Rinmochak Mangal Stotra: सिर से नहीं उतर रहा कर्ज का बोझ, ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का करें जाप और देखिए चमत्कार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 5, 2022, 07:53 PM IST

Rinmochak Mangal Stotra:: हर व्यक्ति चाहता है कि वह कर्ज से बोझ से दूर रहे। लकिन जीवन में ऐसी परिस्थितियां आ जाती है कि व्यक्ति कर्ज लेने पर मजबूर हो जाता है। अगर आप भी कर्ज के बोझ में दबे हुए हैं तो इसके लिए हनुमानजी का ये पाठ जरूर पढ़ें।

Rinmochak Mangal Stotra: सिर से नहीं उतर रहा कर्ज का बोझ, ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का करें जाप और देखिए चमत्कार

Rinmochak Mangal Stotra Path: शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसे कर्ज लेना पसंद हो। लेकिन जीवन में परिस्थितियां एक समान नहीं रहती। इसलिए कभी-कभी ऐसी मुश्किल स्थिति आ जाती है कि व्यक्ति कर्ज लेने पर विवश हो जाता है। लेकिन मुश्किल तब और बढ़ जाती है जब चाहकर भी कर्ज का बोझ उतर नहीं पाता और व्यक्ति कर्ज के बोझ तले दबता चला जाता है। कर्ज से मुक्ति के लिए ऋणमोचक मंगल स्त्रोत के पाठ को बेहद प्रभावी बताया गया है। इस पाठ को पढ़ने से आपका पूरा का पूरा कर्ज उतर जाता है। जो लोग निरंतर कर्ज के घेरे में रहते हैं उन्हें प्रतिदिन भगवान हनुमान की पूजा करनी चाहिए और हनुमान जी का ऋणमोचक मंगल स्त्रोत पाठ जरूर पढ़ना चाहिए।

प्रतिदिन पढ़ें ऋणमोचक मंगल स्तोत्र

मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।
स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः।।

लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः।
धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः।।

अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः।
व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः।।
एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्।
ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्।।


धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्।।

स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः।
न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्।।

अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल।
त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय।।






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ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः।
भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा।।

अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः।
तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात्।।

विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा।।
तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः।।








ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः।।

एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम्।
महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा।।

।। इति श्री ऋणमोचक मङ्गलस्तोत्रम् सम्पूर्णम्।।




इस पाठ को प्रतिदिन पढ़ने से न सिर्फ हर तरह के कर्ज से मुक्ति मिलती है बल्कि हनुमान जी की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है। यदि आप शीघ्र कर्ज उतारना चाहते हैं तो मंगलवार के दिन पूजा में ऋणमोचन मंगल स्त्रोत का पाठ करें और कर्ज की पहली किस्त मंगलवार के दिन देना शुरू करें। इससे कर्ज  से शीघ्र छुटकारा मिलता है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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