Vastu Tips For Eating Food Direction: सांस के बाद भोजन ऐसी जरूरी चीज है, जिसके जरिए व्यक्ति जीवित रहता है। भोजन करने से व्यक्ति को ऊर्जा और ताकत मिलती है जो उसे मजबूत बनाता है। आप अपने भोजन पर खूब ध्यान देते हैं, अच्छा और पौष्टिक भोजन करते हैं और समय पर भोजन करते हैं। लेकिन यह सब तब व्यर्थ हो जाता है जब आप भोजन सही दिशा में नहीं करते हैं। इसलिए भोजन करने के साथ ही इसकी दिशा को भी ध्यान में रखना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि गलत दिशा में भोजन करने से व्यक्ति कर्ज में डूबता है। वास्तु में भोजन करने की दिशा के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसमें बताया गया है कि किस दिशा में किस दिशा की ओर मुख करके भोजन करना चाहिए और किस दिशा की ओर मुख करके खाने से अशुभ फल मिलता है। इन बातों का जिक्र भी हमारे पौराणिक ग्रंथों और वास्तु शास्त्रों में किया गया है। जानते हैं कर्ज से मुक्ति के लिए किस दिशा की ओर मुख करके खाना नहीं खाना चाहिए।
कर्ज से मुक्ति पाने के लिए इस दिशा में न खाएं खाना
वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे सभी कामों को करने के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं। कुछ दिशा में कुछ काम करने के लिए वर्जित भी किया गया है। शास्त्रों में हमारे सोने की दिशा, हमारे पूजा करने की दिशा और खाना खाने की दिशा भी निर्धारित की गई है। शास्त्रों में कर्ज से मुक्ति पाने की भी चर्चा विस्तार से की गई है। वास्तु शास्त्र की माने तो कभी भी दक्षिण दिशा की ओर मुख करके खाना नहीं खाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि दक्षिण दिशा यमदूतों की दिशा होती है। दक्षिण दिशा की ओर मुख करके खाना खाने से मनुष्य के ऊपर अशुभ प्रभाव पड़ता है, शरीर पर नेगेटिव एनर्जी पड़ती है और मनुष्य कर्ज में डूबता जाता है।
कर्ज से मुक्ति के लिए इस दिशा में खाना खाना है कारगर
पौराणिक ग्रंथों में भोजन को अन्नापूर्णा की संज्ञा दी गई है। वास्तु के अनुसार हमें पूर्व दिशा की ओर मुख करके खाना खाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि पूर्व दिशा में देवताओं का वास होता है। देवताओं की दिशा होने के कारण पूर्व की ओर मुख करके खाना खाने से कर्ज से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा पश्चिम दिशा की ओर मुख करके और उत्तर दिशा की ओर मुख कर के खाना खाने को भी शुभ माना गया है।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

