Janmashtami Aarti Lyrics, आरती कुंजबिहारी की 2025: आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की..
Aarti kunj Bihari ki Shree Girdhar krishan Murari ki (आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती) krishna Janmashtami 2025 Laddu Gopal Ji Aarti Lyrics (कृष्ण भगवान की आरती लिखित में) in Text, Stutui, Mantra, Chalisa: आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी है। आज मथुरा-वृंदावन से लेकर पूरे देश और विदेशों में भी कान्हा के भक्ति की धुन ही सुनाई दे रही है। कृष्ण का जन्मोत्सव बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाता है। पूजा-पाठ के बाद कृष्णा चालीसा पढ़ी जाती है। मंत्रों का जाप किया जाता है। फिर पूरे श्रद्धा भाव के साथ आरती भी की जाती है। यहां से आप कृष्ण जी की आरती लिखित में देख सकते हैं। साथ ही यहां लड्डू गोपाल के मंत्र, कृष्ण चालीसा, श्लोक, बाल गोपाल की आरती भी मौजूद है।
Janmashtami Aarti Lyrics, आरती कुंजबिहारी की 2025: आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की..
यहां से जानें श्री कृष्ण जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त, पूजा विधि, कृष्ण जन्म का सही समय
Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics | आरती कुंज बिहारी की
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।
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श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला।
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
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गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली।
लतन में ठाढ़े बनमाली; भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की।
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
मेरो मदन गोपाल मेरो मदन गोपाल आरती
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कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै; बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग, ग्वालिन संग;
अतुल रति गोप कुमारी की॥ श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
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जहां ते प्रकट भई गंगा, कलुष कलि हारिणि श्रीगंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा; बसी सिव सीस, जटा के बीच, हरै अघ कीच;
चरन छवि श्रीबनवारी की॥ श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
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चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू; हंसत मृदु मंद,चांदनी चंद, कटत भव फंद।।
टेर सुन दीन भिखारी की॥ श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी.. देखें कृष्ण भजन लिखित में
Madhurashtakam Adhram Madhuram Vadnam Madhuram | मधुराष्टकम् अधरं मधुरं वदनं मधुरं
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अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं। हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं।।
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वचनं मधुरं चरितं मधुरं वसनं मधुरं वलितं मधुरं। चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं।।
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वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ। नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं।।
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गीतं मधुरं पीतं मधुरं भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरं। रूपं मधुरं तिलकं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं।।
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करणं मधुरं तरणं मधुरं हरणं मधुरं रमणं मधुरं। वमितं मधुरं शमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं।।
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गुञ्जा मधुरा माला मधुरा यमुना मधुरा वीची मधुरा। सलिलं मधुरं कमलं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं।।
