Nirjala Ekadashi 2022 Daan: निर्जला एकादशी पर इन चीजों का करें दान, होता है शुभ और मिलेगा महापुण्य

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 22, 2022, 06:02 PM IST

Nirjala Ekadashi 2022: निर्जला एकादशी के दिन दान करने का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस दिन दान करने से महापुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन राहत देने वाली चीजों का दान जरूर करना चाहिए।

Nirjala Ekadashi 2022 Daan: निर्जला एकादशी पर इन चीजों का करें दान, होता है शुभ और मिलेगा महापुण्य
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Nirjala Ekadashi Par Kya Daan Kare: निर्जला एकादशी बेहद खास है। यह जेष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ती है। इस साल निर्जला एकादशी व्रत 10 जून को पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। एकादशी भगवान विष्णु को अति प्रिय है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि निर्जला एकादशी व्रत रखने से साल की 24 एकादशी का व्रत करने के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। निर्जला एकादशी व्रत बिना जल ग्रहण रखा जाता है। यह व्रत बाकी एकादशी से थोड़ा कठिन है। इस व्रत के दिन पानी नहीं पिया जाता है। निर्जला एकादशी व्रत दान का भी सर्वाधिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन दान करने से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं कि निर्जला एकादशी व्रत के दिन किन चीजों का दान करना शुभ होता है...

पानी पिलाना होता है शुभ 

निर्जला एकादशी के दिन प्यासे को पानी जरूर पिलाना चाहिए। निर्जला एकादशी के दिन पानी पिलाना पुण्य माना जाता है। इस दिन राहत देने वाली चीजों का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पशु पक्षियों को भी पानी जरूर पिलाना चाहिए।

ब्राह्मणों को दान करने चाहिए जूते

ज्योतिष के अनुसार, इस दिन ब्राह्मणों को जूते दान जरूर करना चाहिए। इस दिन ब्राह्मणों को जूते दान करना शुभ माना जाता है। शास्त्रों के मुताबिक इस दिन जूते दान करने वाला व्यक्ति सोने की विमान में बैठकर स्वर्ग में जाता है।

करना चाहिए अन्न दान 

इसके अलावा निर्जला एकादशी व्रत के दिन गरीब को अन्न दान करना चाहिए व जरूरतमंदों को छाता दान करना भी शुभ होता है। इस दिन बिस्तर का दान करना भी अच्छा माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन कपड़े, बिस्तर का दान करने से परम पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा फलों में खरबूजा व आम का भी दान करना शुभ माना जाता है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।) 

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