Jyotish Shastra Tips: बुरी नजर से पाना जाते हैं छुटकारा तो बांधे काला धागा, जानिए फायदे व सावधानियां

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 23, 2022, 02:50 PM IST

Rules Of Wearing Black Thread: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार काला धागा बांधने से व्यक्ति बुरी नजर से बचता है। इसके अलावा काला धागा पहनने से व्यक्ति की कुंडली में शनि ग्रह मजबूत होता है और शनि दोष से मुक्ति मिलती है।

Jyotish Shastra Tips: बुरी नजर से पाना जाते हैं छुटकारा तो बांधे काला धागा, जानिए फायदे व सावधानियां

Black Thread Benefits: आपने कई लोगों को पैरों में काला धागा बांधते हुए देखा होगा। काला धागा बांधने की प्रथा आज से नहीं कई सालों से चली आ रही है। बुरी नजर से बचने के लिए लोग हाथ, पैर, गले व बाजु में काला धागा बांधते हैं। नवजात शिशु से लेकर बुजुर्गों तक काला धागा बांधते हुए आपने देखा होगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार काला धागा बांधने से बुरी नजर और शनि प्रदोष से बचा जा सकता है। ऐसी मान्यता है कि काला रंग नजर लगाने वाले की एकाग्रता को भंग कर देता है। जिसके चलते नकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति को किसी भी तरह से हानि नहीं पहुंचाती है। काला धागा पहनने के कई फायदे हैं। आइए जानते हैं काला धागा पहनने के फायदे व इसे पहनते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए।

बुरी नजर से बचाता है

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि काले रंग का कारक होता है, इसलिए शनिवार के दिन काले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। ऐसे में शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए काले रंग का धागा पहना जाता है। यह हर तरह की बुरी नजरों से बचाने का काम करता है।

पेट की समस्या से मिलती है मुक्ति

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार काला धागा पहनने से व्यक्ति की सेहत में सुधार आता है। खासकर जिन लोगों को पेट की समस्या है उससे राहत मिलती है। पेट की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को अंगूठे में काला धागा बांधना चाहिए। इससे शरीर में दर्द से भी छुटकारा मिलता है।

बरतें सावधानी

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार काला धागा बांधते समय कई सावधानी बरतनी चाहिए। शनिवार व मंगलवार के दिन काला धागा बांधना शुभ होता है। काला धागा बांधने से पहले किसी ज्योतिष से अभिमंत्रित कराने के बाद ही इसे पहनें। काले रंग का धागा पहनने वाले व्यक्ति को रुद्र गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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