अध्यात्म

Anant Chaturdashi 2025: अनंत चतुर्दशी पर 14 दीपक कब और कैसे जलाएं? जानें कहां-कहां रखे जाते हैं ये दीपक

Anant Chaturdashi 2025 Diya: हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है। अनंत चतुर्दशी के दिन 14 दीपक जलाने की परंपरा है। यहां से आप जान सकते हैं कि अनंत चतुर्दशी के दिन दीए कैसे जलाने हैं और 14 दीपक को जलाकर कहां रखना है।

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अनंत चतुर्दशी पर 14 दीपक कैसे जलाएं? (AI Generated)

Anant Chaturdashi 2025 Diya: अनंत चतुर्दशी के दिन प्रदोष काल में अपने घर में 14 दीपक जलाना काफी शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इससे साधक को भगवान विष्णु के साथ-साथ मां लक्ष्मी की भी कृपा की प्राप्ति हो सकती है। साथ ही आपका घर भी धन-धान्य से भर जाता है। यहां से जानें कि अनंत चतुर्दशी के दिन दीपक कैसे जलाए जाते हैं और इन 14 दीयों को रखना कहां है।

कैसे जलाएं 14 दीपक? (Anant Chaturdashi Par 14 Diya Kaise Jalaye)-

  • सबसे पहले मिट्टी या पीतल के 14 दीपक लें और इन्हें अच्छे से साफ कर लें।
  • बाती दक्षिणावर्ती (दक्षिण दिशा की ओर मुख वाली) रखें।
  • दीपक में जलाने के लिए गाय के घी या फिर सरसों के तेल का उपयोग करें।
  • अनंत चतुर्दशी के दिन प्रदोष काल में इन दीपकों को जलाएं।
  • दीपक जलाते समय 'ॐ अनंताय नमः' या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
  • इन सभी दीपक को घर के 14 अलग-अलग स्थानों पर रख दें।

कहां रखने हैं 14 दीपक?

  1. रसोई घर
  2. पूजा घर
  3. तुलसी पौधा
  4. मुख्य द्वार
  5. तिजोरी
  6. घर के चार कोनों में एक-एक (4 दीपक)
  7. छत पर
  8. घर के बाहर
  9. पानी के नल के पास
  10. घर की सीढ़ियों पर
  11. आंगन में

अनंत चतुर्दशी पर दीपक जलाने का महत्व-

अनंत चतुर्दशी पर दीपक जलाने से घर से नकारात्मकता दूर होती है। सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे घर में शांति और समृद्धि आती और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है। माना जाता है कि दीपक का प्रकाश अनंत भगवान के तेज का प्रतीक होता है और इससे साधक को पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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