाता है।
7. सावन में सोमवार व्रत की कथा जरूर सुनें।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