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गोपी मधुरा लीला मधुरा युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरं। दृष्टं मधुरं सृष्टं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं।।
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गोपा मधुरा गावो मधुरा यष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा। दलितं मधुरं फलितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं।।
जन्माष्टमी की रात 12 बजे क्या करें (Janmashtami Ki Raat 12 Baje Kya Kare)
जन्माष्टमी की मुख्य पूजा रात 12 बजे ही की जाती है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि कृष्ण जी का जन्म रात 12 बजे ही हुआ था। इसलिए इस समय पर लोग नन्द के आनंद भयो भजन गाकर कृष्ण जी के आगमन की खुशियां बनाते हैं। इस समय पर कृष्ण जी का अभिषेक किया जाता है। उन्हें तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है। इसके बाद बाल गोपाल की आरती की जाती है। फिर उन्हें झूला झुलाया जाता है।
भगवान कृष्ण के मंत्र (Sri Krishna Mantra)
कृं कृष्णाय नमः
कृष्ण हरे कृष्ण । कृष्ण कृष्ण हरे हरे । हरे राम हरे राम । राम राम हरे हरे ॥
ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात
ओम क्लीम कृष्णाय नमः
गोकुल नाथाय नमः
श्री कृष्ण जन्म स्तुति (Bhaye Pragat Kripala Bhajan Aarti)
भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशुमति के हितकारी।
हर्षित महतारी सुर मुनि हारी मोहन मदन मुरारी ॥
कंसासुर जाना मन अनुमाना पूतना वेगी पठाई।
तेहि हर्षित धाई मन मुस्काई गयी जहाँ यदुराई॥
तब जाय उठायो हृदय लगायो पयोधर मुख मे दीन्हा।
तब कृष्ण कन्हाई मन मुस्काई प्राण तासु हर लीन्हा॥
जब इन्द्र रिसायो मेघ पठायो बस ताहि मुरारी।
गौअन हितकारी सुर मुनि हारी नख पर गिरिवर धारी॥
कन्सासुर मारो अति हँकारो बत्सासुर संघारो।
बक्कासुर आयो बहुत डरायो ताक़र बदन बिडारो॥
तेहि अतिथि न जानी प्रभु चक्रपाणि ताहिं दियो निज शोका।
ब्रह्मा शिव आये अति सुख पाये मगन भये गये लोका॥
यह छन्द अनूपा है रस रूपा जो नर याको गावै।
तेहि सम नहि कोई त्रिभुवन सोयी मन वांछित फल पावै॥
नंद यशोदा तप कियो , मोहन सो मन लाय।
देखन चाहत बाल सुख , रहो कछुक दिन जाय॥
जेहि नक्षत्र मोहन भये ,सो नक्षत्र बड़िआय।
चार बधाई रीति सो , करत यशोदा माय॥
श्री कृष्ण चालीसा
बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।
अरुणअधरजनु बिम्बफल, नयनकमलअभिराम॥
पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज।
जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥
जय यदुनंदन जय जगवंदन।
जय वसुदेव देवकी नन्दन॥
जय यशुदा सुत नन्द दुलारे।
जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥
जय नट-नागर, नाग नथइया॥
कृष्ण कन्हइया धेनु चरइया॥
पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो।
आओ दीनन कष्ट निवारो॥
वंशी मधुर अधर धरि टेरौ।
होवे पूर्ण विनय यह मेरौ॥
आओ हरि पुनि माखन चाखो।
आज लाज भारत की राखो॥
गोल कपोल, चिबुक अरुणारे।
मृदु मुस्कान मोहिनी डारे॥
राजित राजिव नयन विशाला।
मोर मुकुट वैजन्तीमाला॥
कुंडल श्रवण, पीत पट आछे।
कटि किंकिणी काछनी काछे॥
नील जलज सुन्दर तनु सोहे।
छबि लखि, सुर नर मुनिमन मोहे॥
मस्तक तिलक, अलक घुंघराले।
आओ कृष्ण बांसुरी वाले॥
करि पय पान, पूतनहि तार्यो।
अका बका कागासुर मार्यो॥
मधुवन जलत अगिन जब ज्वाला।
भै शीतल लखतहिं नंदलाला॥
सुरपति जब ब्रज चढ़्यो रिसाई।
मूसर धार वारि वर्षाई॥
लगत लगत व्रज चहन बहायो।
गोवर्धन नख धारि बचायो॥
लखि यसुदा मन भ्रम अधिकाई।
मुख मंह चौदह भुवन दिखाई॥
दुष्ट कंस अति उधम मचायो॥
कोटि कमल जब फूल मंगायो॥
नाथि कालियहिं तब तुम लीन्हें।
चरण चिह्न दै निर्भय कीन्हें॥
करि गोपिन संग रास विलासा।
सबकी पूरण करी अभिलाषा॥
केतिक महा असुर संहार्यो।
कंसहि केस पकड़ि दै मार्यो॥
मात-पिता की बन्दि छुड़ाई।
उग्रसेन कहं राज दिलाई॥
महि से मृतक छहों सुत लायो।
मातु देवकी शोक मिटायो॥
भौमासुर मुर दैत्य संहारी।
लाये षट दश सहसकुमारी॥
दै भीमहिं तृण चीर सहारा।
जरासिंधु राक्षस कहं मारा॥
असुर बकासुर आदिक मार्यो।
