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Amalaki Ekadashi Ke Upay 2025: आमलकी एकादशी पर करें ये उपाय, चमक जाएगी किस्मत, पैसों की नहीं होगी कमी

Amalaki Ekadashi Ke Upay 2025 (आंवला एकादशी के उपाय): आमलकी एकादशी के दिन पूजा से लेकर भोजन तक हर चीज में आंवले का उपयोग करना बेहद शुभ माना जाता है। चलिए जानते हैं इस एकादशी पर किन उपायों को करके आप अपनी किस्मत चमका सकते हैं।

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Amalaki Ekadashi Ke Upay 2025

Amalaki Ekadashi Ke Upay 2025 (आंवला एकादशी के उपाय): आमलकी का अर्थ होता है आंवला। ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु ने इस पेड़ की उत्पत्ति की थी। धर्म शास्त्रों और आयुर्वेद में भी इसे श्रेष्ठ बताया गया है। आंवले के पेड़ के हर हिस्से में ईश्वर का वास माना जाता है। इसलिए आमलकी एकादशी के दिन इस वृक्ष की पूजा करने से जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं। चलिए आपको बताते हैं कि आमलकी या आंवला एकादशी के दिन किन उपायों को करने से आपकी किस्मत चमक सकती है।

आमलकी एकादशी के उपाय (Amalaki Ekadashi Ke Upay)

लगाएं आंवले का पेड़- आमलकी एकादशी के दिन घर में आंवले का वृक्ष लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। माना जाता है कि आंवले का पेड़ लगाने से करियर में तरक्की मिलती है।

आंवले का फल करें अर्पित- आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को आंवले का फल जरूर अर्पित करना चाहिए। कहते हैं इससे व्यक्ति की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

आंवले के पेड़ पर चढ़ाएं पानी- आमलकी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ में जल चढ़ाना चाहिए। इसके बाद इसकी मिट्टी को माथे पर लगाना चाहिए। कहते हैं ऐसा करने से कार्य में दोगुनी सफलता प्राप्त होती है।

जलाएं दीपक- वैवाहिक जीवन में समस्या आ रही है तो इस दिन आंवले के वृक्ष के तने पर सात बार सूत का धागा लपेटें। इसके बाद दीपक जलाएं। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली बनी रहेगी।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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