अध्यात्म

Ganesh Ji Ki Aarti: अहोई अष्टमी पूजा भगवान श्री गणेश की इस आरती के बिना है अधूरी

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 17, 2022, 06:20 PM IST

Ahoi Ashtami Aarti / Ganesh Ji Ki Aarti : चाहे कोई भी पूजा हो भगवान गणेश की इस आरती को किए बिना पूरी नहीं मानी जाती है।

Image

भगवान गणेश की आरती यहां देखें

Ahoi Ashtami Aarti/Ganesh Aarti: अहोई अष्टमी के त्योहार में जितना अहोई माता की पूजा का महत्व होता है उतना ही भगवान गणेश की पूजा भी जरूरी होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता की उपाधि प्राप्त है। यानी चाहे कोई भी मांगिलक कार्य हो या फिर विशेष पूजा पाठ हो सबसे पहले गणेश जी को याद करना जरूरी होता है। यहां देखें गणेश जी की आरती हिंदी में।

Ganesh Aarti Lyrics: गणेश जी की आरती

गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।

लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।

बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।

कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article