भक्तन के तब कष्ट निवार्यो॥
दीन सुदामा के दुख टार्यो।
तंदुल तीन मूंठ मुख डार्यो॥
प्रेम के साग विदुर घर मांगे।
दुर्योधन के मेवा त्यागे॥
लखी प्रेम की महिमा भारी।
ऐसे श्याम दीन हितकारी॥
भारत के पारथ रथ हांके।
लिये चक्र कर नहिं बल थाके॥
निज गीता के ज्ञान सुनाए।
भक्तन हृदय सुधा वर्षाए॥
मीरा थी ऐसी मतवाली।
विष पी गई बजाकर ताली॥
राना भेजा सांप पिटारी।
शालीग्राम बने बनवारी॥
निज माया तुम विधिहिं दिखायो।
उर ते संशय सकल मिटायो॥
तब शत निन्दा करि तत्काला।
जीवन मुक्त भयो शिशुपाला॥
जबहिं द्रौपदी टेर लगाई।
दीनानाथ लाज अब जाई॥
तुरतहि वसन बने नंदलाला।
बढ़े चीर भै अरि मुंह काला॥
अस अनाथ के नाथ कन्हइया।
डूबत भंवर बचावइ नइया॥
'सुन्दरदास' आस उर धारी।
दया दृष्टि कीजै बनवारी॥
नाथ सकल मम कुमति निवारो।
क्षमहु बेगि अपराध हमारो॥
खोलो पट अब दर्शन दीजै।
बोलो कृष्ण कन्हइया की जै॥
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: श्रीकृष्ण शयन आरती
सुखदायक मंगल शिव श्यामा की।
शयन को सजी सुंदर सेजिया,
सुरभि फूलन की खिले कँवलिया।
कस्तूरी चंदन लेप लगाए,
चाँदी की पाँखें मंद-मंद डुलाए।
पायल छनके, नूपुर बाजे,
नींद भरी अखियाँ सुख साजे।
तन पर ओढ़े पीतांबर प्यारा,
सोवत हैं गोपाल हमारा।
आरती कीजै नंदलाला की,
सुखदायक मंगल शिव श्यामा की।
मुरली मधुर अधरों पे शोभे,
श्रीराधा साथ विराजत लोभे।
संसार सुख त्यागे सब द्वारे,
शरण गहे गोविंद हमारे।
Janmashtami Bhajan Video, Krishna Ji Ke Bhajan: जन्माष्टमी स्पेशल कृष्ण भजन
Radha Krishna Aarti Lyrics: राधा-कृष्ण की आरती
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
चंद्रमुखी चंचल चितचोरी। (राधा)
सुघर सांवरा सूरत भोरी। (कृष्ण)
श्यामा-श्याम एक-सी जोरी।(राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
पंचरंग चूनर केसर न्यारी। (राधा)
पट पीतांबर कामर कारी। (कृष्ण)
एकरूप अनुपम छबि प्यारी (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
चंद्र-चंद्रिका चमचम चमकै। (राधा)
मोर मुकुट सिर दमदम दमकै। (कृष्ण)
युगल-प्रेम रस झमझम झमकै (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
कस्तूरी कुंकुम जुत बिंदा। (राधा)
चंदन चारु तिलक ब्रज चंदा। (कृष्ण)
सुहृद-लाड़ली लाल सुनंदा। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
घूंमघुमारो घांघर सोहै। (राधा)
कटिकछनी कमलापति सोहै। (कृष्ण)
कमलासन सुर-मुनि-मन मोहै। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
रत्नजटित आभूषण सुंदर। (राधा)
कौस्तुभमणि कमलांकित नटवर। (कृष्ण)
रणत्क्वणत् मुरली-ध्वनि मनहर। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
मंद हंसन मतवारे नैना। (राधा)
मनमोहन मन हारे सैना। (कृष्ण)
मृदु मुसुकावनि मीठे बैना। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
श्रीराधा भव-बाधा-हारी। (राधा)
संकट-मोचन कृष्ण मुरारी। (कृष्ण)
एक शक्ति, एकहि आधारी। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
जगज्ज्योति जगजननी माता। (राधा)
जगजीवन, जग-पितु जग-दाता।। (कृष्ण)
जगदाधार, जगद्विख्याता। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
राधा राधा कृष्ण कन्हैया। (राधा)
भव-भय सागर पार लगैया। (कृष्ण)
मंगल-मूरति, मोक्ष-करैया। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
सर्वेश्वरी सर्व-दुख-दाहन। (राधा)
त्रिभुवनपति, त्रयताप-नसावन।। (कृष्ण)
परम देवि, परमेश्वर पावन। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
त्रिसमय युगलचरण चित ध्यावै। (राधा)
सो नर जगत परमपद पावै। (कृष्ण)
राधाकृष्ण ‘छैल’ मन भावै। (राधाकृष्ण)
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: मुरली मनोहर गोविंद गिरधर नमामि कृष्णम (Murli Manohar Govind Girdhar Nmami Krishanm)
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
ये कृष्ण प्रेमी कहे निरंतर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
राजीव लोचन अतीव सुंदर,
राजीव लोचन अतीव सुंदर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
मुरली मनोहर गोविंद गिरिधर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्........
