अध्यात्म

आज क्या है 16 अप्रैल 2026, आज चतुर्दशी है या वैशाख अमावस, आज कौन सा व्रत है, प्रदोष व्रत का पारण कब होगा

Aaj Kya hai 16 April 2026: बहुत से लोग आज की तिथि, व्रत आदि की जानकारी देख रहे हैं। हिंदी कैलेंडर से जानें कि आज क्या है, आज चतुर्दशी है या वैशाख अमावस्या।

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आज क्या है, आज चतुर्दशी है या वैशाख अमावस्या

Aaj Kya hai 16 April 2026 (क्या आज वैशाख अमावस्या है): हिंदू पंचांग के अनुसार 16 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई लोगों के मन में सवाल है कि आज चतुर्दशी है या अमावस्या (Vaishakh Amavasya), कौन सा व्रत रखा जा रहा है और प्रदोष व्रत का पारण कब करना चाहिए। आइए आसान भाषा में समझते हैं आज की तिथि, व्रत और शुभ समय से जुड़ी पूरी जानकारी।

आज 16 अप्रैल की तिथि और वार

पंचांग के अनुसार आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह तिथि भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष मानी जाती है। चतुर्दशी के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

हालांकि आज अमावस्या नहीं है। वैशाख अमावस्या कल यानी 17 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी, क्योंकि अमावस्या तिथि रात में शुरू हो रही है।

वैशाख अमावस्या 2026 तिथि कब से कब तक रहेगी

ज्योतिष गणना के अनुसार वैशाख अमावस्या तिथि प्रारंभ 16 अप्रैल 2026 को रात लगभग 8:11 बजे से होगा। वहीं वैशाख अमावस्या तिथि का समापन 17 अप्रैल 2026 शाम करीब 5:21 बजे होगा। हिंदू धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व होता है। इसलिए अमावस्या का स्नान, दान, पितृ तर्पण और पूजा 17 अप्रैल को करना अधिक शुभ माना जाएगा।

आज 16 अप्रैल का व्रत

आज प्रदोष व्रत का पारण होगा। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में शिव पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। पारण से पहले भगवान शिव का स्मरण करना, दीप जलाना और प्रसाद ग्रहण करना शुभ माना जाता है। पारण हमेशा शांत मन और श्रद्धा के साथ करना चाहिए। मान्यता है कि सही विधि से पारण करने पर व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

वैशाख अमावस्या का धार्मिक महत्व

वैशाख अमावस्या को पितरों के निमित्त अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दिन स्नान-दान, तिल तर्पण और जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान करने से पितृ दोष शांत होने की मान्यता है। गंगा स्नान या किसी पवित्र नदी में स्नान विशेष फलदायी माना जाता है। जो लोग पितरों की शांति के लिए उपाय करना चाहते हैं, उनके लिए यह दिन खास अवसर माना जाता है।

आज 16 अप्रैल का आध्यात्मिक संदेश

16 अप्रैल का दिन हमें संयम, श्रद्धा और आत्मचिंतन की प्रेरणा देता है। चतुर्दशी की शिव भक्ति और आने वाली अमावस्या की साधना मिलकर यह संदेश देती है कि जीवन में नकारात्मकता का अंत और नई शुरुआत हमेशा संभव है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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