अध्यात्म

अधिक मास की अमावस्या पर क्या दान करें, जानें किन चीजों का दान है महादान

अमावस्या तिथि को दान-पुण्य के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों की सहायता और कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने की परंपरा है। जानिए अमावस्या पर क्या दान करना चाहिए।

Image

Adhik Maas ki Amavasya par kya daan kre

हिंदू पंचांग में अधिक मास का विशेष महत्व बताया गया है। यह अतिरिक्त महीना लगभग हर तीन साल में एक बार आता है और इसे भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। अधिक मास के दौरान किए गए जप, तप, दान और धार्मिक कार्यों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक फलदायी माना जाता है। 2026 में अधिक मास की अमावस्या उदया तिथि के अनुसार 15 जून को पड़ रही है। अधिक मास की अमावस्या पर किया गया दान महादान माना जाता है। देखें अधिक मास की अमावस्या पर किन वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है और किन दानों को महादान की श्रेणी में रखा जाता है।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: 13 या 14 जून अधिक मास की शिवरात्रि कब है

अन्न दान को माना गया श्रेष्ठ

भूखे व्यक्ति को भोजन कराना या चावल, गेहूं, दाल जैसी खाद्य सामग्री का दान करना सबसे पुण्यकारी कार्यों में गिना जाता है। अन्न दान को कई धार्मिक ग्रंथों में महादान की संज्ञा दी गई है।

वस्त्र दान

जरूरतमंद लोगों को साफ और उपयोगी कपड़े दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे किसी व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता पूरी होती है और सेवा का भाव मजबूत होता है।

Adhik Maas ki Amavasya

Adhik Maas ki Amavasya

तिल और गुड़ का दान

अमावस्या के दिन तिल और गुड़ का दान करने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है। इसे शुभ और कल्याणकारी माना जाता है।

जल से जुड़े दान

गर्मी के मौसम में पानी की व्यवस्था करना, मटके दान करना या राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना भी बहुत पुण्यकारी कार्य माना जाता है।

गौ सेवा और पशु-पक्षियों को भोजन

गायों को चारा खिलाना, पक्षियों के लिए दाना-पानी रखना और अन्य जीवों की सेवा करना भी दया और धर्म का महत्वपूर्ण रूप माना जाता है।

शिक्षा और जरूरत की वस्तुओं का दान

जरूरतमंद बच्चों को किताबें, कॉपियां या पढ़ाई से जुड़ी सामग्री देना भी आज के समय में एक बड़ा दान माना जाता है। इससे किसी का भविष्य संवर सकता है।

दान करते समय रखें ध्यान

दान हमेशा अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार करें। दिखावे के बजाय सेवा और करुणा की भावना सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। अधिक मास की अमावस्या हमें यही संदेश देती है कि दूसरों की मदद करना ही सबसे बड़ा धर्म है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

और पढ़ें
End of Article