दीन जनों की आस तुम्हीं हो,
भक्तों का विश्वास तुम्हीं हो,
योगी सार्थक आराधक के,
अंतर का आभास तुम्हीं हो,
अंतर का आभास तुम्हीं हो,
है सृष्टि सारी तुम्हीं पे निर्भर,
है सृष्टि सारी तुम्हीं पे निर्भर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
मुरली मनोहर गोविंद गिरिधर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्......
भजो रे मन हरी हरी मोहन मुरारी,
भजो रे मन हरी हरी मोहन मुरारी,
मोहन मुरारी गोविंद गिरिधारी,
गोविंद गिरिधारी सकल दुःख हारी,
ए भजो रे मन हरी हरी मोहन मुरारी,
भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
गोविंद अनमोल है गोपाल अनमोल,
हरी हरी बोल
हरी भक्ति रस के प्यासे तु भक्ति रस तो घोल,
हरी हरी बोल
मोहन को देखना है तो अंतर के नैन खोल,
हरी हरी बोल
बिकते हैं दीनानाथ प्रेम भावना के मोल,
हरी हरी बोल
हरी हरी बोल
समझ ना आए हमको,
समझ ना आए गूढ़ बातें तुम्हारी,
एक साँवरे सलोने के हम हैं पुजारी,
एक ब्राह्मण के छोरे से हुई है अपनी यारी,
कृष्ण मुरारी हो कृष्ण मुरारी,
कृष्ण मुरारी मेरा कृष्ण मुरारी,
ए भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
सब भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा,
ए भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
ए भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे....
Janmashtami Krishna Janam Sohar Geet: बाजे यशोदा के अंगना बधाई सोहर लिरिक्स | Baaje Yashoda Ke Angana Badhaai Lyrics
आये कन्हाई जी आये कन्हाई ।
बाजे यशोदा के अंगना बधाई,
आये कन्हाई जी आये कन्हाई ॥
मक्खन वाला केक कटेगा,
पूरे वृन्दावन में बटेगा,
मक्खन वाला केक कटेगा,
मक्खन वाला केक कटेगा,
पूरे वृन्दावन में बटेगा ।
जहाँ चरण कान्हा के पडेंगे,
पुन्य बढेगा पाप घटेगा,
करो स्वागत यशोदा के लाल का,
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का ॥
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का
ओ हो हो जन्मदिन है लड्डू गोपाल का ॥
चंदा से मुखड़े पे मुस्कान देखो,
मुस्कान देखो जी मुस्कान देखो,
पलने में ललना की तुम शान देखो,
मुस्कान देखो जी मुस्कान देखो,
चंदा से मुखड़े पे मुस्कान देखो,
पलने में ललना की तुम शान देखो,
इक पल में सौ बार ली है बालाएं ।
कन्हैया में मैया की है जान देखो,
कन्हैया में मैया की है जान देखो,
शुभ घड़ी है ये दिन है कमल का,
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का ॥
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का
ओ हो हो जन्मदिन है लड्डू गोपाल का ॥
बाजे यशोदा के अंगना बधाई,
आये कन्हाई जी आये कन्हाई ॥
आनंद उत्सव है नन्द जी के द्वारे,
नन्द जी के द्वारे हाँ नन्द जी के द्वारे,
दर्शन कतारों में करते हैं सारे,
नन्द जी के द्वारे हाँ नन्द जी के द्वारे,
आनंद उत्सव है नन्द जी के द्वारे,
दर्शन कतारों में करते हैं सारे,
हवाओ में बहते हैं बंशी के धारे,
पता न लगे कौन किसको पुकारे,
पता न लगे कौन किसको पुकारे ।
शोर है ढोल ताशों की ताल का,
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का ॥
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का
ओ हो हो जन्मदिन है लड्डू गोपाल का ॥
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का
जन्मदिन है लड्डू गोपाल का
ओ हो हो जन्मदिन है लड्डू गोपाल का ॥
बाजे यशोदा के अंगना बधाई,
आये कन्हाई जी आये कन्हाई ।
बाजे यशोदा के अंगना बधाई,
आये कन्हाई जी आये कन्हाई ॥
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: अच्युतं केशवं कृष्ण दामोदरं (achyutam keshavam)
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
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कौन कहता है भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
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कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
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कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
मां यशोदा के जैसे सुलाते नहीं।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
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कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
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कौन कहता है भगवान रुकते नहीं,
हनुमान के जैसे मनाते नहीं।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
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नाम जपते चलो काम करते चलो
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो
नाम जपते चलो काम करते चलो
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम।
राम नारायणं जानकी बल्लभम।
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: Shri Balkishan Ji Ki Aarti | श्री बालकृष्ण जी की आरती लिखित में
अपनों जनम सुफल करि लीजै |
श्रीयशुदा को परम दुलारौ |
बाबा की अखियन कौ तारो ||
गोपिन के प्राणन को प्यारौ |
इन पै प्राण निछावरी कीजै |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||
बलदाऊ कौ छोटो भैया |
कनुआँ कहि कहि बोलत मैया |
परम मुदित मन लेत वलैया |
यह छबि नयननि में भरि लीजै |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||
श्री राधावर सुघर कन्हैया |
ब्रजजन कौ नवनीत खवैया |
देखत ही मन नयन चुरैया |
अपनौ सरबस इनकूं दीजे |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||
तोतरि बोलनि मधुर सुहावै |
सखन मधुर खेलत सुख पावै |
सोई सुकृति जो इनकूं ध्यावै |
अब इनकूं अपनों करि लीजै |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: Hey Gopal Krishna Karu Aarti Teri | हे गोपाल कृष्ण करूँ आरती तेरी
हे प्रिया पति मैं करूँ आरती तेरी
तुझपे ओ कान्हा बलि बलि जाऊं
सांज-सवेरे तेरे गुण गाउँ
प्रेम में रंगी मैं रंगी भक्ति में तेरी
हे गोपाल कृष्णा करूँ आरती तेरी
हे प्रिया पति मैं करूँ आरती तेरी
ये माटी का कण है तेरा
मन और प्राण भी तेरे
मैं एक गोपी, तुम हो कन्हैया
तुम हो भगवन मेरे
हे गोपाल कृष्णा करूँ आरती तेरी
कान्हा तेरा रूप अनुपम मन को हरता जाये
मन ये चाहे हरपल अंखियां तेरा दर्शन पाये
दर्श तेरा, प्रेम तेरा, आश है मेरी
हे गोपाल कृष्णा करूँ आरती तेरी
Janmashtami Aarti Lyrics | जन्माष्टमी आरती: आरती कुंज बिहारी की, Aarti Kunj Bihari Ki, Krishna Ji Ki Aarti Video
Krishna Sohar Lyrics: भादो की रतिया भयावन ,घटा घन घेरेली हे सोहर लिरिक्स | Bhaado ki ratiya bhayaawan, Ghata ghan ghereli hai Sohar
घटा घन घेरेली हे
ललना चम् चम् चमके बिजुरिया
डगर नहीं सुझेला हो
आधी रतिया भइले त मोहन जनम लेले हो
आधी रतिया भइले त मोहन जनम लेले हो
ललना खुल गईले जेल के फटकवा
पहरेदार सूत गईले हो
सूप में से गोड़ लटकौले
की यमुना में डाल देहले हो
सूप में से गोड़ लटकौले
की यमुना में डाल देहले हो
ललना यमुना के जल भईले थोर त वसुदेव पार भईले हो
पहुँचले गोकुला नगरीया
त नन्द के भवन पहुंचे हो
पहुँचले गोकुला नगरीया
त नन्द के भवन पहुंचे हो
ललना यशोदा के गोदिया सुतावे
त हिया लेई मथुरा अईले हो
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: Aarti Kunj Bihari Ki | आरती कुंज बिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला,
बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला,
नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली,
राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली
भ्रमर सी अलक,
कस्तूरी तिलक,
चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै ।
बजे मुरचंग,
मधुर मिरदंग,
ग्वालिन संग,
अतुल रति गोप कुमारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
जहां ते प्रकट भई गंगा,
सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा
बसी शिव सीस,
जटा के बीच,
हरै अघ कीच,
चरन छवि श्रीबनवारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद,
चांदनी चंद,
कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: Krishna Bhajan | यशोमती मैया से बोले नंदलाला भजन लिरिक्स
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला।
बोली मुस्काती मैया, ललन को बताया,
काली अँधेरी आधी रात को तू आया।
लाडला कन्हैया मेरा काली कमली वाला, इसी लिए काला।
बोली मुस्काती मैया, सुन मेरे प्यारे,
गोरी गोरी राधिका के नैन कजरारे।
काले नैनो वाली ने ऐसा जादू डाला, इसी लिए काला।
इतने में राधा प्यारी आई बलखाती,
मैंने क्या जादू डाला, बोली इख्लाती।
मैया कन्हैया तेरा जग से निराला, इसी लिए काला।
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: Shyam Bhajan Lyrics | बनवारी रे, जीने का सहारा तेरा नाम रे लिरिक्स
मुझे दुनिया वालों से क्या काम रे।
झूठी दुनिया, झूठे बंधन, झूठी है ये माया।
झूठा सांस का आना जाना, झूठी है ये काया।
यहाँ साँचा तेरा नाम रे…
रंग में तेरे रंग गयी गिरिधर, छोड़ दिया जग सारा
बन गयी तेरे प्रेम की जोगी, ले के मन एकतारा
मुझे प्यारा तेरा धाम रे, बनवारी रे …
दर्शन तेरा जिस दिन पाऊँ, हर चिंता मिट जाये
जीवन मेरा इन चरणों में, आस की ज्योत जगाये
मेरी बाहें पकड़ लो श्याम रे, बनवारी रे…
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: Krishna Bhajan For Janmashtami Lyrics | नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की भजन लिरिक्स
हे आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की
हाथी घोडा पालकी , जय कन्हैया लाल की
हो बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की
हाथी घोडा पालकी , जय कन्हैया लाल की
जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
हो जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्दलाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की
हाथी घोडा पालकी , जय कन्हैया लाल की
हो जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की
हाथी घोडा पालकी , जय कन्हैया लाल की Janmashtami Aarti Lyrics, आरती कुंजबिहारी की 2025 LIVE: जन्माष्टमी पूजा, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कृष्ण जन्म का समय जानें
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: जन्माष्टमी आरती | आरती कुंज बिहारी की, Aarti Kunj Bihari Ki
Ganesh Ji Aarti Lyrics: भगवान गणेश आरती हिंदी में
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
भगवान गणेश की जय, पार्वती के लल्ला की जय
Aarti Bal Krishna Ki Kije: आरती: श्री बाल कृष्ण जी
अपना जन्म सफल कर लीजै ॥
श्री यशोदा का परम दुलारा,
बाबा के अँखियन का तारा ।
गोपियन के प्राणन से प्यारा,
इन पर प्राण न्योछावर कीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥
बलदाऊ के छोटे भैया,
कनुआ कहि कहि बोले मैया ।
परम मुदित मन लेत बलैया,
अपना सरबस इनको दीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥
श्री राधावर कृष्ण कन्हैया,
ब्रज जन को नवनीत खवैया ।
देखत ही मन लेत चुरैया,
यह छवि नैनन में भरि लीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥
तोतली बोलन मधुर सुहावै,
सखन संग खेलत सुख पावै ।
सोई सुक्ति जो इनको ध्यावे,
अब इनको अपना करि लीजै ॥
॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥
आरती बाल कृष्ण की कीजै,
अपना जन्म सफल कर लीजै ॥
Are Dwarpalo Lyrics: अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो सुदामा लिरिक्स
कृष्ण के दर पे यह विशवास ले के आया हूँ।
मेरे बचपन का दोस्त हैं मेरा श्याम,
येही सोच कर मैं आस ले कर के आया हूँ ॥
अरे द्वारपालों कहना से कह दो,
दर पे सुदामा गरीब आ गया है।
भटकते भटकते ना जाने कहाँ से,
तुम्हारे महल के करीब आ गया है॥
ना सर पे हैं पगड़ी, ना तन पे हैं जामा
बतादो कन्हिया को नाम है सुदामा।
इक बार मोहन से जाकर के कहदो,
मिलने सखा बदनसीब आ गया है॥
सुनते ही दोड़े चले आये मोहन,
लगाया गले से सुदामा को मोहन।
हुआ रुकमनी को बहुत ही अचम्भा,
यह मेहमान कैसा अजीब आ गया है॥
और बराबर पे अपने सुदामा बिठाये,
चरण आंसुओं से श्याम ने धुलाये।
न घबराओ प्यारे जरा तुम सुदामा,
ख़ुशी का समा तेरे करीब आ गया है।
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: Shri Krishna Govind Hare Murari Lyrics | श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
हे नाथ नारायण...॥
पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
हे नाथ नारायण...॥
॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी...॥
बंदी गृह के, तुम अवतारी
कही जन्मे, कही पले मुरारी
किसी के जाये, किसी के कहाये
है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
गोकुल में चमके, मथुरा के तारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
अधर पे बंशी, ह्रदय में राधे
बट गए दोनों में, आधे आधे
हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल
सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
वही गए वही, गए वही गए
जहाँ गए पुकारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा॥
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
गीता में उपदेश सुनाया
धर्म युद्ध को धर्म बताया
कर्म तू कर मत रख फल की इच्छा
यह सन्देश तुम्ही से पाया
अमर है गीता के बोल सारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बंधू सखा त्वमेव
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देव देवा
॥ श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी...॥
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
हरी बोल, हरी बोल,
हरी बोल, हरी बोल ॥
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
Janmashtami Aarti Lyrics, Krishna Ji Ki Aarti LIVE: मीठे रस से भरियो री राधा रानी लागे | Meethe Ras Se Bharyo Radha Rani Lyrics In Hindi
मीठे रस से भरियो री
राधा रानी लागे,
राधा रानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
मीठे रस से भरियो री
राधा रानी लागे,
राधा रानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
यमुना मैया कारी कारी,
राधा गौरी गौरी।
यमुना मैया कारी कारी,
राधा गौरी गौरी।
वृन्दावन में धूम मचावे,
बरसाने की छोरी।
वृन्दावन में धूम मचावे,
बरसाने की छोरी।
बृजधाम राधा जु की रजधानी लागे,
रजधानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
ना भावे मने माखन मिश्री,
और ना कोई मिठाई।
ना भावे मने माखन मिश्री,
और ना कोई मिठाई।
जीबड़िया ने भावे अब तो,
राधा नाम मलाई।
जीबड़िया ने भावे अब तो,
राधा नाम मलाई।
वृषभानु की लली तो,
गूडधानी लागे ,गूडधानी लागे।
मन कारो करो,
यमुना जी रो पानी लागे।
मन कारो करो,
यमुना जी रो पानी लागे।
कान्हा नित मुरली में तेरे,
सुमिरे बारमबार।
कान्हा नित मुरली में तेरे,
सुमिरे बारमबार।
कोटिन रूप धरे मनमोहन,
कोई ना पावे पार।
कोटिन रूप धरे मनमोहन,
कोई ना पावे पार।
रंग रूप की छबीली,
पटरानी लागे, पटरानी लागे।
मन कारो करो,
यमुना जी रो पानी लागे।
मन कारो करो,
यमुना जी रो पानी लागे।
राधा राधा नाम रटत हैं ,
जो नर आठो याम।
राधा राधा नाम रटत हैं ,
जो नर आठो याम।
उनकी बाधा दूर करत है,
राधा राधा नाम।
उनकी बाधा दूर करत है,
राधा राधा नाम।
राधा नाम में सफल,
जिन्दगानी लागे, जिन्दगानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
मीठे रस से भरियो री
राधा रानी लागे,
राधा रानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
मन कारो कारो,
यमुना जी रो पानी लागे।
